फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Washington: 'They gave you nobel for what?' Donald trumps asks nobel winner Nadia Murad

अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलीं नोबेल विजेता नादिया मुराद, ट्रंप ने पूछा- आपको पुरस्कार क्यों मिला?

Thu, 18 Jul 2019 01:54 PM IST
आसिम खान वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: आसिम खान Updated Thu, 18 Jul 2019 01:54 PM IST
विज्ञापन
Washington: 'They gave you nobel for what?' Donald trumps asks nobel winner Nadia Murad
डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल पुरस्कार विजेता यजीदी कार्यकर्ता नादिया मुराद के काम एवं योगदान से बेखबर नजर आए। मुराद इराक के यजीदियों की मदद का अनुरोध लेकर बुधवार को ट्रंप से मुलाकात करने पहुंची थीं।

विज्ञापन


मुराद इस प्राचीन धर्म की उन हजारों महिलाओं एवं लड़कियों में से एक हैं जिन्हें आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट समूह ने 2014 में इराक के विभिन्न हिस्सों पर कब्जा करने के दौरान अगवा कर लिया था। मुराद इस धार्मिक दमन से उबरे लोगों के समूह में शामिल थीं जिन्होंने विदेश मंत्रालय की एक बड़ी बैठक से इतर ओवल ऑफिस में ट्रंप से मुलाकात की।
विज्ञापन


उन्होंने जब ट्रंप को बताया कि कैसे उनकी मां और छह भाइयों की हत्या कर दी गई थी तथा 3,000 यजीदी लापता हैं, ट्रंप ने कहा, और आपको नोबेल पुरस्कार मिला है? यह अद्भुत है। किस कारण से आपको यह मिला?
विज्ञापन
विज्ञापन


मुराद कुछ पल के लिए सकते में आ गयीं और अपनी पूरी कहानी ट्रंप को बताई। उन्हें पिछले साल नोबेल पुरस्कार का संयुक्त विजेता घोषित किया गया था। उन्होंने कहा कि मेरे साथ यह सब होने के बाद भी मैंने हार नहीं मानी। मैंने सबको साफ-साफ बताया कि आईएसआईएस ने हजारों यजीदी महिलाओं से बलात्कार किया।
 
मुराद ने कहा, कृपया कुछ करें। यह किसी एक परिवार के बारे में नहीं है। ट्रंप जो इराक एवं सीरिया के कई हिस्सों पर कब्जा जमाए स्वयंभू खलीफा को खदेड़ने का श्रेय लेते रहे हैं, उस वक्त भी कहीं गुम नजर आए जब मुराद ने यजीदियों की सुरक्षित वापसी के लिए उनसे इराकी एवं कुर्दिश सरकारों पर दवाब बनाने को कहा। 

ट्रंप ने पूछा, लेकिन आईएसआईएस जा चुका है और अब कुर्दिश कौन है?  मुराद ने यह भी बताया कि यजीदियों ने जर्मनी में सुरक्षा पाने के लिए कैसे खतरनाक मार्गों का सहारा लिया। जर्मनी द्वारा शरणार्थियों का स्वागत करने की ट्रंप आलोचना कर चुके हैं। अमेरिकी नेता उस वक्त भी बेखबर से नजर आए जब उन्होंने रोंहिग्या के एक प्रतिनिधि से मुलाकात की।


एक दिन पहले, उनके प्रशासन ने म्यांमार के सेना प्रमुख और तीन अन्य वरिष्ठ अधिकारियों पर संयुक्त राज्य अमेरिका की यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकार के मंत्री और सताए गए समूहों के प्रतिनिधि धार्मिक स्वतंत्रता पर एक बैठक के लिए विदेश विभाग में तीन दिन बिता रहे हैं, जिसे उपराष्ट्रपति माइक पेंस गुरुवार को संबोधित करेंगे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed