{"_id":"1-41073","slug":"Badaun-41073-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में दस माह से ठप है अल्ट्रासाउंड "}
जिला अस्पताल में दस माह से ठप है अल्ट्रासाउंड
Badaun
Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
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बदायूं। जिला अस्पताल में मरीजों को दस माह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं मिल पा रही है। इससे मरीज प्राइवेट अस्पतालों में दौड़ लगा रहे हैं। यह जांच कराने में असमर्थ मरीजों का दर्द कम नहीं हो पा रहा है। क्योंकि अस्पताल के चिकित्सक रोग नहीं पकड़ पा रहे हैं। जिला अस्पताल के अफसरों का कहना है कि रेडियोलोजिस्ट का पद रिक्त चल रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया है।
विदित हो कि पिछले साल अगस्त माह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद हो गई थी। इस पद पर तैनात चिकित्सक सेवानिवृत हो गए थे। उसके बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। इस कक्ष के दस माह से ताला लटका हुआ है। हर दिन मरीज इस कक्ष के बाहर लाइन लगाकर खड़े होते हैं कि उनका नंबर आएगा, पर कक्ष नहीं खुलने पर वह मायूस लौट जाते हैं। एक्स-रे की सुविधा भी कभी मिलती है तो कभी नहीं।
उसावां से आए विनीत शर्मा, बिनावर के मातादीन, शेखूपुर के श्यौदान का कहना है कि तीन दिन से अल्ट्रासाउंड के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वह नहीं हो पा रहा है। पेट में तकलीफ है। दर्द कम होने की बजाय बढ़ रहा है। चिकित्सक भी यही कहते हैं कि अल्ट्रासाउंड से ही मर्ज पकड़ में आएगा। इसलिए वह जो दवाएं दे रहे हैं वह लग नहीं रही हैं। जगत ब्लाक के इरफान का कहना है कि पेट में पथरी बताई जा रही है, लेकिन उसके आकार का पता नहीं लग पा रहा है। हर दिन दर्द उठता है। अफसर डॉक्टर की तैनाती न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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सीएमएस डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि दस माह से अस्पताल में कोई रेडियोलोजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। एक्स-रे की सुविधा मिल रही है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा तभी मिल पाएगी जब रेडियोलोजिस्ट यहां आ जाएंगे।
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विदित हो कि पिछले साल अगस्त माह से अल्ट्रासाउंड की सुविधा बंद हो गई थी। इस पद पर तैनात चिकित्सक सेवानिवृत हो गए थे। उसके बाद से यह पद रिक्त चल रहा है। इस कक्ष के दस माह से ताला लटका हुआ है। हर दिन मरीज इस कक्ष के बाहर लाइन लगाकर खड़े होते हैं कि उनका नंबर आएगा, पर कक्ष नहीं खुलने पर वह मायूस लौट जाते हैं। एक्स-रे की सुविधा भी कभी मिलती है तो कभी नहीं।
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उसावां से आए विनीत शर्मा, बिनावर के मातादीन, शेखूपुर के श्यौदान का कहना है कि तीन दिन से अल्ट्रासाउंड के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन वह नहीं हो पा रहा है। पेट में तकलीफ है। दर्द कम होने की बजाय बढ़ रहा है। चिकित्सक भी यही कहते हैं कि अल्ट्रासाउंड से ही मर्ज पकड़ में आएगा। इसलिए वह जो दवाएं दे रहे हैं वह लग नहीं रही हैं। जगत ब्लाक के इरफान का कहना है कि पेट में पथरी बताई जा रही है, लेकिन उसके आकार का पता नहीं लग पा रहा है। हर दिन दर्द उठता है। अफसर डॉक्टर की तैनाती न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
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सीएमएस डॉ. नरेंद्र कुमार का कहना है कि दस माह से अस्पताल में कोई रेडियोलोजिस्ट की तैनाती नहीं हुई है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। एक्स-रे की सुविधा मिल रही है। अल्ट्रासाउंड की सुविधा तभी मिल पाएगी जब रेडियोलोजिस्ट यहां आ जाएंगे।