कौन हैं इंफोसिस संस्थापक के दामाद ऋषि सुनक, जिन्हें ब्रिटेन में बनाया गया वित्त मंत्री
भारतीय मूल के राजनेता ऋषि सुनक को गुरुवार को ब्रिटेन का नया वित्त मंत्री नियुक्त किया गया है। 39 वर्षीय ऋषि सुनक भारत की जानी-मानी आईटी कंपनी इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं। पाकिस्तान मूल के साजिद जाविद के वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद अपने मंत्रिमंडल में यह फेरबदल किया।
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ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में अब भारतीय मूल के तीन सांसदों को महत्वपूर्ण विभागों का मंत्री बनाया गया है। दो अन्य मंत्री प्रीति पटेल और आलोक शर्मा भी बोरिस जॉनसन की कैबिनेट में हैं।
जॉनसन मंत्रिमंडल में सुनक भारतीय मूल के दूसरे अहम मंत्री हैं। भारतीय मूल की ही प्रीति पटेल ब्रिटेन की गृह मंत्री हैं। साजिद ने अप्रत्याशित रूप से हाल ही में पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी।
दिसंबर 2019 में हुए आम चुनाव में जॉनसन के नेतृत्व में कंजरवेटिव पार्टी भारी बहुमत के के साथ दोबारा सत्ता में आई। पिछले साल ट्रेजरी में मुख्य सचिव के रूप में पदोन्नत होने से पहले वह स्थानीय सरकार के विभाग में मंत्री थे। डाउनिंग स्ट्रीट ने एक आधिकारिक एलान में कहा कि महारानी ने ऋषि सुनक के चांसलर ऑफ द एक्सचेकर के तौर पर नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
कौन हैं ऋषि सुनक
हैंपशायर में जन्मे 39 वर्षीय सुनक वर्ष 2015 से रिचमंड (यॉर्कशायर) के सांसद हैं। सुनक की शादी मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति से हुई है। ऋषि सुनक की दो बेटियां भी हैं। ऋषि सुनक पिछले साल रिचमंड (यॉर्क्स) सीट से दूसरी बार सांसद चुने गए थे। इससे पहले 2018 में उन्हें ब्रिटेन का आवास मंत्री बनाया गया था।
सुनक के पिता पेशे डॉक्टर थे और मां फार्मेसी चलाती थीं। ऋषि सुनक ब्रिटेन में ऐसे महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने वाले भारतीय मूल के पहले सांसद हैं।
ऋषि सुनक के माता-पिता उनके दादा-दादी के साथ भारत से ब्रिटेन आ गए थे। 1980 में ऋषि सुनक का जन्म हैम्पशायर में साउथहेम्पटन में हुआ था। उन्होंने ब्रिटेन के निजी विद्यालय विंचेस्टर कॉलेज में स्कूली पढ़ाई की।
सुनक ने उच्च शिक्षा के लिए प्रतिष्ठित ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। जहां से उन्होंने दर्शनशास्त्र, राजनीति और अर्थशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद वह एमबीए करने के लिए अमेरिका में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी गए, जहां से उन्होंने एमबीए की डिग्री हासिल की।
राजनीति में आने से पहले ऋषि सुनक ने इनवेस्टमेंट बैंक गोल्डमैन सैशे के लिए काम किया और फिर एक निवेश फर्म भी शुरू की थी।
2015 में बने पहली बार सांसद
सुनक को अक्तूबर 2014 में रिचमंड (यॉर्क) के लिए कंजर्वेटिव उम्मीदवार के रूप में चुना गया था। इस सीट पर पहले पार्टी के पूर्व नेता और विदेश सचिव विलियम हेग थे। सुनक को 2015 के आम चुनाव में 19,550 (36.2%) के बहुमत के साथ निर्वाचन क्षेत्र के लिए सांसद के रूप में चुना गया था।
ऋषि को कंजर्वेटिव पार्टी के उभरते सितारे के रूप में देखा जाता है। मीडिया इंटरव्यू के लिए सरकार अक्सर उन्हें ही आगे रखती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के चुनाव प्रचार में भी उन्होंने अहम रोल दिखाया। कई मौकों पर टीवी डिबेट में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की जगह पर ऋषि ने हिस्सा लिया।
उन्होंने जून 2016 में ब्रिटेन के यूरोपीय संघ (ईयू) से अलग होने का समर्थन किया था। सुनक ने ब्रेक्सिट के लिए प्रचार किया और तीनों अवसरों पर पूर्व पीएम थेरेसा मे की डील के लिए वोट किया।
2017 के आम चुनाव में सुनुक को फिर से सांसद के रूप में 23,108 (40.5%) के बहुमत के साथ चुना गया था। वह जनवरी 2018 और जुलाई 2019 के बीच स्थानीय सरकार के लिए संसदीय अवर सचिव थे।