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WHO: ओमिक्रॉन के नए स्वरूप बीए.2.75 पर डब्ल्यूएचओ ने किया सतर्क, दो हफ्ते में 30 फीसदी केस बढ़े
Thu, 07 Jul 2022 09:49 AM IST
सुरेंद्र जोशी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 07 Jul 2022 09:49 AM IST
सार
पिछले दो सप्ताह में दुनियाभर में कोरोना के नए मामलों में करीब 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। डब्ल्यूएचओ के छह उप-क्षेत्रों में से चार में पिछले सप्ताह वृद्धि देखी गई।
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डब्ल्यूएचओ के प्रमुख टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस
- फोटो : ANI
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विस्तार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत व कुछ अन्य देशों में कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के नए उप स्वरूप बीए.2.75 मिलने की पुष्टि करने के साथ ही सतर्क किया है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अधनोम घेब्रेसियस ने कहा कि भारत और संगठन के अन्य सदस्य देशों में कोरोना वायरस के इस नए रूप का पता चला है।
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घेब्रेसियस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले दो सप्ताह में दुनियाभर में कोरोना के नए मामलों में करीब 30 फीसदी की वृद्धि हुई है। डब्ल्यूएचओ के छह उप-क्षेत्रों में से चार में पिछले सप्ताह वृद्धि देखी गई। यूरोप और अमेरिका में ओमिक्रॉन के BA.4 और BA.5 के कारण कोरोना लहर चल रही है। इसी बीच, भारत जैसे देशों में BA.2.75 नामक एक नए सब स्ट्रैन का का पता चला है। इस पर नजर रखी जा रही है।
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10 देशों में मिला नया स्वरूप : सौम्या स्वामीनाथन
BA.2.75 का पता चलने पर डब्ल्यूएचओ की मुख्य वैज्ञानिक सौम्या स्वामीनाथन ने ट्विटर पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा कि एक नया उप स्वरूप मिला है। इसे BA.2.75 कहा जा रहा है। यह सबसे पहले भारत से रिपोर्ट किया गया था और फिर 10 अन्य देशों से। इस उपस्वरूप के विश्लेषण के लिए अभी कुछ ही अनुक्रमण मिले हैं, लेकिन इसके स्पाइक प्रोटीन में कुछेक बदलाव नजर आए हैं। इसलिए इसके बारे में अभी कुछ ज्यादा कहना जल्दबाजी होगी।
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चिंताजनक स्वरूप घोषित करने पर अभी फैसला नहीं
स्वामीनाथन ने कहा कि यह प्रतिरक्षा तंत्र को भेद सकता है या इलाज की दृष्टि से बहुत जटिल, यह भी कहना अभी मुश्किल है। इसलिए हमें इंतजार करना होगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन और सार्स कोव-2 वायरस (SARS-CoV-2 Virus) के लिए गठित उसका तकनीकी सलाहकार समूह (TAG-VE) इस पर लगातार नजर रखे हुए है। वह दुनियाभर के आंकड़ों को देख रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी वक्त यदि कोई ऐसा वायरस सामने आता है, जो पिछले स्वरूप से अलग दिखता है और ऐसे सबूत मिलते हैं कि इसे चिंताजनक स्वरूप (variant of concern) कहा जा सकता है, तो यह किया जाएगा।