{"_id":"119-55110","slug":"Badaun-55110-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेंगते रहे दौड़ने वाले वाहन"}
रेंगते रहे दौड़ने वाले वाहन
Badaun
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। गुरुवार को बरेली-बदायूं के बीच सफर करने वाले मुसाफिरों के पसीने छूट गए। आम तौर पर एक-सवा घंटे में पूरा होने वाले 50 किलोमीटर के इस सफर में चार घंटे से ज्यादा लगे। वजह बनी वाहन चालकों की नासमझी और लापरवाही। जगह-जगह जाम लगा और वाहन 10 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से रेंगे। पुलिस की लापरवाही के चलते जाम में फंसे यात्री एक-दूसरे से नोकझोंक करते नजर आए।
बरेली-बदायूं के बीच तीन रेलवे क्रासिंग हैं। पहला जाम प्वाइंट बना लाल फाटक। ट्रेन आने पर कुछ देर को फाटक बंद क्या हुआ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। आगे निकलने की जल्दी में छोटे वाहन विपरीत दिशा से आए तो जाम लग गया। जाम में वे बहनें भी शामिल थी, जिन्हें भाई का तिलक करने पहुंचना था। पुलिस के आने पर जाम खुला तो रामगंगा पर फिर एक जाम। यहां श्रद्धालुओं का रेला थमने का नाम नहीं ले रहा था। पुल पर जबरदस्त जाम के चलते यात्री फंसे रहे। कोढ़ में खाज बना एक ट्रक जो बीच पुल पर खराब हो गया। काफी देर बाद रास्ता खुलवाया जा सका।
वाहन रेंगते हुए कुछ आगे बढ़े तो बिनावर पुलिया पर उन्हें घंटों जूझना पड़ा। फिर विनावर क्रासिंग पर परेशानियां उठानी पड़ीं। यहां के बाद नगला चौकी के पास भी कुछ देर जाम रहा।
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एक तो जाम ऊपर से धक्का परेड
घंटों जाम से परेशान यात्रियों को उसमें फंसी रोडवेज बसों को स्टार्ट कराने के लिए धक्का भी लगाना पड़ा। एक चालक की मानें तो बदायूं डिपो की 28 बसों को धक्का लगाकर ही स्टार्ट करना पड़ता है।
रोडवेज के अरमानों पर पानी
घंटों जाम लगने से रोडवेज की कमाई पर तो असर पड़ा ही वहीं अधिक फेरे न लगा पाने से चालक-परिचालक भी प्रोत्साहन राशि पाने से वंचित रह गए।
भैयादूज के उल्लास में जाम का ग्रहण
कई हाइवे पर थमे रहे वाहनों के पहिये, मुसाफिर हलकान
बदायूं। भैयादूज का उल्लास लचर ट्रैफिक व्यवस्था की भेंट चढ़ गया। शहर तो शहर राजमार्गों पर भी पूरे दिन जाम की स्थिति रही। रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर वाहन चालक तो दूर पैदल राहगीरों का निकलना भी दूभर हो गया था।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही भाई-बहनों का रेला बस-अड्डों की ओर उमड़ने लगा था। बसों और ट्रेनों में मुसाफिरों की भारी भीड़ रही। जहां-तहां रुककर सवारियां बैठा रहे डग्गामार वाहनों के कारण बिल्सी, बिसौली और दातागंज मार्ग पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही।
भूख-प्यास से आकुल हुए बच्चे
जाम में फंसी बसों में बड़े तो जैसे-तैसे अपना समय काट रहे थे लेकिन बच्चे भूख-प्यास से आकुल थे। खासतौर पर निर्जन स्थान पर जाम लगने से ऐसे हालात पैदा हुए।
डग्गामार वाहनों की रही चांदी
अलापुर। भैया दूज पर डग्गामार वाहन चालकों ने मनमाफिक किराया वसूला। तांगे, टैंपो, जुगाड़ वाहन भी भरे नजर आए। गांव म्याऊ, जगत, सखानू, इस्लामगंज और उनौला स्टैंड पर जाम की स्थिति बनी रही।
जाम खुलवाने को पुलिस ने भांजी लाठियां, कई घायल
बिसौली। भैया दूज पर वाहनों के बढ़ने से बृहस्पतिवार को चंदौसी-बदायूं मार्ग पर जाम लग गया। लगभग दो किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। जाम खुलवाने में सफलता नहीं मिलने पर पुलिस को आखिर में लाठियां भांजनी पड़ी। बाइक के पीछे बैठी महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इससे वहां भगदड़ मच गई। आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारु हुआ। पुलिस चौकी के सामने और मुंसिफी के पास रोड पर मिठाई बेचने वालों के टैंट लगे होने से भी जाम की समस्या उत्पन्न हुई। उधर इंस्पेक्टर एके राघव ने बताया कि रोड साफ करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। किसी भी व्यक्ति के घायल होने की बात गलत है।
