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Sheikh Hasina: शेख हसीना को बीच में ही क्यों छोड़ना पड़ा था चीन दौरा? आज की घटना से स्थिति साफ

Mon, 05 Aug 2024 03:44 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 05 Aug 2024 03:44 PM IST
सार

Sheikh Hasina: अवामी लीग पार्टी की नेता शेख हसीना को प्रधानमंत्री के रूप में चीन का दौरा बीच में ही छोड़ना पड़ा था। आज की घटना से स्थिति लगभग साफ हो गई है। 

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Why did Sheikh Hasina leave foreign visits midway again and again? Situation is clear from today's incident
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

बांग्लादेश में सरकार विरोधी हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना के प्रधानमंत्री पद और देश छोड़ने की खबर है। हसीना ने हाल ही में एक महीने के भीतर भारत के दो बार दौरे किए थे। इसके बाद उन्होंने चीन की यात्रा की थी। लेकिन आज के घटनाक्रम से साफ हो गया है कि उन्हें छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के कारण ही बीच में ही अपना बीजिंग दौरा छोड़ना पड़ा था। 

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चीन दौरे से लौटने के बाद हसीना ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा था कि तीस्ता परियोजना में भारत और चीन दोनों की दिलचस्पी थी। लेकिन वह चाहती थीं कि इस परियोजना को भारत पूरा करे। हसीना चीन दौरे पर थीं लेकिन उनसे तीस्ता परियोजना, आरक्षण विरोधी आंदोलन, सरकार में भ्रष्टाचार, विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की पेंशन और पेपर लीक से जुड़े सवाल पूछे गए थे। एक अरब डॉलर की तीस्ता नदी विकास परियोजना से भारत की सुरक्षा चिंताएं जुड़ी हुई हैं। 
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हसीना ने 10 जुलाई को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उनकी चीनी समकक्ष ली किया से मुलाकात की थी। दोनों देशों ने 21 समझौतों पर हस्ताक्षर किए थे, जिसमें तीन नए समझौता ज्ञापन (एमओयू) शामिल हैं। सरकारी समाचार एजेंसी 'बांग्लादेश संगबाद संगस्था' (बीएसएस) के मुताबिक, इस यात्रा में बीजिंग और ढाका ने अपनी रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक सहकारी साझेदारी तक बढ़ाया था।
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बीएसएस के मुताबिक, दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद हसीना और ली की मौजूदगी में समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। हसीना और ली द्विपक्षीय वार्ता में रोहिंग्या मुद्दे, व्यापार और वाणिज्य, निवेश और  देशों के बीच संबंधों पर चर्चा की। दोनों ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों पर भी चर्चा की। 
 
हसीना कथित तौर पर 11 जुलाई की सुबह बीजिंग के लिए रवाना होने वाली थीं। लेकिन 10 जुलाई की रात को रवाना हुईं। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री के रूप में हसीना की यह पांचवीं और  पांच साल में पहली चीन यात्रा थी। हालांकि, बीजिंग दौरे से जल्दी वापसी से संकेत मिला था कि उन्हें अपने दौरे से वह नहीं मिला, जो वह चाहती थीं। 


हसीना चीन से जल्दी क्यों लौट आईं?
हसीना ने अपनी बेटी के खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए चीन जल्दी वापस लौटी थीं। लेकिन, इसके कई मायने निकाले गए थे। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि चीन ढाका को एक अरब डॉलर (1,152 करोड़ रुपये) की आर्थिक मदद प्रदान करेगा। ली ने हसीना से मुलाकात के दौरान यह घोषणा की। हालांकि, ढाका और अधिक मदद की उम्मीद कर रहा था। हसीना के चीन दौरे से पहले बीजिंग ने ढाका को पांच अरब डॉलर की ऋण सहायता का वादा किया था। लेकिन हसीना की यात्रा के दौरान सिर्फ एक अरब डॉलर के पैकेज की गई।

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