Updates: यूके में भारतवंशी नर्स पर हमला, पूर्व बांग्लादेशी सेना प्रमुख समेत 18 को जेल; ताइवान में चीनी घुसपैठ
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर-पश्चिम ब्रिटेन के ग्रेटर मैनचेस्टर स्थित रॉयल ओल्डहैम अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक नर्स पर कैंची से हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। वह अस्पताल की आपात चिकित्सा इकाई में रात्रि पाली में ड्यूटी कर रही थीं। मैनचेस्टर मैजिस्ट्रेट अदालत में नर्स का नाम अचम्मा चेरियन बताया गया। उन पर शनिवार रात हमला किया गया था। आरोपी रूमन हक (37) को गिरफ्तार कर लिया गया है।
हमले की वजह फिलहाल नहीं बताई गई है। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने कहा कि रूमन पर मंगलवार को हत्या का प्रयास और ब्लेड वाली वस्तु रखने का आरोप लगाया गया। उसे अगले महीने मैनचेस्टर क्राउन अदालत में पेश करने के लिए हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की तरफ से जारी बयान के अनुसार, पीड़िता 50 साल की हैं और उन्हें हमले में गंभीर चोट आई हैं। उनका इलाज चल रहा है। ब्रिटेन के स्वास्थ्य मंत्री वेस स्ट्रीटिंग ने कहा, वह नर्स के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करते हैं।
बांग्लादेश में पूर्व सेना प्रमुख समेत 18 को 12 साल की कैद
बांग्लादेश की विशेष अदालत ने बुधवार को पूर्व सेना प्रमुख हारुनुर रशीद और 18 अन्य लोगों को गबन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 12 साल कैद की सजा सुनाई और 4,500 करोड़ टका से अधिक का जुर्माना भी लगाया। रशीद बांग्लादेश के सम्मानित अफसर रहे हैं। जज मोहम्मद रबीउल आलम ने सभी पर एक साथ 4,515.57 करोड़ टका का जुर्माना लगाया, जो गबन की राशि से दोगुनी है। सेना से सेवानिवृत्त होने के कई साल बाद राशिद को डेस्टिनी समूह ने निदेशक के तौर पर भर्ती किया था, जबकि 2016 में मुकदमा शुरू होने के बाद से ही उन्हें जमानत मिल गई थी। डेस्टिनी समूह ने निवेशकों से 1,901 करोड़ टका जुटाया। इसमें से 1,861.45 करोड़ टका का गबन किया, जिसके परिणामस्वरूप आठ लाख निवेशकों को नुकसान उठाना पड़ा। राशिद ने 1996 से 2001 तक अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान सेना प्रमुख के रूप में कार्य किया था।
कांगो में ADF विद्रोहियों ने की 10 लोगों की हत्या
पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट से जुड़े चरमपंथी विद्रोहियों ने कम से कम 10 लोगों की हत्या कर दी। प्रांतीय संसद सदस्य डेविड सिकुली ने बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस्लामिक स्टेट से जुड़े एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेज (एडीएफ) के विद्रोहियों ने उत्तरी किवु प्रांत के लुबेरो क्षेत्र में माकोको गांव पर हमला किया। सिकुली ने बताया कि गांव में कोई कांगो सैनिक नहीं था, केवल स्थानीय लड़ाके थे, जिन्हें वाजालेंडो के नाम से जाना जाता है। सिकुली ने कांगो सरकार से अपील की कि वह कांगो और युगांडा की सेनाओं को संयुक्त अभियान चलाने की अनुमति दे, ताकि एडीएफ के प्रभाव वाले क्षेत्रों में कार्रवाई की जा सके।
स्पेसएक्स ने बुधवार को अमेरिकी और जापानी कंपनियों के लिए दो चंद्र लैंडर लॉन्च किए। नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से आधी रात को दो लैंडर एक रॉकेट से रवाना हुए। यह चंद्रमा पर जाने वाले निजी अंतरिक्ष यान की कतार में नवीनतम प्रयास है। पैसे बचाने के लिए इन दोनों लैंडरों ने सवारी साझा की। उड़ान के एक घंटे बाद, योजना के अनुसार, दोनों सही समय पर अलग हो गए और चंद्रमा की ओर अपने-अपने रास्ते अपनाए। टोक्यो स्थित कंपनी आईस्पेस का यह दूसरा प्रयास है। उनका पहला लैंडर दो साल पहले चंद्रमा पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस बार, लैंडर में एक रोवर भी है, जो चंद्रमा की मिट्टी को इकट्ठा करेगा और भविष्य के खोजकर्ताओं के लिए पानी और भोजन के स्रोतों का परीक्षण करेगा।
