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दबतरा स्टेशन पर डाका, तोड़फोड़ और फायरिंग
Badaun
Updated Mon, 15 Oct 2012 12:00 PM IST
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बिसौली/दबतोरी। हथियारबंद नकाबपोश बदमाशों ने रविवार तड़के लगभग चार बजे दबतरा रेलवे स्टेशन पर धावा बोल दिया। स्टेशन मास्टर और टोकन पोर्टर की पिटाई कर बदमाश तिजोरी में रखा लगभग 57 हजार कैश और एक मोबाइल फोन लूट ले गए। विरोध करने पर बदमाशों ने फायरिंग की। इसमें टोकन पोर्टर बाल-बाल बचा। भागते समय वह कंट्रोल फोन की लीड भी तोड़कर ले गए।
डकैती की यह घटना उस वक्त हुई जब चंडीगढ़ से लखनऊ जा रही हावड़ा-अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस यहां से गुजर रही थी। आगरा-बरेली पैसेंजर को भी 4.19 पर यहां आना था। इस ट्रेन का यहां हाल्ट है। संयोग से ट्रेन डेढ़ घंटा लेट थी। ट्रेन 5.58 पर यहां पहुंची। अगर ट्रेन समय पर आती तो इसके भी लुटने का अंदेशा था। इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्टेशन मास्टर की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ बरेली जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
लखनऊ-दिल्ली रेलमार्ग पर दबतोरा रेलवे स्टेशन पर जब यह सनसनीखेज वारदात हुई, उस समय ड्यूटी पर स्टेशन मास्टर खचेड़ू सिंह और टोकन पोर्टर संजय कुमार तैनात थे। छह हथियारबंद बदमाश पूछताछ के बहाने केबिन खुलवाकर भीतर दाखिल हो गए। उनके कुछ साथी बाहर निगरानी करते रहे। अंदर घुसते ही बदमाशों ने स्टेशन मास्टर और टोकन पोर्टर को गनप्वाइंट पर बंधक बना लिया और टिकट बिंडो तोड़कर तिजोरी की चाबी हथिया ली। बदमाशों ने तिजोरी में रखे दो दिन के टिकटों की बिक्री के 57 हजार 495 रुपये और स्टेशन मास्टर का मोबाइल सेट लूट लिया। विरोध जताने पर स्टाफ को बटों से पीटकर घायल कर दिया। बदमाशों ने फायरिंग भी की, जिसमें टोकन पोर्टर बाल-बाल बचा। गोली वहां रखी केतली में लगी। लगभग 20 मिनट तक लूटपाट करने के बाद लगभग 4.20 पर बदमाश पास के जंगल की ओर भाग गए। स्टेशन मास्टर ने बताया कि गिरोह की भाषा साधारण थी। इससे जाहिर है कि गिरोह आसपास का ही था।
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घटना के दो घंटे बाद मुरादाबाद के एसएसपी जीआरपी आरके भारद्वाज, सीनियर डीएससी आरपीएफ मुरादाबाद मंडल रफीक अहमद, बरेली जीआरपी के सीओ इंदू प्रभा सिंह समेत फील्ड यूनिट के तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। इलाके के कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वर्जन--------
घटना के खुलासे को चार टीमें गठित की हैं। लोकल पुलिस का भी सहयोग ले रहे हैं। मैं खुद इस मामले की मॉनीटरिंग कर रहा हूं। जल्द ही वर्कआउट कर देंगे। -आरके भारद्वाज, एसएसपी, जीआरपी मुरादाबाद
वर्जन-------------
स्टेशन पर सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ है। इसके अलावा ट्रेनों में भी स्टाफ रहता है। रात में बिजली न होने पर जेनेरेटर से सप्लाई की जाती है। मुसाफिरों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है।
-एसपी कश्यप, स्टेशन अधीक्षक
घटना के समय नहीं थे सुरक्षाकर्मी
वारदात के समय स्टेशन पर जीआरपी या आरपीएफ का कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। इस चूक के बाबत जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी जिम्मेदारी की गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंक रहे हैं। बरेली जीआरपी सीओ इंदुप्रभा सिंह के मुताबिक बरेली जीआरपी सिसरका स्टेशन पर अपने जवानों से सुरक्षा कराती है। यहीं से दोनों स्टेशनों की सुरक्षा की जाती है। वहीं आरपीएफ के मंडल प्रभारी रफीक अहमद का कहना है कि यह जिम्मेदारी जीआरपी की है। आरपीएफ को कोई ड्यूटी का आदेश नहीं है।
चार बदमाश ट्रेस, गिरफ्तारी को छापे
मुरादाबाद। दबतरा स्टेशन पर डकैती डालने वाला गैंग ट्रेस का लिया गया है। वारदात में लोकल गैंग शामिल है, जिनमें से चार के चेहरे जीआरपी के सामने बेनकाब हो चुके हैं। यह गैंग अभी करीब एक महीना पहले ही जेल से बाहर आया है और पिछले दिनों इस गैंग ने दबतरा कस्बे में भी वारदात की थी। गैंग ट्रेस होने के बाद एसपी रेल के नेतृत्व में जीआरपी और बरेली व बदायूं जिला पुलिस की संयुक्त टीमाें ने बदमाशों की तलाश में ताबड़तोड़ छापामारी शुरू कर दी है।
