Coronavirus in world: डब्लूएचओ ने चेताया...तीन सवालों का जवाब खोजकर ही खोलें लॉकडाउन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना महामारी से निपटने के लिए जारी लॉकडाउन के चलते दुनियाभर की अर्थव्यवस्था गर्त में जा चुकी है। ऐसे में इस त्रासदी से जूझ रहे कई देशों ने अर्थव्यवस्था पटरी पर लाने के लिए लॉकडाउन में ढील देनी शुरू की है।
इसे देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने देशों को चेताया है कि पहले यह सुनिश्चित करें कि संक्रमण नियंत्रण में है और स्वास्थ्य व्यवस्था किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। दरअसल, महामारी से जूझ रहे इटली और स्पेन जैसे देशों ने लॉकडाउन में रियायत देनी शुरू कर दी है। इस बीच, अमेरिका में विशेषज्ञों ने चेताया है कि अभी किसी भी राज्य में लॉकडाउन में रियायत देने की स्थिति नहीं है। इसके बावजूद उस जगह लॉकडाउन खोलने की तैयारी की जा रही है।
वहीं, डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अैर संगठन के इमरजेंसी प्रोग्राम के प्रमुख डॉ. माइक रेयान ने कहा कि ऐसे में जबकि कई देश लॉकडाउन हटा रहे हैं, ज्यादा सावधानी बरतनी होगी। अगर बीमारी व्यापक स्तर पर नहीं है और इसके प्रसार की जगहों की पहचान नहीं हो पा रही है तो कोरोना का संक्रमण और ज्यादा फैलने का खतरा रहता है।
- क्या स्वास्थ्य सुविधाएं चुनौती के लिए तैयार
टेड्रोस ने कहा, लॉकडाउन हटाने से पहले यह सुनिश्चित करें कि संक्रमणऔर महामारी नियंत्रण में है। यह भी सुनिश्चित हो कि अगर रियायतें देने के बाद संक्रमण फैलता है तो लोगों की देखभाल और उनको चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य संसाधन पर्याप्त और सक्षम हैं।
तीसरी सबसे बड़ी जरूरत बेहतर सर्विलांस सिस्टम की है। जिससे संक्रमित व्यक्ति और उसके संपर्क में आए लोगों की आसानी से पहचान हो सके। रेयान ने कहा, अमेरिका में अभी इनमें से कुछ भी नहीं है। वहां अभी भी संक्रमण फैल रहा है।
- अभी तैयार नहीं है अमेरिका
रेयान ने कहा, दक्षिण कोरिया और जर्मनी में जहां संक्रमण पर नियंत्रण के बाद लॉकडाउन में छूट दी गई वहां मरीज दोबारा मिलने शुरू हो गए। इन देशों में सर्विलांस सिस्टम अच्छा है संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद उनके संपर्कों की भी पहचान पुख्ता तौर पर हो पा रही है।
बेहतर सर्विलांस दोबारा संक्रमण फैलने से रोकने के लिए जरूरी है। जबकि अमेरिका में ऐसा नहीं है। व्हाइट हाउस की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यूयॉर्क के अलावा केंटुकी, टेनेसी, विस्कंसिन जैसी जगहों पर संक्रमण अभी भी तेजी से फैल रहा है। अमेरिका में स्वास्थ्य सुविधाओं को तत्काल मजबूती देना जरूरी है, ताकि आने वाली चुनौतियों का सामना किया जा सके।
- इस बात को लेकर है ज्यादा चिंता
डब्लूएचओ ने कहा, चिंता इस बात की ज्यादा है कि लॉकडाउन खुलते ही लोग एक-दूसरे से मिलेंगे और संक्रमण निश्चित रूप से फैलेगा। रेयान ने कहा, भीड़ जुटेगी तो संक्रमण बढे़गा। ऐसे में सवाल यह है कि क्या हम उस स्थिति के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, कोरिया और जर्मनी जैसे देशों का उदाहरण हमारे सामने है, जो सावधानी के साथ लॉकडाउन हटा रहे हैं। जबकि कुछ ऐसे देश हैं, जो आंख मूंदकर इस महामारी से बचने की कोशिश में हैं, यह खतरनाक है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.