फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   World Updates Nigeria PAK Afghanistan Gaza west asia russia ukraine tension china nepal bangladesh polity news

वर्ल्ड डायरी: नेपाल में भूकंप के झटकों से फिर हिली धरती, 4.2 तीव्रता का महसूस हुआ कंपन; नुकसान की खबर नहीं

Sun, 25 Oct 2026 06:35 AM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sun, 25 Oct 2026 06:35 AM IST
विज्ञापन
World Updates Nigeria PAK Afghanistan Gaza west asia russia ukraine tension china nepal bangladesh polity news
विदेश की समाचार सुर्खियां - फोटो : अमर उजाला

पश्चिमी अफ्रीकी देश नाइजीरिया के उत्तर-पूर्वी ताराबा राज्य के एक गांव में हुए हमले में बंदूकधारियों ने 40 लोगों की हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को कहा कि बंदूकधारियों के बड़े समूह ने बिन्नारी गांव पर यह हमला किया था। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने दुकानों से खाने-पीने का सामान लूट लिया। उत्तरी नाइजीरिया में भारी हथियारों से लैस आपराधिक गिरोहों के हमलों में भारी वृद्धि हुई है, जो गांवों में छापे मारते हैं, फिरौती के लिए स्थानीय निवासियों का अपहरण करते हैं और मवेशी चुराते हैं।

विज्ञापन

अफगानिस्तान आतंकवादियों पर कार्रवाई करे, पाकिस्तान की मांग
पाकिस्तान ने शनिवार को अफगानिस्तान की तालिबान सरकार से अपने क्षेत्र से संचालित आतंकवादियों पर कार्रवाई मांगी। उसने काबुल के इस दावे को खारिज किया कि इस्लामाबाद अपनी सुरक्षा विफलताओं का दोष मढ़ रहा है। पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने एक्स हैंडल पर जारी बयान में उन आरोपों को खारिज किया कि वह अफगानों को तालिबान से लड़ने हेतु हथियार दे रहा है। पूर्व अमेरिकी दूत ज़ल्मय खलीलज़ाद ने ऐसी रिपोर्टों का हवाला दिया था। अफगान तालिबान प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने कहा, काबुल पाकिस्तान में असुरक्षा के लिए जिम्मेदार नहीं है। उन्होंने पाकिस्तानी सैन्य एजेंसियों पर घर में सुरक्षा विफल रहने पर दोषारोपण का आरोप लगाया। पाकिस्तान काबुल पर तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) को पनाह देने का आरोप लगाता है। मंत्रालय ने सीमा पार घुसपैठ और विदेशी हथियारों की बरामदगी जैसी सुरक्षा चिंताओं का हवाला दिया। जनवरी से पाकिस्तान में 2,800 से अधिक आतंकवादी हमलों में 3,000 लोग मारे गए।

विज्ञापन

Trending Videos

गाजा में फंडिंग रुकी, खाद्य संकट पांच लाख लोग होंगे प्रभावित
गाजा में युद्धविराम के बावजूद मानवीय संकट खत्म नहीं हुआ है। अब धन की कमी के कारण संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को फलस्तीनी क्षेत्र में जीवनरक्षक खाद्य सहायता में भारी कटौती करनी पड़ रही है। इससे सहायता पाने वाले लोगों की संख्या 16 लाख से घटकर 11 लाख रह जाएगी। सामुदायिक रसोई से रोजाना मिलने वाले गर्म भोजन की संख्या भी ढाई लाख से घटाकर डेढ़ लाख की जाएगी। यह कटौती ऐसे समय में हो रही है, जब सर्दियां करीब हैं और बड़ी संख्या में विस्थापित परिवार भोजन, आवास तथा बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व खाद्य कार्यक्रम ने स्पष्ट किया है कि सहायता में कटौती का कारण धन की कमी है, न कि जरूरतों में गिरावट या राहत सामग्री पहुंचाने में असमर्थता। एजेंसी को अगले छह महीने तक अपने महत्वपूर्ण अभियान जारी रखने के लिए 450 मिलियन डॉलर की तत्काल जरूरत है।
विज्ञापन

सूरीनाम : दिवाली से समृद्ध हो रही भारतीय संस्कृति
भारत से हजारों मील दूर दक्षिण अमेरिका के पूर्वोत्तरी तट पर स्थित एक छोटा सा डच-भाषी देश सूरीनाम भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और हिंदी भाषा के संरक्षण की एक अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। सूरीनाम में अभी से दिवाली का उत्साह दिखने लगा है। साथ ही साल भर रामचरितमानस की चौपाइयां यहां गूंजती हैं, जबकि इस देश पर डच भाषा का पूरा प्रभाव है। नीदरलैंड के औपनिवेशिक प्रभाव के कारण यहां की आधिकारिक भाषा डच है लेकिन घर घर में यहां सरनामी हिंदी बोली जाती है। इसके बावजूद हनुमान चालीसा और दिवाली-होली के पर्व सूरीनाम की राष्ट्रीय जीवनशैली में गहराई से रचे-बसे हैं। 5 जून 1873 को लल्ला रूख नामक समुद्री जहाज से भारतीय गिरमिटिया श्रमिका का पहला जत्था रारामारिबो पहुंचा और आज यहां प्रवासी समुदाय में यूपी, पूर्वांचल और बिहार के मूल निवासियों का पूरा विस्तार दिखाई देता है। अवधी, भोजपुरी, मगही से जन्मी सरनामी सूरीनाम में हिंदी के मेलजोल वाली सरनामी भाषा का जन्म अवधी, भोजपुरी, मगही और स्थानीय डच व क्रेओल भाषाओं के अनूठे मिश्रण से हुआ। यह आज भी यहां के भारतीय समुदाय की मातृभाषा है है और बड़ी संख्या में लोग इसे समझते हैं।

विज्ञापन

भारत-उज्बेकिस्तान का द्विपक्षीय रिश्तों को मजबूत करने पर जोर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर व उज्बेकिस्तान के उनके समकक्ष बख्तियार सैदोव ने अजरबैजान की राजधानी बाकू में हुई बैठक के दौरान द्विपक्षीय एजेंडे के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। अगस्त में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच 11 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए थे। जयशंकर शुक्रवार को द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के लिए अजरबैजान में थे। उन्होंने अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव से मुलाकात की और विदेश मंत्री जेयहुन बैरामोव के साथ व्यापार, निवेश, ऊर्जा, पर्यटन और संपर्क के मुद्दों पर बातचीत की और द्विपक्षीय संबंध और मजबूत करने पर जोर दिया।

ट्रंप ने वोट डाला, ईरान युद्ध पर क्या बोले?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को मध्यावधि चुनावों में मतदान किया। उन्होंने फ्लोरिडा में सभी रिपब्लिकन उम्मीदवारों को वोट दिया। ट्रंप और मेलानिया ट्रंप वेस्ट पाम बीच स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचे। उन्होंने ओहियो के रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के विवादास्पद विज्ञापन का बचाव किया। ट्रंप ने अलास्का में अमेरिकी सीनेट दौड़ के प्रमाणन को रोकने के अपने फैसले का भी बचाव किया। ईरान युद्ध पर उन्होंने कहा, "मैं इसे खत्म कर सकता हूं या वे समझौता करेंगे, लेकिन हम जीतेंगे।" मेलानिया ट्रंप ने इस सप्ताह ओलेशकी में रूस और यूक्रेन के बीच मानवीय सहायता के लिए युद्धविराम कराया था। यूक्रेन यात्रा पर उन्होंने कहा, "हम देखेंगे।" ट्रंप ने फ्लोरिडा में रिपब्लिकन प्रतिनिधि बायरन डोनाल्ड्स और सीनेटर एशले मूडी का समर्थन किया।

