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दुनिया की खबरें: मॉस्को के पास यूक्रेन के ड्रोन हमले, रूसी सेना ने कई मानवरहित विमानों को मार गिराया
Thu, 29 Oct 2026 03:03 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 29 Oct 2026 03:03 PM IST
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दुनिया की बड़ी खबरें
- फोटो : amar ujala graphics
रूस की राजधानी मॉस्को की ओर बढ़ रहे करीब 30 मानवरहित हवाई विमानों (यूएवी) को रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने नष्ट कर दिया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन ने रूसी मीडिया को यह जानकारी दी। मेयर ने बताया कि रोके गए ड्रोन के मलबे गिरने वाली जगहों पर आपातकालीन सेवाओं की टीमें काम कर रही हैं।
रूसी समाचार वेबसाइट इजवेस्टिया के अनुसार, नई वायु रक्षा प्रणालियों के कारण यूक्रेनी सशस्त्र बलों को अपने ड्रोन के रास्ते बदलने पड़ रहे हैं। ये प्रणालियां हवाई लक्ष्यों को रोकने से पहले ही विरोधी पक्ष की रणनीति को प्रभावित करने में सक्षम हैं। इससे पहले 15 ड्रोन को नष्ट किए जाने के बाद राजधानी की ओर बढ़ रहे 10 अन्य ड्रोन को भी वायु रक्षा प्रणालियों ने रोक लिया।
इस बीच, रूस की संघीय हवाई परिवहन एजेंसी रोसावियात्सिया ने क्षेत्र के चार प्रमुख हवाई अड्डों में से तीन पर उड़ानों को लेकर प्रतिबंध लगा दिए। इनमें वनुकोवो, डोमोडेडोवो और झुकोवस्की हवाई अड्डे शामिल हैं। झुकोवस्की में प्रतिबंध हटा लिए गए हैं, जबकि अन्य दो हवाई अड्डों पर अस्थायी पाबंदियां अभी लागू हैं। कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को क्षेत्र के निवासियों ने राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित नारो-फोमिंस्क शहर के पास कई धमाकों की आवाज सुनने की जानकारी दी।
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रूसी समाचार वेबसाइट इजवेस्टिया के अनुसार, नई वायु रक्षा प्रणालियों के कारण यूक्रेनी सशस्त्र बलों को अपने ड्रोन के रास्ते बदलने पड़ रहे हैं। ये प्रणालियां हवाई लक्ष्यों को रोकने से पहले ही विरोधी पक्ष की रणनीति को प्रभावित करने में सक्षम हैं। इससे पहले 15 ड्रोन को नष्ट किए जाने के बाद राजधानी की ओर बढ़ रहे 10 अन्य ड्रोन को भी वायु रक्षा प्रणालियों ने रोक लिया।
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इस बीच, रूस की संघीय हवाई परिवहन एजेंसी रोसावियात्सिया ने क्षेत्र के चार प्रमुख हवाई अड्डों में से तीन पर उड़ानों को लेकर प्रतिबंध लगा दिए। इनमें वनुकोवो, डोमोडेडोवो और झुकोवस्की हवाई अड्डे शामिल हैं। झुकोवस्की में प्रतिबंध हटा लिए गए हैं, जबकि अन्य दो हवाई अड्डों पर अस्थायी पाबंदियां अभी लागू हैं। कीव इंडिपेंडेंट की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉस्को क्षेत्र के निवासियों ने राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित नारो-फोमिंस्क शहर के पास कई धमाकों की आवाज सुनने की जानकारी दी।
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इस्राइल में यहूदी-अरब सरकार बनाने की मांग को लेकर तेल अवीव समेत कई जगहों पर प्रदर्शन
इस्राइल में यहूदी-अरब सरकार बनाने की मांग को लेकर सैकड़ों लोगों ने तेल अवीव, यरुशलम और हाइफा में प्रदर्शन किया। इस्राइली दैनिक समाचार पत्र हारेत्ज के अनुसार, यरुशलम के पेरिस स्क्वायर, तेल अवीव के मेसिला पार्क और हाइफा के यूनेस्को स्क्वायर में करीब 300 लोग जुटे।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ऐसे पोस्टर ले रखे थे, जिन पर "नदी से समुद्र तक सभी के लिए आजादी" और "यहूदी-अरब सरकार के समर्थन में" जैसे नारे लिखे थे। हारेत्ज के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के जरिए लोगों ने समावेशी शासन व्यवस्था की मांग उठाई। इस बीच, इस्राइल में अहम राजनीतिक मुकाबले के लिए मतगणना जारी रही। केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों और टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, चुनावी समीकरण काफी करीबी बने हुए हैं।
स्थानीय समयानुसार रात 11:35 बजे तक के आंशिक आंकड़ों के मुताबिक, 97.5 प्रतिशत मतदान केंद्रों के 90 प्रतिशत वोटों की गिनती के आधार पर बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन वाले गठबंधन को 53 सीटें मिली थीं, जबकि विरोधी गठबंधन 48 सीटों पर आगे था।
इस्राइल में यहूदी-अरब सरकार बनाने की मांग को लेकर सैकड़ों लोगों ने तेल अवीव, यरुशलम और हाइफा में प्रदर्शन किया। इस्राइली दैनिक समाचार पत्र हारेत्ज के अनुसार, यरुशलम के पेरिस स्क्वायर, तेल अवीव के मेसिला पार्क और हाइफा के यूनेस्को स्क्वायर में करीब 300 लोग जुटे।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में ऐसे पोस्टर ले रखे थे, जिन पर "नदी से समुद्र तक सभी के लिए आजादी" और "यहूदी-अरब सरकार के समर्थन में" जैसे नारे लिखे थे। हारेत्ज के मुताबिक, इन प्रदर्शनों के जरिए लोगों ने समावेशी शासन व्यवस्था की मांग उठाई। इस बीच, इस्राइल में अहम राजनीतिक मुकाबले के लिए मतगणना जारी रही। केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से जारी शुरुआती आंकड़ों और टाइम्स ऑफ इस्राइल की रिपोर्ट के अनुसार, चुनावी समीकरण काफी करीबी बने हुए हैं।
स्थानीय समयानुसार रात 11:35 बजे तक के आंशिक आंकड़ों के मुताबिक, 97.5 प्रतिशत मतदान केंद्रों के 90 प्रतिशत वोटों की गिनती के आधार पर बेंजामिन नेतन्याहू के समर्थन वाले गठबंधन को 53 सीटें मिली थीं, जबकि विरोधी गठबंधन 48 सीटों पर आगे था।
हांगकांग में भीषण आग की जांच के बाद आवास सचिव ने दिया इस्तीफा, निगरानी में लापरवाही आई सामने
हांगकांग के नेता जॉन ली ने गुरुवार को माफी मांगी और बताया कि शहर में दशकों की सबसे भीषण आग की जांच में नियामकीय निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद आवास सचिव विनी हो ने इस्तीफा दे दिया है। पिछले साल नवंबर में उत्तरी उपनगरीय इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट परिसर की सात इमारतों में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 168 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए थे।
वांग फुक कोर्ट परिसर के कई पूर्व निवासी करीब एक साल से इस इंतजार में हैं कि सरकार इस त्रासदी के लिए जवाबदेही कैसे तय करेगी। इस हादसे में लोगों ने अपने प्रियजनों के साथ अपने घर भी खो दिए थे। आग लगने के समय इमारतों में मरम्मत का काम चल रहा था।
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में जॉन ली और सात अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने झुककर माफी मांगी। ली ने कहा कि आवास सचिव विनी हो को इस मामले में राजनीतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए, हालांकि जांच में उनके किसी व्यक्तिगत गलत काम का पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि विनी हो ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था।
जांच के दौरान एक स्वतंत्र समिति ने पाया कि आवास ब्यूरो की स्वतंत्र जांच इकाई इमारतों की मरम्मत के काम की निगरानी करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही। यह समिति आग से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच से अलग काम कर रही थी। इस मामले में सात लोगों और दो कंपनियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। इनमें गैर इरादतन हत्या और धोखाधड़ी की साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
हांगकांग के नेता जॉन ली ने गुरुवार को माफी मांगी और बताया कि शहर में दशकों की सबसे भीषण आग की जांच में नियामकीय निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद आवास सचिव विनी हो ने इस्तीफा दे दिया है। पिछले साल नवंबर में उत्तरी उपनगरीय इलाके में स्थित एक अपार्टमेंट परिसर की सात इमारतों में भीषण आग लग गई थी। इस हादसे में 168 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि हजारों लोग बेघर हो गए थे।
वांग फुक कोर्ट परिसर के कई पूर्व निवासी करीब एक साल से इस इंतजार में हैं कि सरकार इस त्रासदी के लिए जवाबदेही कैसे तय करेगी। इस हादसे में लोगों ने अपने प्रियजनों के साथ अपने घर भी खो दिए थे। आग लगने के समय इमारतों में मरम्मत का काम चल रहा था।
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में जॉन ली और सात अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने झुककर माफी मांगी। ली ने कहा कि आवास सचिव विनी हो को इस मामले में राजनीतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए, हालांकि जांच में उनके किसी व्यक्तिगत गलत काम का पता नहीं चला है। उन्होंने बताया कि विनी हो ने बुधवार को इस्तीफा दे दिया था।
जांच के दौरान एक स्वतंत्र समिति ने पाया कि आवास ब्यूरो की स्वतंत्र जांच इकाई इमारतों की मरम्मत के काम की निगरानी करने की अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही। यह समिति आग से जुड़े आपराधिक मामलों की जांच से अलग काम कर रही थी। इस मामले में सात लोगों और दो कंपनियों के खिलाफ आरोप तय किए गए हैं। इनमें गैर इरादतन हत्या और धोखाधड़ी की साजिश जैसे आरोप शामिल हैं।
कांगो: इबोला के खिलाफ जागरूकता फैलाने में जुटे गांव के मुखिया, बीमारी से अपने परिवार के चार सदस्यों को खोया
पूर्वी कांगो में अपने परिवार के सदस्यों को इबोला से संक्रमित होने के बाद बीमार पड़ते देख अल्फोंस बिन किटोबी अचौ ताइबो उन्हें जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करते थे। लेकिन उनके परिजन आरोप लगाते थे कि वह उन्हें मरने के लिए अस्पताल ले जा रहे हैं और वहां जाने से इनकार कर देते थे। बाकोंबे-बकोंडो गांव के मुखिया अचौ ताइबो इस स्थिति से बेहद परेशान थे। उनका गांव उत्तरी किवु प्रांत के बेनी शहर के बाहरी इलाके में स्थित है। यह इलाका इबोला के तेजी से फैलते प्रकोप के प्रमुख केंद्रों में से एक है।
अचौ ताइबो ने बताया, “मुझे जल्द ही एहसास हो गया कि अब हम पूरे परिवार को खोने के खतरे में हैं।” आखिरकार उन्होंने इबोला से अपने परिवार के चार सदस्यों को खो दिया। उनके विस्तारित परिवार के 11 अन्य सदस्य भी संक्रमित हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद वे ठीक हो गए। अचौ ताइबो के मुताबिक, इस इलाके में इबोला को लेकर फैला अविश्वास उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती था। यहां कई लोग इबोला की तुलना जहर से करते हैं, जबकि कुछ स्थानीय पादरी इसे बुरी आत्माओं से जोड़ते हैं। इस तरह के पूर्वाग्रहों के कारण लोगों को बीमारी के लक्षण सामने आने पर उनकी जानकारी देने और इलाज कराने के लिए राजी करना मुश्किल हो गया है। यह ऐसा समुदाय है, जो वर्षों से हिंसा और बार-बार फैलने वाली बीमारियों का सामना कर रहा है।
पूर्वी कांगो में अपने परिवार के सदस्यों को इबोला से संक्रमित होने के बाद बीमार पड़ते देख अल्फोंस बिन किटोबी अचौ ताइबो उन्हें जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल पहुंचाने की कोशिश करते थे। लेकिन उनके परिजन आरोप लगाते थे कि वह उन्हें मरने के लिए अस्पताल ले जा रहे हैं और वहां जाने से इनकार कर देते थे। बाकोंबे-बकोंडो गांव के मुखिया अचौ ताइबो इस स्थिति से बेहद परेशान थे। उनका गांव उत्तरी किवु प्रांत के बेनी शहर के बाहरी इलाके में स्थित है। यह इलाका इबोला के तेजी से फैलते प्रकोप के प्रमुख केंद्रों में से एक है।
अचौ ताइबो ने बताया, “मुझे जल्द ही एहसास हो गया कि अब हम पूरे परिवार को खोने के खतरे में हैं।” आखिरकार उन्होंने इबोला से अपने परिवार के चार सदस्यों को खो दिया। उनके विस्तारित परिवार के 11 अन्य सदस्य भी संक्रमित हुए, लेकिन अस्पताल पहुंचाए जाने के बाद वे ठीक हो गए। अचौ ताइबो के मुताबिक, इस इलाके में इबोला को लेकर फैला अविश्वास उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती था। यहां कई लोग इबोला की तुलना जहर से करते हैं, जबकि कुछ स्थानीय पादरी इसे बुरी आत्माओं से जोड़ते हैं। इस तरह के पूर्वाग्रहों के कारण लोगों को बीमारी के लक्षण सामने आने पर उनकी जानकारी देने और इलाज कराने के लिए राजी करना मुश्किल हो गया है। यह ऐसा समुदाय है, जो वर्षों से हिंसा और बार-बार फैलने वाली बीमारियों का सामना कर रहा है।
अमेरिका ने रवांडा के रक्षा मंत्रालय पर लगाए प्रतिबंध, पूर्वी कांगो संघर्ष में दखल का आरोप
अमेरिका ने पूर्वी कांगो में जारी संघर्ष में रवांडा की भूमिका को लेकर उसके रक्षा मंत्रालय पर प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की शांति की कोशिशों के बावजूद कांगो की सरकार और रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है। ये प्रतिबंध पिछले साल के अंत में वाशिंगटन में कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी और रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे के बीच हुए शांति समझौते के बाद लगाए गए हैं। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए थे।
हालांकि, अब तक इन कोशिशों का जमीनी हालात पर बहुत कम असर पड़ा है और संघर्ष जारी है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि वह रवांडा के रक्षा मंत्रालय पर प्रतिबंध लगा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, रवांडा ने पूर्वी कांगो के उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में हजारों सैनिक तैनात किए हैं। ये सैनिक एम23 के साथ मिलकर अभियान चलाते हैं और इस सशस्त्र समूह को सैन्य उपकरण, जरूरी सामान, लॉजिस्टिक मदद और प्रशिक्षण मुहैया कराते हैं।
बयान में कहा गया कि रवांडा के अधिकारियों ने युद्ध के मैदान में आधुनिक हथियार भी तैनात किए हैं। इनमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां और संचार बाधित करने वाले उपकरण शामिल हैं। इससे पूर्वी कांगो में नागरिक विमानों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। एम23 उन करीब 100 सशस्त्र समूहों में से एक है, जो रवांडा की सीमा से लगे खनिज संपदा से भरपूर पूर्वी कांगो में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। दशकों से जारी इस संघर्ष ने दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है।
अमेरिका ने पूर्वी कांगो में जारी संघर्ष में रवांडा की भूमिका को लेकर उसके रक्षा मंत्रालय पर प्रतिबंध लगा दिए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की शांति की कोशिशों के बावजूद कांगो की सरकार और रवांडा समर्थित एम23 विद्रोहियों के बीच लड़ाई जारी है। ये प्रतिबंध पिछले साल के अंत में वाशिंगटन में कांगो के राष्ट्रपति फेलिक्स त्शिसेकेदी और रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे के बीच हुए शांति समझौते के बाद लगाए गए हैं। इस समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में हस्ताक्षर किए गए थे।
हालांकि, अब तक इन कोशिशों का जमीनी हालात पर बहुत कम असर पड़ा है और संघर्ष जारी है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान में कहा कि वह रवांडा के रक्षा मंत्रालय पर प्रतिबंध लगा रहा है। मंत्रालय के मुताबिक, रवांडा ने पूर्वी कांगो के उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु प्रांतों में हजारों सैनिक तैनात किए हैं। ये सैनिक एम23 के साथ मिलकर अभियान चलाते हैं और इस सशस्त्र समूह को सैन्य उपकरण, जरूरी सामान, लॉजिस्टिक मदद और प्रशिक्षण मुहैया कराते हैं।
बयान में कहा गया कि रवांडा के अधिकारियों ने युद्ध के मैदान में आधुनिक हथियार भी तैनात किए हैं। इनमें सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणालियां और संचार बाधित करने वाले उपकरण शामिल हैं। इससे पूर्वी कांगो में नागरिक विमानों की सुरक्षा को खतरा पैदा हो गया है। एम23 उन करीब 100 सशस्त्र समूहों में से एक है, जो रवांडा की सीमा से लगे खनिज संपदा से भरपूर पूर्वी कांगो में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। दशकों से जारी इस संघर्ष ने दुनिया के सबसे बड़े मानवीय संकटों में से एक को जन्म दिया है।