ताइवान की राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने बताया कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 विमान और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) के छह जहाज आज सुबह ताइवान के आसपास देखे गए। एमएनडी ने आगे बताया कि छह विमान मध्य रेखा को पार कर ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (एडीआईजेड) में घुस गए। एक्स पर एक पोस्ट साझा करते हुए, एमएनडी ने लिखा, 'ताइवान के आसपास 10 पीएलए विमान और 6 पीएलएएन जहाज आज सुबह 6 बजे (यूटीसी+8) तक देखे गए।' इसमें आगे कहा गया, '6 विमान मध्य रेखा को पार कर ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी एडीआईजेड में घुस गए। हमने स्थिति पर नजर रखी है और इसके अनुसार प्रतिक्रिया दी है।'
10 PLA aircraft and 6 PLAN vessels operating around Taiwan were detected up until 6 a.m. (UTC+8) today. 6 of the aircraft crossed the median line and entered Taiwan’s northern and southwestern ADIZ. We have monitored the situation and responded accordingly. pic.twitter.com/7Jb2xr9ZIK
— 國防部 Ministry of National Defense, ROC(Taiwan) 🇹🇼 (@MoNDefense) January 16, 2025
ताइवान-चीन मुद्दा ताइवान की संप्रभुता पर केंद्रित एक जटिल और दीर्घकालिक भू-राजनीतिक संघर्ष है। ताइवान, जिसे आधिकारिक तौर पर रिपब्लिक ऑफ चाइना (आरओसी) के नाम से जाना जाता है, अपनी सरकार, सेना और अर्थव्यवस्था का संचालन करता है, और एक वास्तविक स्वतंत्र राज्य के रूप में काम करता है। हालांकि, चीन ताइवान को एक अलग प्रांत मानता है और 'एक चीन' नीति पर जोर देता है, जो इस बात पर जोर देता है कि केवल एक चीन है, जिसकी राजधानी बीजिंग है। इसने दशकों से तनाव को बढ़ावा दिया है, खासकर चीनी गृह युद्ध (1945-1949) के बाद से, जब माओत्से तुंग के नेतृत्व वाली कम्युनिस्ट पार्टी ने मुख्य भूमि चीन पर नियंत्रण कर लिया था, तब आरओसी सरकार ताइवान में वापस चली गई थी।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन और रूस ने अपने संघर्ष को और बढ़ा दिया है, हाल के दिनों में दोनों देशों ने बड़े ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं। बता दें कि, नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष को तेजी से समाप्त करने की कसम खाई है। यूक्रेनी और रूसी अधिकारियों ने कहा, यूक्रेन ने रूस पर अपना 'सबसे बड़ा' हमला सोमवार से मंगलवार (स्थानीय समय) की रात को किया, जिसमें रूस के अंदर तक ड्रोन और मिसाइलों से हमला किया गया, जिसमें छह अमेरिकी निर्मित लंबी दूरी की एटीएसीएमएस बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं।
न्यूयॉर्क पुलिस विभाग (NYPD) ने कानून के उल्लंघन पर तेज गति से पीछा करने के अपने तरीके पर अंकुश लगाने का फैसला लिया है। पिछले वर्ष अधिकारियों की ऐसी कार्रवाई के दौरान 2,200 से अधिक घटनाओं में से लगभग एक-चौथाई मामले नुकसान पहुंचाने वाले रहे। इन मामलों में टक्कर, संपत्ति का नुकसान, शारीरिक क्षति या मौत जैसी बातें सामने आईं। कमिश्नर जेसिका टिश ने कहा कि 1 फरवरी से तेज गति से पीछा करने के तरीके पर अंकुश लगाया जाएगा। नई नीति के तहत वाहनों का पीछा केवल सबसे गंभीर और हिंसक अपराधों तक ही सीमित रहेगा। यातायात नियमों के उल्लंघन और अहिंसक या गैर संज्ञेय अपराध जैसे मामलों में पीछा करने पर रोक रहेगी।
पाकिस्तान के कुर्रम जिले में रसद आपूर्ति के लिए जा रहे 35 वाहनों के काफिले पर आतंकवादियों ने बृहस्पतिवार को रॉकेट से हमला कर दिया, जिसमें एक पाकिस्तानी सैनिक की मौत हो गई। जवाब में सुरक्षा बलों ने छह आतंकवादी भी मार गिराए। कुरर्म में पिछले साल नवंबर से ही शिया और सुन्नी जनजातियों के बीच सांप्रदायिक झड़पें हो रही हैं, जिसमें 130 लोगों की जान जा चुकी है। इस साल एक जनवरी को शांति समझौता हुआ था, लेकिन पाराचिनार को जोड़ने वाला मार्ग बंद रहा। जिला प्रशासन और पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को टाल शहर से 35 वाहनों का काफिला कुर्रम के पाराचिनार भेजा गया था। जैसे ही पहला वाहन बागान बाजार पहुंचा, काफिले पर रॉकेट और स्वचालित हथियारों से हमला किया गया। अतिरिक्त उपायुक्त शौकत अली के अनुसार, सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक सैनिक और छह आतंकवादी मारे गए। उन्होंने कहा कि हमले में चार सैनिक और 10 आतंकवादी भी घायल हुए हैं।