बंदी के दिन भी गुलजार रहा बाजार

Badaun Updated Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
बदायूं। रविवार को बाजार बंदी का दिन है, लेकिन इस दिन भी तमाम दुकानें खुली रहती हैं। रविवार कोे भी यही हाल रहा। दुकानें खुलने से तमाम मजदूरों को आराम नहीं मिल पाया। इस बंदी का पालन कराने वाला श्रम प्रवर्तन महकमा खुद सोया हुआ है। यही कारण है कि हर संडे को भी बाजार खुल रहा है।
रविवार को शहर के मुख्य बाजार, पुराना बाजार में कई दुकानें खुली रहीं। छह सड़का बाजार पूरी तरह गुलजार रहा। यहां एक-दो दुकानों के ही शटर गिरे मिले। देखने में लग ही नहीं रहा था कि बंदी का दिन है। घंटाघर, हलवाई चौक, चूना मंडी, टिकटगंज में भी दुकानें खुली रहीं। कई दुकानदारों ने तो पूरा सामान बाहर नहीं लगाया था। उन्हें विभाग के अफसरों का भी डर था। कुछ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि संडे को उन्हीं दुकानदारों के प्रतिष्ठान खुले रहते हैं जिनका विभाग से तालमेल होता है। महकमे के अफसर छापामार कार्रवाई भी करते हैं तो पहले उन दुकानदारों को भनक लग जाती है, जो दुकानदार बंदी के दिन साफ-सफाई के उद्देश्य से दुकान खोलते हैं उनका चालान कर अफसर कागजी कोरम पूरा कर लेते हैं।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी केके सिंह का कहना है कि कुछ दुकानदारों ने बंदी छूट का लाइसेंस ले रखा है। उनकी दुकानें ही खुलती हैं,बाकी नहीं।

Spotlight

Related Videos

VIDEO: पुराने अंदाज में लौटीं सपना चौधरी, स्टेज पर लगाई आग

सपना चौधरी ने एक बार फिर अपने देसी स्टाइल से लोगों का दिल जीत लिया है। सपना चौधरी ने दिल्ली में एक इवेंट के दौरान बॉलीवुड गानों के साथ साथ अपने हरियाणवी गानों पर भी ठुमके लगाए। आप भी देखिए

19 जुलाई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen