{"_id":"65f9594cd46ee5a54d0566b0","slug":"why-are-pakistan-and-afghanistan-attacking-each-other-what-is-the-role-of-taliban-2024-03-19","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Pakistan vs Taliban: पाकिस्तान-अफगानिस्तान एक दूसरे के यहां हमले क्यों कर रहे, इसमें तालिबान की भूमिका क्या?","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Pakistan vs Taliban: पाकिस्तान-अफगानिस्तान एक दूसरे के यहां हमले क्यों कर रहे, इसमें तालिबान की भूमिका क्या?
Tue, 19 Mar 2024 04:13 PM IST
शिवेंद्र तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवेंद्र तिवारी
Updated Tue, 19 Mar 2024 04:13 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
पाकिस्तान vs अफगानिस्तान
- फोटो :
AMAR UJALA
विस्तार
दुनिया के कई देशों में पहले से जारी संघर्ष के बीच अब एशिया में दो देश आपस में भिड़ गए हैं। पिछले दिनों पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने एक दूसरे के खिलाफ कार्रवाई की है। तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब सोमवार को डूरंड रेखा पर तालिबान और पाकिस्तानी सीमा सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान के इलाकों में रॉकेट हमले किए गए। जवाब में तालिबान की सेनाओं ने भी डूरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को ध्वस्त कर दिया।इस बीच दोनों देशों में बयानबाजी भी तेज हो गई है। जहां पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया तो वहीं तालिबान ने आरोप से इनकार किया। आइये जानते हैं कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच क्या हो रहा है? ताजा संघर्ष की शुरुआत कैसे हुई? पाकिस्तान के क्या दावा किया? अफगानिस्तान का क्या कहना है?
तालिबान ने पाकिस्तानी चौकियों को किया ध्वस्त।
- फोटो :
Twitter
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच संघर्ष कैसे शुरू हुआ?
दोनों देशों के बीच ताजा संघर्ष की शुरुआत शनिवार (16 मार्च) को हुई। दरअसल, शनिवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मीर अली में एक आत्मघाती हमलावर ने अपने विस्फोटक से भरे ट्रक को एक सैन्य चौकी में घुसा दिया। यह इलाका अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है। इस घटना में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उसकी जवाबी गोलीबारी में सभी छह हमलावरों को मार गिराया गया।
हमले की जिम्मेदारी हाल ही बने एक आतंकी समूह जैश-ए-फुरसन-ए-मुहम्मद ने ली। कहा गया कि इस समूह को मुख्य रूप से पाकिस्तानी तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सदस्यों ने बनाया है। प्रतिबंधित टीटीपी के निशाने पर अक्सर पाकिस्तानी सैनिक और पुलिसकर्मी रहे हैं। इस हमले के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने जवाबी कार्रवाई करने का एलान किया।
दोनों देशों के बीच ताजा संघर्ष की शुरुआत शनिवार (16 मार्च) को हुई। दरअसल, शनिवार को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के मीर अली में एक आत्मघाती हमलावर ने अपने विस्फोटक से भरे ट्रक को एक सैन्य चौकी में घुसा दिया। यह इलाका अफगानिस्तान की सीमा से लगा हुआ है। इस घटना में सात पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि उसकी जवाबी गोलीबारी में सभी छह हमलावरों को मार गिराया गया।
हमले की जिम्मेदारी हाल ही बने एक आतंकी समूह जैश-ए-फुरसन-ए-मुहम्मद ने ली। कहा गया कि इस समूह को मुख्य रूप से पाकिस्तानी तालिबान तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के सदस्यों ने बनाया है। प्रतिबंधित टीटीपी के निशाने पर अक्सर पाकिस्तानी सैनिक और पुलिसकर्मी रहे हैं। इस हमले के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने जवाबी कार्रवाई करने का एलान किया।
इस हमले के बाद क्या हुआ?
इसके जवाब में पाकिस्तान ने सोमवार तड़के (18 मार्च) अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तानी तालिबान के कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया। अफगान तालिबान ने कहा कि हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, हमले पाकिस्तान की सीमा से लगे खोस्त और पक्तिका प्रांतों में किए गए थे।
पाकिस्तान ने इसे अफगानिस्तान के अंदर सीमावर्ती क्षेत्रों में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान बताया। उधर मुख्य अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हमलों की पुष्टि की। इसके साथ ही मुजाहिद ने कहा इस तरह के हमले अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इसके बुरे परिणाम होंगे।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने सोमवार तड़के (18 मार्च) अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तानी तालिबान के कई संदिग्ध ठिकानों को निशाना बनाया। अफगान तालिबान ने कहा कि हमलों में कम से कम आठ लोग मारे गए। न्यूज एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, हमले पाकिस्तान की सीमा से लगे खोस्त और पक्तिका प्रांतों में किए गए थे।
पाकिस्तान ने इसे अफगानिस्तान के अंदर सीमावर्ती क्षेत्रों में खुफिया-आधारित आतंकवाद विरोधी अभियान बताया। उधर मुख्य अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हमलों की पुष्टि की। इसके साथ ही मुजाहिद ने कहा इस तरह के हमले अफगानिस्तान की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और इसके बुरे परिणाम होंगे।
पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद क्या हुआ?
तालिबान ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों का जवाब दिया है। सोमवार को तालिबान की सेनाओं ने डूरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को ध्वस्त कर दिया। अफगान तालिबान द्वारा दागे गए मोर्टार से चार लोग घायल हो गए।
तालिबान ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी हवाई हमलों का जवाब दिया है। सोमवार को तालिबान की सेनाओं ने डूरंड रेखा के पास स्थित पाकिस्तानी सैन्य चौकियों को ध्वस्त कर दिया। अफगान तालिबान द्वारा दागे गए मोर्टार से चार लोग घायल हो गए।
तालिबान ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर कब्जा किया।
- फोटो :
PTI
आखिर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते कैसे बिगड़ गए?
बीते दो तीन वर्षों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते काफी बिगड़ गए हैं। 20 साल के युद्ध के बाद 2021 में अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी हो गई। इस बीच अफगान तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान बार-बार ये आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता टीटीपी को पनाह दे रही है।
दूसरी ओर अफगान तालिबान इन आरोपों को नकारता रहा है। अफगान तालिबान का कहना है कि वे किसी भी आतंकवादी समूह को हमले करने के लिए अफगानी धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देते हैं। हालांकि, टीटीपी ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान के अंदर हमले बढ़ा दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं।
बीते दो तीन वर्षों में पाकिस्तान और अफगानिस्तान के रिश्ते काफी बिगड़ गए हैं। 20 साल के युद्ध के बाद 2021 में अमेरिकी और नाटो सैनिकों की वापसी हो गई। इस बीच अफगान तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान बार-बार ये आरोप लगाता रहा है कि अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता टीटीपी को पनाह दे रही है।
दूसरी ओर अफगान तालिबान इन आरोपों को नकारता रहा है। अफगान तालिबान का कहना है कि वे किसी भी आतंकवादी समूह को हमले करने के लिए अफगानी धरती का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देते हैं। हालांकि, टीटीपी ने हाल के वर्षों में पाकिस्तान के अंदर हमले बढ़ा दिए हैं, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं।
Afghan refugees, Afghan refugee, अफगान शरणार्थी
- फोटो :
PTI
तनाव की और भी कोई वजह है?
दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ने में एक वजह अफगान शरणार्थी का मुद्दा भी है। दरअसल, 2023 में पाकिस्तान ने वैध दस्तावेजों के बिना देश में रहने वाले अफगानों को बाहर निकाल दिया था। पाकिस्तान में लंबे समय से लगभग 17 लाख अफगान नागरिक रह रहे थे। इनमें से अधिकांश 1979-1989 के दौरान अफगानिस्तान पर सोवियत नियंत्रण के दौरान भाग गए थे। वहीं, जब तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया तो इसके बाद करीब पांच लाख से अधिक लोग अफगानिस्तान से भाग गए। पाकिस्तान ने अब तक लगभग पांच लाख अफगानियों को देश से बाहर निकाल दिया है।
दोनों देशों के बीच तनाव को बढ़ने में एक वजह अफगान शरणार्थी का मुद्दा भी है। दरअसल, 2023 में पाकिस्तान ने वैध दस्तावेजों के बिना देश में रहने वाले अफगानों को बाहर निकाल दिया था। पाकिस्तान में लंबे समय से लगभग 17 लाख अफगान नागरिक रह रहे थे। इनमें से अधिकांश 1979-1989 के दौरान अफगानिस्तान पर सोवियत नियंत्रण के दौरान भाग गए थे। वहीं, जब तालिबान ने सत्ता पर कब्जा कर लिया तो इसके बाद करीब पांच लाख से अधिक लोग अफगानिस्तान से भाग गए। पाकिस्तान ने अब तक लगभग पांच लाख अफगानियों को देश से बाहर निकाल दिया है।