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डब्ल्यूएचओ ने फिर चेताया : ओमिक्रॉन से हो रहीं मौतें, कम खतरनाक बताना सबसे बड़ा खतरा

Sat, 08 Jan 2022 06:00 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, जिनेवा।
एजेंसी, जिनेवा। Published by: योगेश साहू Updated Sat, 08 Jan 2022 06:00 AM IST
सार

अब डब्ल्यूएचओ ने 2022 के मध्य तक सभी देशों को अपनी आबादी के 70 फीसदी लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया है। इस असमानता पर टेड्रॉस ने कहा, वैक्सीन असमानता लोगों और रोजगार की हत्या है, जिससे वैश्विक आर्थिक सुधार के प्रयास कमजोर हो रहे हैं।

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WHO warns again: Omicron deaths are the biggest danger, telling less dangerous
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने शुक्रवार को आगाह किया कि कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को हल्के में नहीं लेना चाहिए। संगठन के महानिदेशक टेड्रॉस अदनाम गैब्रेयसस ने कहा, इसके संक्रमितों की अस्पतालों में मौत भी हो रही है। संक्रमण की तेजी सभी पुराने रिकॉर्ड घ्वस्त कर रही है। इस हालात में ओमिक्रॉन को कम खतरनाक बताना ही सबसे बड़ा खतरा बन गया है।

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गैब्रेयसस ने कहा, डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन को कम खतरनाक बताया जा रहा है, खासतौर पर टीका लगवा चुके लोगों के लिए। जबकि, इसे हल्के वैरिएंट के तौर पर वर्गीकृत नहीं किया गया है, बल्कि यह वैरिएंट ऑफ कन्सर्न है, जो डेल्टा की तरह ही लोगों को बीमार कर रहा है व लोग मर रहे हैं। संक्रमण की सुनामी से पूरी दुनिया में स्वास्थ्य ढांचा चरमरा रहा है। 
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बीते एक सप्ताह में ही डब्ल्यूएचओ ने संक्रमण के 95 लाख नए मामले दर्ज किए हैं, जो इससे पहले बीते सप्ताह से करीब 71 फीसदी ज्यादा हैं। यह आंकड़े सिर्फ शुरुआती हैं, क्योंकि बहुत से जगहों से जांच के नतीजे मिलने में भी देरी हो रही है। मोटे तौर पर बीते एक सप्ताह में एक करोड़ से ज्यादा लोगों के संक्रमित होने का अनुमान है।
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टेड्रॉस ने विश्वस्तर पर टीकाकरण के लक्ष्यों हासिल नहीं होने पर चिंता जाहिर की कि जहां टीकाकरण नहीं हुआ है या कम हुआ है ऐसे समुदाय कोविड के नए वैरिएंट के के स्रोत और आश्रय स्थल हैं। पूरी दुनिया में समान मात्रा में वैक्सीन नहीं लगने पर पूरी तरह टीकाकरण वाले देश भी नए स्वरूपों के जोखिम से बच नहीं पाएंगे।

डब्ल्यूएचओ चाहता था, दिसंबर 2021 तक सभी देश अपनी आबादी के 40 फीसदी लोगों का पूर्ण टीकाकरण कर लें, लेकिन डब्ल्यूएचओ के 194 सदस्य देशों में से 92 इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सके। इनमें से 36 तो 10 फीसदी भी टीकाकरण नहीं कर सके। 

अब डब्ल्यूएचओ ने 2022 के मध्य तक सभी देशों को अपनी आबादी के 70 फीसदी लोगों का टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया है। इस असमानता पर टेड्रॉस ने कहा, वैक्सीन असमानता लोगों और रोजगार की हत्या है, जिससे वैश्विक आर्थिक सुधार के प्रयास कमजोर हो रहे हैं। अमीर देशों में बूस्टर डोज से महामारी खत्म नहीं होगी, बल्कि इससे पूरी दुनिया असुरक्षित बनी रहेगी।

ओमिक्रॉन से ज्यादा संक्रामक स्वरूप आते रहेंगे
डब्ल्यूएचओ की कोविड-19 तकनीकी प्रमुख मारिया वान केरखोव का कहना है कि ओमिक्रॉन आखिरी चिंताजनक वैरिएंट नहीं है। आने वाले दिनों में इससे भी अधिक संक्रामक वैरिएंट सामने आ सकते हैं। डब्ल्यूएचओ के कोविड टूल फ्रंटमैन ब्रूस आयलवर्ड कहते हैं कि 2022 की समाप्ति महामारी में ही हो, यह जरूरी नहीं है। डब्ल्यूएचओ के आपात निदेशक माइकल रयान कहते हैं कि समान टीकाकरण के बिना 2022 के अंत तक दुनिया बड़ी त्रासदी की ओर बढ़ जाएगी।

ब्रिटेन में सेना की मदद
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि देश में कोविड संक्रमण के रिकॉर्ड मामलों के कारण अस्पतालों में कर्मचारियों की कमी हो गई है। दबाव का सामना करने वाले अस्पतालों की मदद के लिए सेना की तैनाती शुरू कर दी गई है। सरकार ने बताया कि तीन सप्ताह के लिए लंदन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा की सहायता के लिए सशस्त्र बल के 200 कर्मियों को तैनात किया है। ब्रिटेन में पिछले सप्ताह में हर दिन 150, 000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन का कहना है टीकाकरण व ओमिक्रॉन के कम गंभीर होने के कारण इंग्लैंड नए प्रतिबंधों के बिना महामारी का सामना कर सकता है। हालांकि, स्टाफ की कमी से कुछ हफ्तों को चुनौतीपूर्ण बताया।

कैलिफोर्निया में अगले माह तक राहत संभव
कैलिफोर्निया में संक्रमण की वृद्धि को देखते हुए स्कूलों को बंद कर दिया है। हजारों पुलिसकर्मी, दमकलकर्मी, शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी संक्रमण की चपेट में हैं। हालांकि, लॉस एंजल्स काउंटी की सार्वजनिक स्वास्थ्य निदेशक बारबरा फेरर कहती हैं कि फरवरी के अंत तक हालात सामान्य हो जाएंगे। कैलिफोर्निया में दो सप्ताह में संक्रमण पांच गुना बढ़ गया है। एक करोड़ की आबादी वाले राज्य के सबसे बड़े शहर लॉस एंजल्स में गुरुवार को 37,000 से अधिक नए मामले दर्ज किए गए।

चीन : अस्पतालों को चेतावनी
चीन में शुक्रवार को संक्रमण के नए मामलों में कमी देखने को मिली, जो गुरुवार के 132 की तुलना में 116 ही रहे। वहीं, प्रशासन ने अस्पतालों को चेतावनी दी है कि किसी भी मरीज के इलाज से इनकार नहीं किया जाए। 13 लाख की आबादी वाले शहर जियान 16 दिन से लॉकडाउन लगा है। दरअसल, एक गर्भवती महिला दो घंटे तक अस्पताल के बाहर इलाज का इंतजार करती रही, इस दौरान बच्चे की गर्भ में ही मौत हो गई। इस घटना की चीन के सोशल मीडिया आलोचना हुई। लोगों का  गुस्सा भड़कता देख शहर के अधिकारियों को दंडित किया गया।

जापान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों के इलाकों में कठोर प्रतिबंध लगाया
जापान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों वाले तीन इलाकों में कोविड प्रतिबंध कड़े कर दिए हैं। प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने एक बैठक में कहा कि रेस्तरां और बार के संचालन के घंटों को सीमित जैसे कदमों से संक्रमण को काबू में रखने में मदद मिलेगी। जापान में कोविड संक्रमण के 80 फीसदी मामलों में ओमिक्रॉन वैरिएंट सामने आ रहा है। शुक्रवार को वहां नए संक्रमण के 5,000 अधिक मामले आए, जबकि पिछले महीने औसतन 200 प्रतिदिन थे।

10 दिन में शीर्ष पर होगी फ्रांस में लहर इसके बाद ही मिल सकेगी राहत
फ्रांस में कोविड टीकाकरण के शीर्ष रणनीतिकार प्रोफेसर एलेन फिशर का दावा है कि मौजूदा दर से कोविड लहर फ्रांस में 10 दिनों शीर्ष पर पहुंच जाएगी। फिशर ने बताया कि जनवरी के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में फ्रांस में कोविड संक्रमण शीर्ष पर होगा, इसके बाद यह कम होने लगेगा। फ्रांस में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 261,481 नए मामले सामने आए। इससे पहले बुधवार को सर्वाधिक 332,000 मामले आए थे।

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