{"_id":"119-107602","slug":"Badaun-107602-119","type":"story","status":"publish","title_hn":"पगडंडी के रास्ते चल रहे कार और बाइक"}
पगडंडी के रास्ते चल रहे कार और बाइक
Badaun
Updated Thu, 04 Dec 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उझानी (बदायूं)। बरेली-मथुरा हाईवे पर पीडब्ल्यूडी ने भैंसोर और दहेमू पुलिया का निर्माण तो शुरू करा दिया है, लेकिन छोटे वाहनों को निकलने के लिए वैकल्पिक रास्ता नहीं बनाया है। कार और बाइक सवार कटरी में पगडंडी के रास्ते निकलने को मजबूर हैं। रेता के गुबार के बीच बुधवार को बाइक सवार जहां लुढ़क गया। वहीं सड़क पर पहुंचने की कोशिश में कार और ट्रैक्टर फंस गए।
निमार्णाधीन दहेमू और भैंसोर पुलिया के दोनों ओर कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से पिछले आठ-नौ दिन से बाइक और कार सवार लोगों को किस कदर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उसका एक नमूना बुधवार को देखने को मिला। दहेमू पुलिया के पास टैक्टर, कार और कई बाइक फंसी मिली। बाइक सवार राजाराम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को वैकल्पिक रास्ता बनाना चाहिए था। बाइक सवार तो कटरी के रास्ते गंतव्य की ओर जाने से पहले ही चढ़ाई पर लुढ़क पड़ते हैं।
हाईवे पर होकर आगरा, मथुरा, अलीगढ़ आदि आने-जाने के लिए छोटे वाहनों की आवाजाही अधिक है। हालांकि रोडवेज बसों और ट्रक आदि के लिए वाया वितरोई और मुजरिया होकर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है, लेकिन बाहर के ज्यादातर लोगों को इसका पता भी नहीं चल पाया है। बता दें कि पीडब्ल्यूडी ने पिछले दिनों करीब 10 लाख रुपये की लागत से दोनों पुलिया का निर्माण शुरू कराया है
विज्ञापन
दहेमू और भैंसोर पुलिया के आसपास वैकल्पिक रास्ते की आवश्यकता नहीं थी। रूट डायवर्जन लागू हो चुका है। वैसे, ऐसे हालात में वैकल्पिक रास्ता तभी बनाया जाता है जब दूर तक कोई रोड न हो। -डीएस कौशल, पीडब्ल्यूडी के जेई।
विज्ञापन
निमार्णाधीन दहेमू और भैंसोर पुलिया के दोनों ओर कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं होने से पिछले आठ-नौ दिन से बाइक और कार सवार लोगों को किस कदर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उसका एक नमूना बुधवार को देखने को मिला। दहेमू पुलिया के पास टैक्टर, कार और कई बाइक फंसी मिली। बाइक सवार राजाराम ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को वैकल्पिक रास्ता बनाना चाहिए था। बाइक सवार तो कटरी के रास्ते गंतव्य की ओर जाने से पहले ही चढ़ाई पर लुढ़क पड़ते हैं।
विज्ञापन
हाईवे पर होकर आगरा, मथुरा, अलीगढ़ आदि आने-जाने के लिए छोटे वाहनों की आवाजाही अधिक है। हालांकि रोडवेज बसों और ट्रक आदि के लिए वाया वितरोई और मुजरिया होकर रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है, लेकिन बाहर के ज्यादातर लोगों को इसका पता भी नहीं चल पाया है। बता दें कि पीडब्ल्यूडी ने पिछले दिनों करीब 10 लाख रुपये की लागत से दोनों पुलिया का निर्माण शुरू कराया है
विज्ञापन
दहेमू और भैंसोर पुलिया के आसपास वैकल्पिक रास्ते की आवश्यकता नहीं थी। रूट डायवर्जन लागू हो चुका है। वैसे, ऐसे हालात में वैकल्पिक रास्ता तभी बनाया जाता है जब दूर तक कोई रोड न हो। -डीएस कौशल, पीडब्ल्यूडी के जेई।