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क्या ईरान ने ही मिनाब स्कूल पर किया हमला?: ट्रंप ने ईरानी शासन पर लगाया आरोप, कहा- इसमें अमेरिका का हाथ नहीं
Sun, 08 Mar 2026 04:04 AM IST
Himanshu Singh Chandel
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Himanshu Singh Chandel
Updated Sun, 08 Mar 2026 04:04 AM IST
सार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल पर हुआ हमला खुद ईरान ने किया था। इस हमले में 165 लोगों की मौत हुई। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इसमें शामिल नहीं है। आइए, जानते हैं इस पर ट्रंप ने क्या कुछ कहा।
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डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका और इस्राइल के साथ ईरान के जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के मिनाब शहर में जिस प्राथमिक स्कूल पर हमला हुआ और जिसमें कम से कम 165 लोगों की मौत हुई, उसके पीछे खुद ईरान जिम्मेदार है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले में शामिल नहीं है।
मिनाब स्कूल हमले को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप से डेलावेयर के डोवर एयर फोर्स बेस पर एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या अमेरिका ने उस स्कूल पर हमला किया था। इस पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का इससे कोई लेना-देना नहीं है और यह हमला ईरान की ओर से किया गया।
रूस और कुर्द बलों को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि रूस ईरान की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन अभी तक रूस की प्रत्यक्ष भूमिका के कोई प्रमाण सामने नहीं आए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि कुर्द बल ईरान के अंदर जाकर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई करें। उनके अनुसार इससे क्षेत्र में स्थिति और ज्यादा जटिल हो सकती है।
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ये भी पढ़ें- Israel-Iran Conflict: 'परमाणु खतरे को खत्म करना दुनिया के लिए जरूरी', नेतन्याहू ने ईरान पर क्या आरोप लगाए?
ईरान के नेतृत्व को लेकर ट्रंप का क्या बयान रहा?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान में ऐसा राष्ट्रपति हो जो देश को युद्ध की दिशा में न ले जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका हर कुछ वर्षों में फिर से संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता। उनके अनुसार अगर ईरान में ऐसा नेतृत्व आता है जो शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देता है तो इससे पूरे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करता है या उसकी सैन्य क्षमता खत्म हो जाती है, तो इसे संघर्ष के अंत के रूप में देखा जाएगा।
डोवर एयर फोर्स बेस पर क्या हुआ?
इस बीच ट्रंप डेलावेयर के डोवर एयर फोर्स बेस पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। वहां अमेरिकी झंडे में लिपटे ताबूतों को विमान से उतारा गया। इस दौरान ट्रंप ने सैनिकों को सलामी दी और उन्हें सम्मान दिया। डोवर एयर फोर्स बेस अमेरिका में युद्ध में मारे गए सैनिकों के पार्थिव शरीर लाने का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
तेल की कीमतों और हमलों के आरोपों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन बाद में वे तेजी से गिर भी सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार इस स्थिति को धीरे-धीरे संभाल लेगा। वहीं ईरान के उस दावे पर कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास क़ेश्म द्वीप पर जल शोधन संयंत्र को निशाना बनाया, ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
अन्य वीडियो-
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मिनाब स्कूल हमले को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप से डेलावेयर के डोवर एयर फोर्स बेस पर एक पत्रकार ने पूछा था कि क्या अमेरिका ने उस स्कूल पर हमला किया था। इस पर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का इससे कोई लेना-देना नहीं है और यह हमला ईरान की ओर से किया गया।
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रूस और कुर्द बलों को लेकर ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें ऐसा कोई संकेत नहीं मिला है कि रूस ईरान की मदद कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा संघर्ष में कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन अभी तक रूस की प्रत्यक्ष भूमिका के कोई प्रमाण सामने नहीं आए हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह नहीं चाहते कि कुर्द बल ईरान के अंदर जाकर किसी तरह की सैन्य कार्रवाई करें। उनके अनुसार इससे क्षेत्र में स्थिति और ज्यादा जटिल हो सकती है।
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ईरान के नेतृत्व को लेकर ट्रंप का क्या बयान रहा?
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका चाहता है कि ईरान में ऐसा राष्ट्रपति हो जो देश को युद्ध की दिशा में न ले जाए। उन्होंने कहा कि अमेरिका हर कुछ वर्षों में फिर से संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता। उनके अनुसार अगर ईरान में ऐसा नेतृत्व आता है जो शांति और स्थिरता को प्राथमिकता देता है तो इससे पूरे क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान बिना शर्त आत्मसमर्पण करता है या उसकी सैन्य क्षमता खत्म हो जाती है, तो इसे संघर्ष के अंत के रूप में देखा जाएगा।
डोवर एयर फोर्स बेस पर क्या हुआ?
इस बीच ट्रंप डेलावेयर के डोवर एयर फोर्स बेस पहुंचे, जहां उन्होंने अमेरिका-इस्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। वहां अमेरिकी झंडे में लिपटे ताबूतों को विमान से उतारा गया। इस दौरान ट्रंप ने सैनिकों को सलामी दी और उन्हें सम्मान दिया। डोवर एयर फोर्स बेस अमेरिका में युद्ध में मारे गए सैनिकों के पार्थिव शरीर लाने का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
तेल की कीमतों और हमलों के आरोपों पर क्या बोले ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि मौजूदा संघर्ष के कारण तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, लेकिन बाद में वे तेजी से गिर भी सकती हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक बाजार इस स्थिति को धीरे-धीरे संभाल लेगा। वहीं ईरान के उस दावे पर कि अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास क़ेश्म द्वीप पर जल शोधन संयंत्र को निशाना बनाया, ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
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