फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Young Chinese college going women opposing girls day and reclaim International Women's Day and the feminist values as it was founded on

चीन: ‘गर्ल्स डे’ के खिलाफ युवतियों ने छेड़ी मुहिम, बताया लिंगभेदी चुटकुलों और कटाक्ष का मौका

Tue, 09 Mar 2021 04:27 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 09 Mar 2021 04:27 PM IST
सार

चीन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले यानी सात मार्च को बालिका दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत 1990 के दशक में शानदोंग यूनिवर्सिटी में हुई...

विज्ञापन
Young Chinese college going women opposing girls day and reclaim International Women's Day and the feminist values as it was founded on
young women on Chinese college campuses are fighting to reclaim International Women’s Day and the feminist values - फोटो : sixthtone

विस्तार

चीन में बालिका दिवस (गर्ल्स डे) मनाने के चलन को खत्म करने की मांग खुद लड़कियों ने उठाई है। इस बार अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर युवतियों की तरफ से इस मकसद के लिए चलाए गए अभियान ने सबका ध्यान खींचा। चीन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस से एक दिन पहले यानी सात मार्च को बालिका दिवस मनाया जाता है। चीनी मीडिया में छपी रिपोर्टों के मुताबिक इसकी शुरुआत 1990 के दशक में शानदोंग यूनिवर्सिटी में हुई।

विज्ञापन


वहां छात्राओं ने खुद को महिला कहे जाने पर तब आपत्ति की थी। उन्हें शिकायत थी कि इस शब्द से ऐसा लगता है कि वे उम्रदराज हैं। तब गर्ल्स डे की शुरुआत हुई। लेकिन अब इसको लेकर युवतियों की समझ बदल गई है। इसे समाज में महिला अधिकारों को लेकर बढ़ी चेतना का संकेत बताया गया है।
विज्ञापन


अब युवतियों को शिकायत है कि यह दिन लिंगभेदी लतीफों और कटाक्ष का मौका बन गया है। उनका कहना है कि यह दिवस उनके अधिकारों की रक्षा के बजाय परंपरागत लैंगिक भूमिकाओं पर जोर देने का प्रतीक बन चुका है। मसलन, हाल के वर्षों में छात्रों ने गर्ल्स डे के मौके कई जगहों पर ऐसे बैनर लगाए, जिनमें युवतियों के माता-पिता को संबोधित कर गया कि ‘आज हम गर्ल्स डे मना रहे हैं, लेकिन जल्द ही आपको हमारे लिए फादर्स डे मनाना होगा।’
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसी टिप्पणियों से परेशान छात्राओं ने कुछ साल पहले गर्ल्स डे का विरोध शुरू कर दिया था। 2019 में चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ पॉलिटिकल साइंस एंड लॉ की एक छात्रा ने गर्ल्स डे पर कैंपस में लगाए गए एक बैनर को जला दिया। ये घटना देश भर में खूब चर्चित हुई। उधर उसी वर्ष शानदोंग यूनिवर्सिटी में लगाए गए लिंगभेदी बैनरों के आगे खड़ा होकर छात्राओं ने खड़े होकर कहा कि ‘यह यौन उत्पीड़न है।’ यह अभियान इस साल और तेज हो गया है।

शंघाई की वेबसाइट सिक्स्थटोन.कॉम में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग की छात्रा जोअने ने इस साल गर्ल्स डे पर दो पोस्टर तैयार किए। इनमें एक पर लिखा था- ‘परफ्यूम और लिपस्टिक के बजाय हम समानता, आजादी, आत्म-निर्भरता और सम्मान को तरजीह देती हैं।’ दूसरे पोस्टर पर लिखा गया- ‘उपभोक्तावाद के जाल में फंसने से बचें, भेदभाव को अस्वीकार करें और ये दिन वापस महिलाओं को लौटा दें।’ ये दोनों पोस्टर ट्विटर जैसे चीन के अपने माइक्रोब्लॉगिंग प्लैटफॉर्म वीबो पर वायरल हो गए।

जोअने ने कहा कि उनका अभियान महिला दिवस को कलंकित करने वाली समझ के खिलाफ है। उम्र को लेकर शर्मिंदा होने का मतलब महिला अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली उन महिलाओं का अपमान है, जिन्होंने समान काम के लिए समान वेतन और गर्भपात का अधिकार पाने के लिए कड़ा संघर्ष किया। जोअने ने कहा कि गर्ल्स डे पर लगाए जाने वाले पोस्टरों में महिलाओं को सेक्स ऑब्जेक्ट के रूप में पेश किया जाता है या ऐसा बताया जाता है कि महिलाएं हमेशा पुरुषों पर निर्भर रहेंगी। इससे हम खुद को अपमानित महसूस करती हैं।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक गर्ल्स डे एक ऐसा मौका बन कर रह गया है, जिस रोज छात्र अपनी सहपाठी छात्राओं को फूल और दूसरे उपहार देते हैं। एक छात्रा ने एक सोशल मीडिया साइट पर लिखा- मेरी राय में खूबसूरत बात यह होगी कि समाज महिलाओं के योगदान को स्वीकार करे। लेकिन जब हम बैनरों पर अनुचित भाषा देखते हैं, तो जाहिर होता है कि लैंगिक समानता हासिल करने के लिए अभी हमें लंबा सफर तय करना है।


समाजशास्त्रियों का कहना है कि गर्ल्स डे के खिलाफ छिड़ा अभियान चीन की महिलाओं में लगातार बढ़ी जागरूकता की निशानी है। इससे पता चलता है कि आज की पीढ़ी की युवतियां पुरानी समझ और स्टीरियोटाइप्स को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed