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India-Pakistan: 'आतंकी खतरे से निपटने में मदद को तैयार', भारत-पाकिस्तान संघर्ष पर बोले ब्रिटेन के विदेश मंत्री

Wed, 14 May 2025 10:18 AM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लंदन Published by: नितिन गौतम Updated Wed, 14 May 2025 10:18 AM IST
सार

ब्रिटेन की पूर्व विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने सवाल किया कि पाकिस्तान की सरकार अपने देश में मौजूद आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए क्या कर रही है और क्या ब्रिटेन सरकार की भी इसमें कोई भूमिका है? इसके जवाब में लैमी ने कहा कि हम इसके लिए भारत और पाकिस्तान के बीच संचार स्थापित करने के पक्ष में हैं और यह सैन्य स्तर पर नहीं बल्कि राजनीतिक स्तर पर होना चाहिए।

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Will support efforts to deal with terrorist threat UK un on India-Pakistan conflict
भारत-पाकिस्तान तनाव - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

ब्रिटेन की सरकार का कहना है कि वे भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ब्रिटिश सरकार ने ये भी कहा कि वे आतंकी खतरे से निपटने के लिए मदद करने को तैयार हैं। ब्रिटेन की संसद में मंगलवार को भारत-पाकिस्तान मुद्दे पर चर्चा हुई। इस दौरान ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने कहा कि वह दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के संपर्क में हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि वे अहम मुद्दों जैसे सिंधु जल समझौता आदि पर विवाद को कूटनीतिक तरीके से निपटाएं। 
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ब्रिटिश विदेश मंत्री बोले- मदद को तैयार
डेविड लैमी ने कहा कि भारत-पाकिस्तान द्वारा संघर्ष विराम करने के फैसले का वे स्वागत करते हैं। ब्रिटेन के दोनों देशों के साथ मजबूत संबंध हैं और हम संघर्ष विराम को बनाए रखने के लिए दोनों देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। लैमी ने कहा कि 'मैं साफ कर दूं कि जो आतंकवाद हमने देखा, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की निर्मम हत्या कर दी गई, वह बेहद भयावह था। हम इसकी कड़ी निंदा करते हैं। हम अपने करीबी सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे ताकि आतंकवाद की चुनौती से निपटा जा सके। हम दोनों पक्षों की मदद के लिए तैयार हैं। इसी से क्षेत्र में शांति आ सकती है।'
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पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की
उल्लेखनीय है कि बीती 22 अप्रैल को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोष पर्यटकों की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद भारत औऱ पाकिस्तान के बीच तनाव गहरा गया। भारत ने हमले के पीछे पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों को जिम्मेदार ठहराया और इसके जवाब में बीती 6-7 मई की मध्य रात्रि को पाकिस्तान के नौ आतंकी ठिकानों पर हमला बोल दिया। इस हमले में कई आतंकी मारे गए। इससे भारत पाकिस्तान में संघर्ष छिड़ गया और दोनों देश पूर्ण युद्ध के मुहाने पर पहुंच गए। हालांकि बीती 10 मई को दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम हो गया। 


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ब्रिटेन की पूर्व विदेश मंत्री प्रीति पटेल ने सवाल किया कि पाकिस्तान की सरकार अपने देश में मौजूद आतंकी ठिकानों को खत्म करने के लिए क्या कर रही है और क्या ब्रिटेन सरकार की भी इसमें कोई भूमिका है? इसके जवाब में लैमी ने कहा कि हम इसके लिए भारत और पाकिस्तान के बीच संचार स्थापित करने के पक्ष में हैं और यह सैन्य स्तर पर नहीं बल्कि राजनीतिक स्तर पर होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासकर वे देश, जिनके भारत औऱ पाकिस्तान दोनों से अच्छे संबंध हैं, वे इसमें अहम भूमिका निभा सकते हैं और इसलिए हम अमेरिका, सऊदी अरब और यूएई से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत और पाकिस्तान के बीच का द्विपक्षीय मुद्दा है। 

'लंबित मुद्दों को सुलझाने में भी ऐसी समझदारी दिखाएंगे दोनों पक्ष'
संयुक्त राष्ट्र  महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान की बीच संघर्ष विराम समझौते को लेकर उम्मीद जताई कि दोनों देश लंबित मुद्दों को सुलझाने में भी ऐसी ही समझ दिखाएंगे। भारत और पाकिस्तान के बीच बीती 10 मई को संघर्ष विराम समझौता हुआ है। गुटेरेस ने कहा कि संघर्ष विराम कायम है और हमें लगता है कि अब हम बेहतर स्थिति में हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ये संघर्ष विराम जारी रहेगा और दोनों पक्ष लंबित मुद्दों को सुलझाने में भी ऐसी ही समझदारी दिखाएंगे। 


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