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हकीकत में बदला धमकियां, उजड़े दो परिवार

Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
Badaun
Badaun Updated Fri, 29 Jun 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। आखिर वही हुआ जिसका डर था, आए दिन गोली मारने की धमकी देने वाले निहित ने बृहस्पतिवार को अपनी धमकी को सच कर दिखाया। इस घटना से मयंक और निहित दोनों के परिवार उजड़ गए। मयंक की पत्नी की मौत हो गई तो निहित हत्या के मुकदमे में फंस गया जिसे आज नहीं तो कल जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ेगा। मां की हत्या का दृश्य देखने के बाद 14 वर्षीय मेहुल और 6 वर्षीय लक्ष्य सहमे हुए हैं। आरोपी के भाई अमित रस्तोगी ने बताया कि झगड़ा होने पर निहित हमेशा गोली मारने की धमकी देता था।
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डॉ. वाणी की पुत्री मेहुल ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि वह अपने जिस चाचा की गोद में खेलकर पली-बढ़ी है, एक दिन वही व्यक्ति उसके सिर से मां का आंचल छीन लेगा। यहां तक कि उसे यतीम करने के लिए पिता पर भी जानलेवा हमला करने से नहीं चूकेगा। गोली लगने के बाद डॉ. वाणी फर्श पर पड़ी छटपटा रही थीं, कुछ देर बाद परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए और मृत घोषित करने के साथ ही डॉक्टर ने शव को मोरचरी में रखवा दिया।
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लगभग आधे घंटे बाद उसके पिता समेत परिवार के लोग घर पहुंचे तो उनकी मां साथ में नहीं थीं, मम्मी की तबीयत कैसी है बच्चों ने यह पूछना चाहा लेकिन घर का माहौल देखने के बाद उन्हें मामला समझते देर न लगी। इसके बाद सहमे हुए दोनों बच्चे एक कमरे में जाकर बैठ गए।
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आरोपी बढ़ाता जा रहा था फैसले की रकम
मयंक ने बताया कि घर के बंटवारे का विवाद वर्ष 2009 से चल रहा था। बाद में निहित से फैसला हुआ, इसके तहत उसने अपने हिस्से का घर खाली करने के 12 लाख रुपये मांगे थे। मार्च 2010 में इंद्रेश चंद्र, मयंक और उनके छोटे भाई अमित ने मिलकर पांच लाख रुपये उसे बतौर अग्रिम भुगतान सौंप दिए थे, शेष रुपये बाद में देने को कहा। मयंक ने बताया कि निहित फैसले में तय रकम लगातार बढ़ाता रहा। दो दिन पूर्व विवाद कोतवाली पहुंचा तो निहित ने अपने हिस्से का घर खाली करने के लिए 30 लाख रुपये की मांग की। परिवार के लोगों ने इसे भी स्वीकार कर लिया लेकिन उसने बृहस्पतिवार की सुबह घटना को अंजाम दे डाला।
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