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इस बारे में पेरू के बिशप सम्मेलन ने कहा कि ट्रुजिलो सूबा के आर्कबिशप मिगुएल कैबरेजोस की जगह जेसुइट बिशप गिल्बर्टो विज़कार्रा लेंगे। पोप के निर्णय का कोई कारण नहीं बताया गया।
पाकिस्तान-अफगानिस्तान में आईएस के प्रसार से चिंता : यूएन में अमेरिका
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र में कहा है कि वह अफगानिस्तान और पाकिस्तान में आतंकी गुट आईएसआईएस-के के साजिश रचने, हमले करने और भर्ती अभियान चलाने की क्षमताओं से चिंतित है। उसने कहा, आईएस और दुनिया भर के अन्य आतंकी समूहों का मुकाबला करना ट्रंप प्रशासन के लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमेरिका ने कहा, मध्य-एशिया में आईएस-के एक बड़ा वैश्विक खतरा पैदा कर रहे हैं। यूएन में अमेरिकी विशन में अंतरिम प्रभारी राजदूत डोरोथी शीया ने ‘आतंकी कृत्यों द्वारा अंतरराष्ट्रीय शांति-सुरक्षा के लिए खतरा’ विषय पर एक सत्र में यह टिप्पणी की। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र आतंकवाद-रोधी कार्यालय के अवर महासचिव व्लादिमीर वोरोनकोव ने भी कहा कि आईएस-के अफगानिस्तान और उससे परे एक महत्वपूर्ण खतरा बना हुआ है।
ब्रिटेन की ट्रेन में भारतवंशी महिला पर की गई नस्लीय टिप्पणी
टेक्सास के एल पासो में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भीषण आग लगी, 5 लोग घायल
रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने अमेरिकी नागरिक मार्क फोगेल की रिहाई के बाद बयान जारी किया। इसमें क्रेमलिन ने बताया कि रिहा किए गए अमेरिकी नागरिक मार्क फोगेल के बदले में एक रूसी नागरिक को रिहा कर दिया गया है।
ईरान और रूस के रिश्तों से बढ़ी सीरिया की चिंता
सीरिया के नए अंतरिम विदेश मंत्री असद अल-शिबानी ने बुधवार को कहा कि ईरान और रूस के साथ सीरिया के रिश्ते उनके देश के लिए एक खुला घाव बने हुए हैं, क्योंकि इन दोनों देशों ने लंबे गृहयुद्ध के दौरान राष्ट्रपति बशर अल-असद का समर्थन किया था।
बता दें कि दुबई, संयुक्त अरब अमीरात में हो रहे विश्व सरकारों के शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, अल-शिबानी ने रूस और ईरान से कुछ "सकारात्मक" संकेतों को स्वीकार किया, लेकिन विस्तार से कुछ नहीं बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार पश्चिमी देशों के साथ रिश्तों को सुधारने और सीरिया पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की कोशिश कर रही है, ताकि देश लंबे और विनाशकारी गृहयुद्ध के बाद पुनर्निर्माण शुरू कर सके।
साथ ही अल-शिबानी ने यह भी कहा, "सीरिया ने दशकों की निरंकुशता के बाद अपनी स्वतंत्रता और गरिमा को फिर से हासिल कर लिया है। यह शांति और शांति निर्माण के एक नए दौर की शुरुआत है। इस शिखर सम्मेलन में अल-शिबानी की उपस्थिति और उनके भाषण को महत्वपूर्ण माना गया, क्योंकि यह सीरिया के विद्रोहियों द्वारा दिसंबर में असद को अपदस्थ करने के बाद सीरिया के नए दोस्त बनाने के प्रयासों को दर्शाता है।