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US: क्यूबा में स्थापित चीन के जासूसी कैंप पर अमेरिका ने जताई चिंता, कहा- ऐसी उम्मीद नहीं थी

Tue, 13 Jun 2023 09:53 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 13 Jun 2023 09:53 AM IST
सार

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि चीन के साथ हमारे रिश्ते काफी तनावपूर्ण हैं। लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडन चीन के साथ बात करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किर्बी ने कहा कि चीन क्यूबा से जासूसी अभियान को अंजाम दे रहा है, इसपर विश्वास नहीं होता।

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white House expressed concern on China spy camp set up in Cuba said it was not expected
John kirby - फोटो : Twitter

विस्तार

चीन के जासूसी अभियान पर व्हाइट हाउस ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने क्यूबा सरकार के प्रति चिंता जाहिर की। बता दें, चीन क्यूबा सरकार की रजामंदी से उनके देश में जासूसी अभियान को अंजाम दे रहे हैं। 

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रिश्ते काफी तनावपूर्ण हैं
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने बताया कि चीन के साथ हमारे रिश्ते काफी तनावपूर्ण हैं। लेकिन राष्ट्रपति जो बाइडन चीन के साथ बात करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। किर्बी ने कहा कि चीन क्यूबा से जासूसी अभियान को अंजाम दे रहा है, इसपर विश्वास नहीं होता। चीन के इस कदम से राज्य सचिव एंटनी ब्लिंकन की चीन यात्रा पर असर पड़ सकता है।

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चीन ने खारिज किया दावा
एक दिन पहले सोमवार को ब्लिंकन ने कहा था कि चीन विदेशों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। इसी वजह से चीन ने क्यूबा में विस्तार कर रहा है। लेकिन बाइडन सरकार आते ही चीन अपने इन प्रयासों में थोड़ा धीमा पड़ गया। ब्लिंकन के दावे को चीन ने सोमवार को ही खारिज कर दिया था।

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एक दूसरे को सहयोग करते हैं
व्हाइट हाउस में पदस्थ जॉन किर्बी, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में रणनीतिक संचार के समन्वयक ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने कहा कि हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा के लिए काफी उत्सुक हैं। यहां एक सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि क्वाड में भारत और अमेरिका एक दूसरे को सहयोग करते हैं। हमारे बीच रक्षा साझेदारी भी काफी महत्वपूर्ण है। बता दें, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के आक्रामक रुख को कम करने के लिए 2017 में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने मिलकर क्वाड समूह का गठन किया।

दुश्मनों को भी दे सकते हैं कड़ा संदेश
कुछ दिनों पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यात्रा से पहले सांसदों ने कहा था कि जिस प्रकार राष्ट्रपति बाइडेन रात्रिभोज कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्मान कर रहे हैं ठीक वैसे ही दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता का संसद के संयुक्त सत्र में संबोधन एक सम्मान है। बता दें, मई की शुरुआत में दोनों सांसदों ने भारत और अमेरिका समिट की मेजबानी की थी, समिट में देश भर के नेताओं और विशेषज्ञ शामिल हुए थे। सांसदों का कहना है कि हमारे इस प्रयास से भारत-अमेरिका के रिश्तों में मजबूती तो आएगी ही साथ में हम इससे चीन को भी एक कड़ा संदेश दे सकते हैं।

 

 

 

 

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