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बरेली-बदायूं के बीच तीन रेलवे क्रासिंग हैं। पहला जाम प्वाइंट बना लाल फाटक। ट्रेन आने पर कुछ देर को फाटक बंद क्या हुआ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। आगे निकलने की जल्दी में छोटे वाहन विपरीत दिशा से आए तो जाम लग गया। जाम में वे बहनें भी शामिल थी, जिन्हें भाई का तिलक करने पहुंचना था। पुलिस के आने पर जाम खुला तो रामगंगा पर फिर एक जाम। यहां श्रद्धालुओं का रेला थमने का नाम नहीं ले रहा था। पुल पर जबरदस्त जाम के चलते यात्री फंसे रहे। कोढ़ में खाज बना एक ट्रक जो बीच पुल पर खराब हो गया। काफी देर बाद रास्ता खुलवाया जा सका।
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वाहन रेंगते हुए कुछ आगे बढ़े तो बिनावर पुलिया पर उन्हें घंटों जूझना पड़ा। फिर विनावर क्रासिंग पर परेशानियां उठानी पड़ीं। यहां के बाद नगला चौकी के पास भी कुछ देर जाम रहा।
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एक तो जाम ऊपर से धक्का परेड
घंटों जाम से परेशान यात्रियों को उसमें फंसी रोडवेज बसों को स्टार्ट कराने के लिए धक्का भी लगाना पड़ा। एक चालक की मानें तो बदायूं डिपो की 28 बसों को धक्का लगाकर ही स्टार्ट करना पड़ता है।
रोडवेज के अरमानों पर पानी
घंटों जाम लगने से रोडवेज की कमाई पर तो असर पड़ा ही वहीं अधिक फेरे न लगा पाने से चालक-परिचालक भी प्रोत्साहन राशि पाने से वंचित रह गए।
भैयादूज के उल्लास में जाम का ग्रहण
कई हाइवे पर थमे रहे वाहनों के पहिये, मुसाफिर हलकान
बदायूं। भैयादूज का उल्लास लचर ट्रैफिक व्यवस्था की भेंट चढ़ गया। शहर तो शहर राजमार्गों पर भी पूरे दिन जाम की स्थिति रही। रोडवेज और प्राइवेट बस स्टैंड पर वाहन चालक तो दूर पैदल राहगीरों का निकलना भी दूभर हो गया था।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही भाई-बहनों का रेला बस-अड्डों की ओर उमड़ने लगा था। बसों और ट्रेनों में मुसाफिरों की भारी भीड़ रही। जहां-तहां रुककर सवारियां बैठा रहे डग्गामार वाहनों के कारण बिल्सी, बिसौली और दातागंज मार्ग पर पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही।
भूख-प्यास से आकुल हुए बच्चे
जाम में फंसी बसों में बड़े तो जैसे-तैसे अपना समय काट रहे थे लेकिन बच्चे भूख-प्यास से आकुल थे। खासतौर पर निर्जन स्थान पर जाम लगने से ऐसे हालात पैदा हुए।
डग्गामार वाहनों की रही चांदी
अलापुर। भैया दूज पर डग्गामार वाहन चालकों ने मनमाफिक किराया वसूला। तांगे, टैंपो, जुगाड़ वाहन भी भरे नजर आए। गांव म्याऊ, जगत, सखानू, इस्लामगंज और उनौला स्टैंड पर जाम की स्थिति बनी रही।
जाम खुलवाने को पुलिस ने भांजी लाठियां, कई घायल
बिसौली। भैया दूज पर वाहनों के बढ़ने से बृहस्पतिवार को चंदौसी-बदायूं मार्ग पर जाम लग गया। लगभग दो किमी लंबी वाहनों की लाइन लग गई। जाम खुलवाने में सफलता नहीं मिलने पर पुलिस को आखिर में लाठियां भांजनी पड़ी। बाइक के पीछे बैठी महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। इससे वहां भगदड़ मच गई। आधा घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद यातायात सुचारु हुआ। पुलिस चौकी के सामने और मुंसिफी के पास रोड पर मिठाई बेचने वालों के टैंट लगे होने से भी जाम की समस्या उत्पन्न हुई। उधर इंस्पेक्टर एके राघव ने बताया कि रोड साफ करने के लिए हल्का बल प्रयोग किया गया था। किसी भी व्यक्ति के घायल होने की बात गलत है।