Updates: भारत आएंगे वेल्स के पहले भारतवंशी सांसद, बिहार से है नाता; नए श्रीलंकाई पीएम की नियुक्ति सोमवार को
कनाडा पुलिस ने ब्रैम्पटन स्थित मंदिर पर हुए हमले के आरोपी पुलिस अफसर को दोषमुक्त कर दिया है। हमले के बाद पुलिस अफसर हरिंदर सोही को खालिस्तानियों के साथ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने के बाद निलंबित कर दिया गया था। सोही पर सीधे तौर पर भीड़ में शामिल होकर ब्रैम्पटन में हिंदू सभा मंदिर परिसर में हिंसा का आरोप था। कनाडा की पील क्षेत्रीय पुलिस ने हरिंदर सोही को क्लीन चिट देते हुए कहा कि वायरल वीडियो में दिख रहा सोही उपद्रव नहीं बल्कि लोगों को शांत कराने की कोशिश कर रहा था। सोही प्रदर्शनकारियों से हथियार मांग रहा था, जबकि वह हिंसा कर रहे थे।
लंदन: ब्रिटिश हिंदुओं ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के बाहर किया विरोध-प्रदर्शन
ब्रिटेन में ब्रिटिश हिंदुओं और भारतीयों की सामाजिक संस्था, ‘इनसाइट यूके’ ने शुक्रवार को ऑक्सफोर्ड विवि की बहस करने वाली संस्था ऑक्सफोर्ड यूनियन के सामने विरोध-प्रदर्शन कर नारेबाजी की। यूनियन ने कश्मीर पर ‘यह सदन स्वतंत्र राज्य में विश्वास करता है’ शीर्षक से एक बहस आजोजित की, जिसमें भारत विरोधी वक्ता बुलाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा, आयोजन बताता है कि यूनियन आतंकियों के पक्ष में खड़ी है।
प्रदर्शनकारियों ने आतंकवाद से कथित संबंधों वाले वक्ताओं (मुजम्मिल अय्यूब ठाकुर और जफर खान) की मेजबानी की निंदा की। प्रदर्शन में ऑक्सफोर्ड यूनियन के बाहर बैनर लिए छात्रों ने ‘भारत माता की जय, वंदे मातरम’ जैसे नारे लगाए। ‘इनसाइट यूके’ ने कहा, जम्मू कश्मीर भारत का था, है और रहेगा। उसने कहा, मुजम्मिल और खान भारत विरोधी आतंकवादी गतिविधियों में शामिल रहे हैं।
वेल्स के पहले भारतवंशी सांसद दिल्दी दौरे पर आएंगे
भारत दौरे को लेकर कनिष्क नारायण ने कहा कि व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही तरह से भारत के साथ मेरा रिश्ता गहरा है। यह दौरा पर्यावरण नीति पर द्विपक्षीय आदान-प्रदान, सम्मेलनों में भाग लेने और पर्यावरण नीति के मामलों पर व्यापक समुदाय के लोगों से बात करने पर केंद्रित है।' बिहार के मुजफ्फरपुर से ताल्लुक रखने वाले कनिष्क नारायण जब बहुत छोटे थे, तभी वे अपने परिवार के साथ वेल्स की राजधानी कार्डिफ चले गए थे। निजी क्षेत्र में काम करने और सिविल सेवक के रूप में काम करने से पहले उन्होंने ऑक्सफ़ोर्ड और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालयों में पढ़ाई की। किशोरावस्था में ही वे लेबर पार्टी से जुड़कर राजनीति में आ गए थे।उनका कहना है कि 'यह दिलचस्प है कि जब मैं निर्वाचित हुआ तो कई लोगों ने मुझसे कहा कि बिहार में मेरी जड़ें होने के कारण, राजनीति भी मेरे डीएनए में है। मेरे माता-पिता, निश्चित रूप से मेरे पिताजी, हमेशा राजनीति में बहुत रुचि रखते थे।
सोमवार को नियुक्त किए जाएंगे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति
सोमवार को नियुक्त होने वाली कैबिनेट में 25 सदस्य हो सकते हैं। श्रीलंका के संविधान के अनुच्छेद 46 के मुताबिक सरकार में कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 30 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए और उप-मंत्री मिलाकर भी संख्या 40 के पार नहीं जानी चाहिए। एनपीपी छोटी सरकार की समर्थक है ताकि सरकार की लागत को कम रखा जा सके। सितंबर में राष्ट्रपति चुनाव में जीत के बाद से भी एनपीपी की सरकार सिर्फ तीन मंत्रियों के साथ काम कर रही है, जिनमें से भी एक राष्ट्रपति खुद हैं।