फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   With this new technology, China will compete with America

इस नई तकनीक से दुनिया में उथल-पुथल मचाने की फिराक में है चीन, अमेरिका को देगा टक्कर

Fri, 06 Nov 2020 03:43 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 06 Nov 2020 03:43 PM IST
सार

  • सैन्य विकास और रक्षा उपकरणों के लिए चीन करेगा डिसरप्टिव तकनीक का इस्तेमाल
  • पंचवर्षीय योजना में चीन ने मानवरहित हथियारों और रक्षा उपकरणों पर निर्भरता बढ़ाने की तैयारी की

विज्ञापन
With this new technology, China will compete with America
PLA china Army - फोटो : PTI (फाइल फोटो)

विस्तार

चीन ने अपनी पंचवर्षीय विकास योजना का खाका जारी कर दिया है। इसमें सैनिक विकास के लिए डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने की बात की गई है। यानी ऐसी तकनीक जो पहले से मौजूद शक्ति संतुलन में उथल-पुथल मचा दे। चीन आने वाले वर्षों में ऐसी टेक्नोलॉजी विकसित करने में अपनी ताकत लगाएगा। योजना में हथियारों और सैन्य उपकरणों के आधुनिकीकरण पर खास जोर है। साथ ही देसी रक्षा विज्ञान के विकास पर ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है, जिसमें नए आविष्कारों को बढ़ावा देने में ताकत लगाई जाएगी।

विज्ञापन


हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ ने चीन के रक्षा वैज्ञानिकों के हवाले से कहा है कि डिसरप्टिव टेक्नलॉजी का मतलब सैन्य संतुलन की यथास्थिति को चीन के हक में बदल देना है। इसके तहत छठी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों, लेजर और रेल गन जैसे अधिक ऊर्जा संचालित हथियारों के विकास, क्वांटम रडार और संचार प्रणालियों को विकसित करने, नए खुफिया उपकरण बनाने और स्वचालित लड़ाकू रॉबोट बनाने की योजनाओं पर अमल किया जाएगा। साथ ही धरती की कक्षा तक जाकर उड़ान भर सकने वाले विमान और जैविक तकनीक के विकास की कोशिश की जाएगी।
विज्ञापन


वेबसाइट ‘यूरेशियन टाइम्स’ ने सैनिक विशेषज्ञों के हवाले से कहा है कि इन तकनीकों के विकास में समय लगेगा। साथ ही चीन के क्षेत्रीय टकरावों में इनका इस्तेमाल होने की गुंजाइश नहीं होगी। मगर इनमें अपनी ताकत और धन झोंक कर असल में आधुनिक युद्ध प्रणालियों के मामले में चीन अमेरिका से आगे निकलने का इरादा दिखा रहा है। अमेरिका ऐसी उन्नत सैनिक तकनीकों की योजना पर पहले से अमल कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसी तकनीकों को सेना में शामिल करने के दूरगामी परिणाम होंगे। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी से जुड़े रहे विशेषज्ञों ने मीडिया से कहा है कि भविष्य में सबसे डिसरप्टिव सैनिक तकनीक ऐसे हथियारों का उपयोग होगा, जिन्हें चलाने के लिए मानव की जरूरत नहीं होगी। ये हथियार कमांड मिलने पर स्वचालित ढंग से मार कर सकेंगे। भविष्य में बिना मनुष्य वाले लड़ाकू जहाजों, विमानों और जमीनी हथियारों का युद्धों में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होगा।
 
चीन पहले से ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक के विकास में जुड़ा रहा है और इस मामले में उसने अच्छी प्रगति की है। इस मामले में वह अमेरिका से होड़ की तरफ बढ़ रहा है। अमेरिकी कांग्रेस की एक रिसर्च रिपोर्ट में बताया गया था कि चीन वायु, भूमि, जल और समुद्र के अंदर चलने वाले स्वचालित सैनिक वाहन बनाने में भी काफी आगे बढ़ गया है। वह स्वार्म तकनीक भी विकसित कर रहा है, जिसका मकसद दुश्मन की मिसाइल रक्षा प्रणालियों को भेद देना होता है।

 
अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने कुछ समय पहले उन चीनी हथियार विज्ञापनों का जिक्र किया था, जिनमें दावा किया गया था कि चीन के पास अब ऐसे हथियार हैं जो अपना लक्ष्य खुद चुनकर वहां धावा बोल सकते हैं। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक चीन के पास युद्ध का वैसा अनुभव नहीं है, जैसा अमेरिका या उसके दूसरे प्रतिद्वंद्वियों के पास है। लेकिन वह ऊंची तकनीक आधारित हथियार सिस्टम बनाने में सक्षम हो गया है, जिससे वह अपने दुश्मनों को कड़ी चुनौती दे सकता है। इसीलिए अब जिस डिसरप्टिव टेक्नोलॉजी की उसने बात की है, उसे दुनिया मे गंभीरता से लिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed