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क्या ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए प्रसिद्ध बर्लिन बन जाएगा कार मुक्त शहर?

Sun, 28 Feb 2021 09:22 PM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन Published by: संजीव कुमार झा Updated Sun, 28 Feb 2021 09:22 PM IST
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Will Berlin be a car free city which is famous for the automobile industry
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

बर्लिन को ऑटोमोबाइल उद्योग की राजधानी कहा जाता है। यहां कार के खिलाफ अभियान चलेगा, ये सोचना भी बहुत से लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। लेकिन इस जर्मन शहर को कार मुक्त करने का अभियान इन दिनों जोरदार ढंग से चल रहा है। इसकी पूरे यूरोप में चर्चा है। इस मुहिम को चलाने वाले कार्यकर्ताओं की मांग है कि शहर के पूरे 88 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में निजी वाहनों की संख्या में बड़ी कमी लाने के कदम उठाए जाएं।

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जर्मनी में सितंबर में चुनाव होने वाले हैं। अभी तक किसी बड़े राजनीतिक दल ने बर्लिन को कार मुक्त करने की मुहिम का समर्थन नहीं किया है। इसलिए ये नहीं लगता कि अगर मुद्दे पर जनमत संग्रह हुआ, तो उसमें इस विचार की जीत होगी। लेकिन मीडिया टिप्पणियों में इस अभियान को इस बात का संकेत बताया गया है कि यूरोप में सार्वजनिक स्थलों को प्रदूषण फैलाने वाली कारों से मुक्त करने की जरूरत ज्यादा महसूस की जा रही है। अब अधिक से अधिक संख्या में लोग शहरों में भीड़ घटाने और वहां की हवा को स्वच्छ बनाने के कदमों का समर्थन कर रहे हैं।
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बर्लिन में चल रहे अभियान में सैकड़ों कार्यकर्ता शामिल हुए हैँ। उनका कहना है कि अगर उनकी राय सुनी गई तो बर्लिन दुनिया का सबसे बड़ा कार मुक्त क्षेत्र बन जाएगा। इन कार्यकर्ताओं के मुताबिक उनकी मुहिम का मकसद ‘कार की तानाशाही’ खत्म करना है। उन्होंने ध्यान दिलाया है कि बर्लिन में दस लाख से ज्यादा कारें हैं, जिनमें कई ज्यादातर समय खड़ी रहती हैँ।
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इन कार्यकर्ताओं ने शहर को कार मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए एक कानून का मसविदा भी पेश किया है। इसमें एक प्रावधान यह है कि हर व्यक्ति को साल में सिर्फ 12 बार अपनी कार चलाने की इजाजत दी जाएगी। लेकिन ये पाबंदी डिलिवरी वाहनों, आपातकाली सेवाओं और विकलांग लोगों से जुड़े वाहनों पर लागू नहीं होगी। ये कार्यकर्ता 2023 में इस सवाल पर शहर में जनमत संग्रह कराने की मांग कर रहे हैं।

जानकारों का कहना है कि जनमत संग्रह कराने पर अधिकारियों को मजबूर करने लिए जरूरी न्यूनतम समर्थन ये अभियान जुटा सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अगर जनमत संग्रह में उनकी जीत हुई, तो वे चाहते हैं 2027 से बर्लिन को कार मुक्त क्षेत्र घोषित कर दिया जाए।

बर्लिन के नगर निकाय प्रशासन ने कहा है कि यह शहर के जन प्रतिनिधियों पर निर्भर करता है कि वे इस मामले में पेश की गई योजना पर विचार करें। बताया जाता है कि इसी साल सिटी काउंसिल में इस मुद्दे पर विचार हो सकता है। बर्लिन में सोशल डेमोक्रेट्स, ग्रीन पार्टी और वामपंथी पार्टी की मिली जुली सरकार है। इस सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को मजबूत करने, पैदल चलने और साइकिल चलाने के लिए जगह की व्यवस्था करने पर अरबों यूरो खर्च करने का एलान किया हुआ है।

कोरोना महामारी के दौरान बर्लिन यूरोप का पहला शहर बना, जहां सभी मार्गों पर साइकिल लेन का विस्तार किया गया। लेकिन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता फ्रैनजिस्का गिफी ने वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू से कहा कि उनकी राय में शहर को कार मुक्त करने की बात व्यावहारिक नहीं है। गिफी इस साल बर्लिन के मेयर का चुनाव लड़ने वाली हैं।


लेकिन मुहिम चला रहे कार्यकर्ताओँ ने इसे उत्साहवर्धक माना है कि जर्मन के कार उद्योग ने भी ट्रांसपोर्ट कल्चर में बदलाव की बात की है। ऑटोमोबिल उद्योग के संघ वीडीए के अध्यक्ष हिलडेगार्ड मूलर ने कहा है कि शहर के यातायात को साफ-सुथरा करने के कई विकल्प हैं। इनमें कार शेयरिंग को बढ़ावा देना और इलेक्ट्रिक कारों का ज्यादा इस्तेमाल भी शामिल हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसी प्रतिक्रियाएं यही बताती हैं कि कार मुक्त शहर के अभियान का असर हुआ है। लोग इस मुद्दे पर सोचने को मजबूर हुए हैँ।

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