World: 'गाजा के भविष्य को लेकर रोमांचित'- अमेरिका; कुत्ते की तस्करी के आरोप में भारतीय मूल के व्यक्ति को जेल
अंतरराष्ट्रीय छात्रों में दहशत, सैकड़ों को देश से निकाले जाने का डर
अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सख्त नीतियों के कारण छात्रों में दहशत का माहौल है। अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों को डर है कि वीज़ा रद्द किए जाने के बाद उन्हें देश से निकाला जा सकता है। खबरों के मुताबिक बीते 90 से अधिक कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के कम से कम 600 छात्रों के वीजा रद्द कर दिए गए हैं। आव्रजन मामलों से जुड़े वकीलों के पास सैकड़ों छात्र फोन करके बता रहे हैं कि उनके वीजा की अवधि कानूनी रूप से समाप्त कर दी गई है। किसी भी छात्र ने निर्वासन योग्य अपराध नहीं किया है, लेकिन घबराए हुए अंतरराष्ट्रीय छात्र आगे की कार्रवाई के बारे में जानना चाह रहे हैं। बहुत से छात्र भारत और चीन से हैं।
टैरिफ वार पर तनातनी और चीन के कड़ा रुख अपनाने के बीच अमेरिका ने कहा कि व्यापार वार्ता के लिए गेंद अब चीन के पाले में है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लैविट ने भारतीय समय के अनुसार देर रात कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के साथ व्यापार वार्ता करना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए पहला कदम चीन को बढ़ाना होगा। लैविट ने कहा, गेंद चीन के पाले में है। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते की जरूरत चीन को है, हमें नहीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही बहुत साफ कर दिया है कि वह चीन से समझौते के लिए तैयार हैं। लेविट ने कहा, कई प्रशासनिक अधिकारी बता चुके हैं कि अमेरिका अलग-अलग देशों के साथ कई वार्ताएं कर चुका है। उन्होंने कहा, 'हमने 15 से अधिक सौदे किए हैं, प्रस्तावों जिन पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। अमेरिका से 75 से ज्यादा देशों ने संपर्क किया है। इसलिए अभी बहुत काम किया जाना बाकी है...हम बहुत जल्द कुछ सौदों की घोषणा कर सकते हैं।
#WATCH | Washington DC, US | Press Secretary Karoline Leavitt says, "...As you've heard from numerous administration officials, there have been many talks with countries. We've had more than 15 deals, pieces of paper put on the table and proposals that are actively being… pic.twitter.com/ynGC6EGYKI
— ANI (@ANI) April 15, 2025
एक पाकिस्तानी नागरिक के हमले में तेलंगाना के दो लोगों की मौत हो गई जबकि तीसरा घायल हो गया। दुबई में हुई इस वारदात के बाद दो पीड़ितों के परिवार ने मंगलवार को यह दावा किया और कहा कि पाकिस्तानी ने धार्मिक नारे लगाते हुए हमला किया था। पीड़ित एक बेकरी में काम करते थे। केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने हत्याओं पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की है और उनके पार्थिव शरीर को भारत लाने में मदद मांगी है। परिजनों ने बताया कि तीनों लोगों पर 11 अप्रैल को बेकरी में तलवार से हमला किया गया था। इसमें निर्मल जिले के सोन गांव के अष्टपु प्रेमसागर (35) और निजामाबाद के श्रीनिवास की मौत हो गई। निजामाबाद के ही रहने वाले सागर नामक तीसरा व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे उस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस बीच, रेड्डा ने कहा कि विदेश मंत्री ने उन्हें मदद का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय भी इस मामले में शीघ्र न्याय सुनिश्चित करने के लिए काम करेगा। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री बंडी संजय कुमार ने भी घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात की है और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी उनके संपर्क में हैं।
अमेरिका के मैसाचुसेट्स में संघीय जज इंदिरा तलवानी ने अस्थायी रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को बाइडन कालीन कार्यक्रम को खत्म करने से रोक दिया है। ये कार्यक्रम क्यूबा, हैती, निकारागुआ और वेनेजुएला के लाखों आप्रवासियों को पैरोल व काम का अधिकार देता था। तलवानी ने फैसला सुनाया कि चार देशों के प्रवासी अमेरिका में रह सकते हैं और कानूनी रूप से काम करने या समायोजन के लिए आवेदन करने के लिए सेवाएं पा सकते हैं। यह ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण को आतंकवाद के खिलाफ भारत और अमेरिका के बीच सहयोग का बेहतरीन उदाहरण बताया है। मंत्रालय की प्रवक्ता मार्गरेट मैकलियोड ने कहा, तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण आतंकवाद के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के सहयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है। 26/11 एक भयानक घटना थी और राणा को कानून का सामना करना चाहिए, और मुझे उम्मीद है कि यह सहयोग भविष्य में भी जारी रहेगा। अमेरिकी टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को उम्मीद है कि भारत के साथ एक अच्छा समझौता होगा जो न्याय और समानता के आधार पर व्यापार को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने अमेरिका में आव्रजन नियमों और निर्वासन प्रक्रियाओं के संबंध में भी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। अमेरिका से भारतीयों के निर्वासन के संबंध में, मैकलियोड ने कहा कि जो लोग अमेरिकी नियमों का पालन करते हैं, उन्हें चिंता करने की कोई बात नहीं है।
गाजा पट्टी में कुवैती फील्ड अस्पताल के पास इस्राइली सेना के हमले में डॉक्टर की मौत हो गई। हमले में कई लोग हताहत भी हुए हैं। बीते 18 महीने से जारी हिंसक संघर्ष में इस्राइली सेना अस्पतालों समेत कई शिविरों पर हमले कर चुकी है। सेना का आरोप है कि हमास अस्पतालों का इस्तेमाल छिपने के लिए कर रहा है। हालांकि, अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने इस्राइल पर नागरिकों की जान खतरे में डालने और गाजा की स्वास्थ्य प्रणाली को नष्ट करने का आरोप लगाया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक हमास के साथ युद्ध में मारे गए लोगों की संख्या 51,000 से अधिक हो चुकी है।
कुत्ते की तस्करी के आरोप में भारतीय मूल के व्यक्ति को जेल
'पश्चिम एशिया के भविष्य को लेकर रोमांचित'
बांग्लादेश पहुंचीं पाकिस्तान की विदेश सचिव अमना बलूच
पाकिस्तान और बांग्लादेश के बीच 15 साल बाद एक बार फिर से विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) की बातचीत होने जा रही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान की विदेश सचिव अमना बलूच बुधवार को बांग्लादेश पहुंचीं। ढाका एयरपोर्ट पर उनका स्वागत बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी इशरत जहां ने किया। गुरुवार को बलूच और बांग्लादेश के विदेश सचिव एम जशीम उद्दीन के बीच राजकीय अतिथि गृह 'पद्मा' में औपचारिक बातचीत होगी। अधिकारियों के मुताबिक, बातचीत के लिए कोई तय एजेंडा नहीं है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि दोनों पक्ष आपसी हितों से जुड़े सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा करेंगे।
ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता का दूसरा दौर रोम में होगा
ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बुधवार को पुष्टि की कि ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत का दूसरा दौर रोम में होगा। इससे पहले वार्ता की जगह को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यह बातचीत ओमान की मध्यस्थता में होगी, जैसे कि पिछले हफ्ते ओमान की राजधानी मस्कट में हुई थी। सोमवार को कई अधिकारियों ने कहा था कि वार्ता रोम में होगी। लेकिन मंगलवार सुबह ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बयान दिया कि बातचीत ओमान में होगी। अब ईरानी सरकारी टीवी ने साफ कर दिया है कि अगला दौर रोम में ही होगा।
भारत-बांग्लादेश को जोड़ सकता है पर्यटन और संस्कृति
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के सलाहकार सुप्रदीप चकमा ने भारत और बांग्लादेश के बीच लोगों के आपसी संबंध मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को खासकर सेवा और पर्यटन क्षेत्रों में मिलकर काम करना चाहिए ताकि न केवल संपर्क बढ़े, बल्कि राजनीतिक तनाव भी कम हो। चकमा ने कहा कि भारत के पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और असम जैसे राज्यों की भाषा और संस्कृति बांग्लादेश से काफी मेल खाती है। इसलिए बांग्लादेश के लोग इन राज्यों में आसानी से घुलमिल जाते हैं और उन्हें वहां जाना भी पसंद है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के पास एक बड़ा मध्यम वर्ग है जिसे विदेश घूमने की बजाय देश के भीतर और भारत जैसे करीबी देशों में घूमने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इससे स्थानीय पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और सेवा क्षेत्र मजबूत होगा। चकमा ने माना कि इस दिशा में अभी तक ज्यादा काम नहीं हुआ है, लेकिन अगर भारत और बांग्लादेश साथ मिलकर रणनीति बनाएं, तो दोनों देशों को आर्थिक और सामाजिक स्तर पर बड़ा फायदा हो सकता है।