मौके पर मिले सुरागाें और सर्विलांस के जरिए की गई पड़ताल से जीआरपी और पुलिस की संयुक्त टीमों को यह सफलता मिली है। घटना के बाद से ही एसपी रेल आरके भारद्वाज दबतरा स्टेशन पर डेरा डाले हैं। उन्होंने बताया कि हम वारदात में शामिल गैंग को ट्रेस कर चुके हैं। चार बदमाशों के चेहरे बेनकाब हो गए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए मुरादाबाद से एसओजी, बरेली जीआरपी इंचार्ज, एसओ बदायूं, एसओ बरेली, एसओजी बदायूं को लगाया गया है।
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डकैती की यह घटना उस वक्त हुई जब चंडीगढ़ से लखनऊ जा रही हावड़ा-अमृतसर इंटरसिटी एक्सप्रेस यहां से गुजर रही थी। आगरा-बरेली पैसेंजर को भी 4.19 पर यहां आना था। इस ट्रेन का यहां हाल्ट है। संयोग से ट्रेन डेढ़ घंटा लेट थी। ट्रेन 5.58 पर यहां पहुंची। अगर ट्रेन समय पर आती तो इसके भी लुटने का अंदेशा था। इस मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। स्टेशन मास्टर की तहरीर पर अज्ञात बदमाशों के खिलाफ बरेली जीआरपी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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लखनऊ-दिल्ली रेलमार्ग पर दबतोरा रेलवे स्टेशन पर जब यह सनसनीखेज वारदात हुई, उस समय ड्यूटी पर स्टेशन मास्टर खचेड़ू सिंह और टोकन पोर्टर संजय कुमार तैनात थे। छह हथियारबंद बदमाश पूछताछ के बहाने केबिन खुलवाकर भीतर दाखिल हो गए। उनके कुछ साथी बाहर निगरानी करते रहे। अंदर घुसते ही बदमाशों ने स्टेशन मास्टर और टोकन पोर्टर को गनप्वाइंट पर बंधक बना लिया और टिकट बिंडो तोड़कर तिजोरी की चाबी हथिया ली। बदमाशों ने तिजोरी में रखे दो दिन के टिकटों की बिक्री के 57 हजार 495 रुपये और स्टेशन मास्टर का मोबाइल सेट लूट लिया। विरोध जताने पर स्टाफ को बटों से पीटकर घायल कर दिया। बदमाशों ने फायरिंग भी की, जिसमें टोकन पोर्टर बाल-बाल बचा। गोली वहां रखी केतली में लगी। लगभग 20 मिनट तक लूटपाट करने के बाद लगभग 4.20 पर बदमाश पास के जंगल की ओर भाग गए। स्टेशन मास्टर ने बताया कि गिरोह की भाषा साधारण थी। इससे जाहिर है कि गिरोह आसपास का ही था।
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घटना के दो घंटे बाद मुरादाबाद के एसएसपी जीआरपी आरके भारद्वाज, सीनियर डीएससी आरपीएफ मुरादाबाद मंडल रफीक अहमद, बरेली जीआरपी के सीओ इंदू प्रभा सिंह समेत फील्ड यूनिट के तमाम अफसर मौके पर पहुंच गए। इलाके के कई संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
वर्जन--------
घटना के खुलासे को चार टीमें गठित की हैं। लोकल पुलिस का भी सहयोग ले रहे हैं। मैं खुद इस मामले की मॉनीटरिंग कर रहा हूं। जल्द ही वर्कआउट कर देंगे। -आरके भारद्वाज, एसएसपी, जीआरपी मुरादाबाद
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स्टेशन पर सुरक्षा के लिए जीआरपी और आरपीएफ है। इसके अलावा ट्रेनों में भी स्टाफ रहता है। रात में बिजली न होने पर जेनेरेटर से सप्लाई की जाती है। मुसाफिरों की सुविधा और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाता है।
-एसपी कश्यप, स्टेशन अधीक्षक
घटना के समय नहीं थे सुरक्षाकर्मी
वारदात के समय स्टेशन पर जीआरपी या आरपीएफ का कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद नहीं था। इस चूक के बाबत जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारी जिम्मेदारी की गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंक रहे हैं। बरेली जीआरपी सीओ इंदुप्रभा सिंह के मुताबिक बरेली जीआरपी सिसरका स्टेशन पर अपने जवानों से सुरक्षा कराती है। यहीं से दोनों स्टेशनों की सुरक्षा की जाती है। वहीं आरपीएफ के मंडल प्रभारी रफीक अहमद का कहना है कि यह जिम्मेदारी जीआरपी की है। आरपीएफ को कोई ड्यूटी का आदेश नहीं है।
चार बदमाश ट्रेस, गिरफ्तारी को छापे
मुरादाबाद। दबतरा स्टेशन पर डकैती डालने वाला गैंग ट्रेस का लिया गया है। वारदात में लोकल गैंग शामिल है, जिनमें से चार के चेहरे जीआरपी के सामने बेनकाब हो चुके हैं। यह गैंग अभी करीब एक महीना पहले ही जेल से बाहर आया है और पिछले दिनों इस गैंग ने दबतरा कस्बे में भी वारदात की थी। गैंग ट्रेस होने के बाद एसपी रेल के नेतृत्व में जीआरपी और बरेली व बदायूं जिला पुलिस की संयुक्त टीमाें ने बदमाशों की तलाश में ताबड़तोड़ छापामारी शुरू कर दी है।
मौके पर मिले सुरागाें और सर्विलांस के जरिए की गई पड़ताल से जीआरपी और पुलिस की संयुक्त टीमों को यह सफलता मिली है। घटना के बाद से ही एसपी रेल आरके भारद्वाज दबतरा स्टेशन पर डेरा डाले हैं। उन्होंने बताया कि हम वारदात में शामिल गैंग को ट्रेस कर चुके हैं। चार बदमाशों के चेहरे बेनकाब हो गए हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए मुरादाबाद से एसओजी, बरेली जीआरपी इंचार्ज, एसओ बदायूं, एसओ बरेली, एसओजी बदायूं को लगाया गया है।