Hamas History: क्या है हमास? जिसके हमलों ने इस्राइल को कर दिया आग-बबूला और हो गया युद्ध का एलान
Hamas History: हमास इस्राइल राज्य को मान्यता देने से इनकार करता है। उसने 1990 के दशक के मध्य में इजरायल और पीएलओ के बीच बातचीत के बाद हुए ओस्लो शांति समझौतों का भी हिंसक विरोध किया है। हमास की एक सशस्त्र शाखा है जिसे इज़ अल-दीन अल-कसम ब्रिगेड कहा जाता है।
विस्तार
फिलिस्तीनी चरमपंथी समूह हमास ने गाजा से अचानक इस्राइल पर हमला शुरू दिया। इस हमले को इस्राइल-फिलिस्तीन संघर्ष का सबसे गंभीर अध्याय माना जा रहा है। आखिर यह हमास है क्या, जिसके हमले के बाद इस्राइल गुस्से से आग-बबूला हो गया है और उसने युद्ध की घोषणा करते हुए दुश्मनों को सबक सिखाने की बात कह दी है।
क्या है हमास का इतिहास?
हमास, या इस्लामी प्रतिरोध आंदोलन (Harakat al-Muqawama al-Islamiya या Islamic Resistance Movement) की स्थापना फिलिस्तीन इंतिफादा विद्रोह के दौरान 1987 में की गई थी। इसे ईरान का समर्थन मिला था और इसकी विचारधारा मुस्लिम ब्रदरहुड की इस्लामी विचारधारा से मेल खाती थी। मुस्लिम ब्रदरहुड की स्थापना मिस्र में 1920 के दशक में की गई थी। हमास की स्थापना शेख अहमद यासीन ने की थी। 12 साल की उम्र से वह व्हीलचेयर पर थे। साल 1987 में उन्होंने इस्राइल के खिलाफ पहले इंतिफादा की घोषणा की थी। इंतिफादा आमतौर पर "बगावत" या "विद्रोह" को कहा जाता है। 1988 में हमास ने कहा था कि इसकी स्थापना फिलिस्तीन की मुक्ति के लिए हुई है। हमास के सशस्त्र विभाग का गठन 1992 में हुआ। साल 1993 से लेकर साल 2005 तक हमास ने इस्राइल में कई आत्मघाती हमले किए।
हमास का 2007 से फिलिस्तीन के गाजा पट्टी पर नियंत्रण
हमास का 2007 से फिलिस्तीन के गाजा पट्टी पर शासन है। उस समय हमास ने वेस्ट बैंक में सत्ता पर काबिज और फिलिस्तीन लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के प्रमुख राष्ट्रपति महमूद अब्बास के लड़ाकों को एक गृह युद्ध में मात दे दी थी। 2006 में फिलिस्तीनी संसदीय चुनावों में जीत के बाद गाजा इलाके पर हमास का कब्जा हो गया। आखिरी बार वहां चुनाव उसी समय हुए थे। उस दौरान हमास ने अब्बास पर अपने खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। दूसरी ओर, अब्बास ने गाजा पर हमास के कब्जा करने को तख्तापलट बताया था।
हमास इस्राइल पर पहले भी करता रहा है राॅकेट और हवाई हमले
हमास और इस्राइल के बीच कई बार संघर्ष हो चुका है। अक्सर गाजा इलाके से इस्राइल पर रॉकेट और हवाई हमले होते रहे हैं। हमास इस्राइल राज्य को मान्यता देने से इनकार करता है। उसने 1990 के दशक के मध्य में इजरायल और पीएलओ के बीच बातचीत के बाद हुए ओस्लो शांति समझौतों का भी हिंसक विरोध किया है। हमास की एक सशस्त्र शाखा है जिसे इज़ अल-दीन अल-कसम ब्रिगेड कहा जाता है। यह इस्राइल में बंदूकधारियों और आत्मघाती हमलावरों को भेजता है। हमास अपनी सशस्त्र गतिविधियों को प्रतिशोध बताता है।
हमास ने किया था इस्राइल के विनाश का आह्वान
1988 में हमास के संस्थापक चार्टर में इस्राइल के विनाश का आह्वान किया गया था। इसके लड़ाके इस्राइल को मिटाने की कसम खाते हैं। हालांकि हमास के नेताओं ने कई बार 1967 के युद्ध में इस्राइल की ओर से कब्जा किए गए सभी फिलिस्तीनी क्षेत्र पर एक व्यवहार्य फिलिस्तीनी राज्य के बदले में इस्राइल के साथ दीर्घकालिक संघर्ष विराम या अरबी में हुदना की पेशकश भी की है। दूसरी ओर, इस्राइल इसे एक प्रपंच मानता रहा है। हमास को इस्राइल के अलावे संयुक्त राज्य अमेरिका, यूरोपीय संघ, कनाडा, मिस्र और जापान जैसे देश एक आतंकवादी संगठन मानते हैं। दूसरी ओर ब्राजील, चीन, मिस्र, ईरान, नॉर्वे, कतर, रूस, सीरिया और तुर्की इसे आतंकी संगठन नहीं मानते हैं।
हमास के नेता मध्य पूर्व के कई देशों में फैले
हमास उस क्षेत्रीय गठबंधन का भी हिस्सा है जिसमें ईरान, सीरिया और लेबनान में मौजूद शिया इस्लामी समूह हिजबुल्ला शामिल हैं। यह संगठन सभी मध्य पूर्व और इस्राइल में अमेरिकी नीति का व्यापक रूप से विरोध करता रहा है। हालांकि हमास का आधार और ताकत गाजा क्षेत्र में है, पर फिलिस्तीनी अधिपत्य वाले क्षेत्रों में भी इसके समर्थक हैं। इसके नेता कतर सहित मध्य पूर्व के कई देशों में फैले हुए हैं।