उन कायरों ने सब बिगाड़ दिया: ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियन अमेरिका पर बरसे
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने शनिवार को सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने भाषण में अमेरिका को ईरान के साथ अंतरिम समझौते के नाकाम होने का जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि इस समझौते को पूरा करने के लिए एक बार फिर से कोशिश की जानी चाहिए। पेजेश्कियन ने कहा, हम बातचीत कर रहे थे, लेकिन उन कायरों (अमेरिकियों) ने सब कुछ बिगाड़ दिया... फिर भी मुझे लगता है कि हमें आगे बढ़कर इस समझौते को अंतिम रूप देना चाहिए। एक चुनावी रैली में कहा, हम एक और छोटा एपिक फ्यूरी कर सकते हैं। एपिक फ्यूरी उस ऑपरेशन का नाम है, जिसके तहत अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमला किया था। ताजा धमकी से भड़के ईरानी सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि अगर अमेरिका-इस्राइल मिलकर हमला करते है तो समुद्र के नीचे बिछी इंटरनेट केबल बर्बाद कर दी जाएगी इसके लिए ईरान ने पूरी तैयारी कर ली है।

बढ़ रहा खतरा... अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने किया आगाह
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का कहना है कि ईरान अमेरिकी नागरिकों और अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए हमले की तैयारी के उन्नत चरण में पहुंच गया है। खुफिया जानकारी के बाद अमेरिका ने पश्चिम एशिया में अपने सरकारी कर्मचारियों को हाई अलर्ट पर रखा है। साथ ही, क्षेत्र के दूतावासों व वाणिज्य दूतावासों में कर्मचारियों की संख्या भी घटा रहा है। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटन ने शुक्रवार को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को भेजे एक मेमो में ईरान से खतरे को लेकर आगाह किया। मेमो में कहा गया कि खुफिया एजेंसियों को ऐसी जानकारी मिली है, जिससे संकेत मिलता है कि ईरान ने अमेरिकी कर्मचारियों को निशाना बनाने की कोशिशें काफी बढ़ा दी हैं। ट्रंप प्रशासन ने शुक्रवार रात मेमो की पुष्टि की। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, पश्चिम एशिया और कई अन्य देशों में अमेरिकी नागरिकों के लिए खतरे का स्तर फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से सबसे ऊंचा माना जा रहा है।

पाकिस्तान ने ईरान के साथ सीमा क्रॉसिंग फिर से खोली
पाकिस्तान ने ईरान के साथ एक अहम सीमा क्रॉसिंग को फिर से खोल दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और आवाजाही दोबारा शुरू हो सकेगी। एक हफ्ते तक सीमा बंद रहने के कारण मालवाहक वाहन फंस गए थे, सप्लाई बाधित हो गई थी और सर्दियों से पहले एलपीजी की कमी को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। 'डॉन' अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में स्थित 'गाबद-रिमदान' क्रॉसिंग पर शनिवार को व्यापारिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गईं। सीमा अधिकारियों ने उन कमर्शियल खेपों को जाने की अनुमति दे दी, जिनके साथ 16 अक्तूबर या उससे पहले की तारीख वाले कंसाइनमेंट नोट (दस्तावेज) मौजूद थे।

ग्वादर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष मीर नवीद जान कलमाती ने पुष्टि की कि यह क्रॉसिंग, जिसे 'गेट 250' के नाम से भी जाना जाता है, फिर से खुल गई है। कलमाती ने कहा, 'पाकिस्तान ने ईरान के साथ गाबद-रिमदान सीमा को खोल दिया है और ट्रकों व अन्य वाहनों को आयात-निर्यात के सामान के साथ ईरान और पाकिस्तान के बीच आने-जाने की अनुमति दे दी है।'

नेपाल के बैतडी जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया
भूकंप निगरानी और अनुसंधान केंद्र के अनुसार, रविवार को नेपाल के बैतडी जिले में 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। अनुसंधान केंद्र ने बताया कि रविवार दोपहर को आए इस भूकंप का केंद्र नेपाल-भारत सीमा के पास, सुदूर पश्चिम प्रांत के बैतडी जिले का दिलासैनी इलाका था। भूकंप के झटके बैतडी और दार्चुला जिलों के आसपास के इलाकों में भी महसूस किए गए। हालांकि, अभी तक भूकंप से किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है। बता दें कि नेपाल में हर साल कई बार भूकंप आते हैं। यह देश सबसे सक्रिय टेक्टोनिक जोन (सिस्मिक जोन IV और V) में से एक में स्थित है, जिस वजह से हिमालयी देश नेपाल में भूकंप का खतरा बहुत अधिक रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed