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क्या जलवायु परिवर्तन की वजह से फैला कोरोना वायरस, नए शोध में किया गया दावा
Sat, 06 Feb 2021 08:52 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 06 Feb 2021 08:52 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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एक नए शोध के मुताबिक जलवायु परिवर्तन की वजह से सार्स-कोव 2 का उद्भव हो सकता है, यही कोरोना वायरस का मुख्य कारण है। यूके के शोधकर्ताओं का कहना है कि पिछली सदी में वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन ने चमगादड़ों के वन निवास की वृद्धि को बढ़ावा दिया है।
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इसकी वजह से दक्षिणी चीन का यून्नान प्रांत मुख्य रूप से कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बना। चमगादड़ कई जूनोटिक वायरस के भंडार के रूप में कार्य करता है, जिनमें सार्स-कोव, मर्स कोव और इबोला जैसे वायरस शामिल हैं। ऐसा माना जाता रहा है कि सार्स-कोव 2 चमगादड़ों से फैला है।
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हालांकि वैज्ञानिक अभी भी कोरोना वायरस की उत्पत्ति का पता लगा रहे हैं। इस हफ्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन के जांचकर्ताओं ने माना कि वुहान में उनका अनुसंधान यह बताने में अभी तक कामयाब नहीं हुआ है कि कोरोना वायरस जानवरों से इंसानों में कैसे फैला।
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कैंब्रिज यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता डॉक्टर रॉबर्ट बायर का कहना है कि पिछली सदी में हुए जलवायु परिवर्तन से दक्षिणी चीन का यून्नान प्रांत चमगादड़ों के लिए उचित और टिकाऊ जगह बन गया है। कोरोना वायरस की उत्पत्ति को जानने के लिए पहले यह समझना जरूरी है कि जलवायु परिवर्तन के परिणामस्वरूप चमगादड़ की प्रजातियों का वैश्विक फैलाव कैसे बदल गया।
शोध में पाया गया कि दक्षिणी चीन के यून्नान प्रांत, म्यांमार और लाओस के निकटतम क्षेत्रों में पिछली सदी में वनस्पति में बड़े पैमाने पर बदलाव हुए हैं। जलवायु परिवर्तन में तापमान में वृद्धि, सूर्य की किरण, वातावरणीय कार्बन डाई ऑक्साइड शामिल हैं, जो पौधे और पेड़ के विकास को प्रोत्साहित करता है। इससे उष्णकटिबंधीय झाड़ी से उष्णकटिबंधीय सवाना में प्राकृतिक आवास बदल गए हैं।
इस बदलाव से कोरोना वायरस फैलाने वाली कई चमगादड़ प्रजातियों को उपयुक्त वातावरण मिला, जो मुख्य रूप से जंगलों में पनपने के लिए रहते हैं। शोध मेें पाया गया कि इस बदलाव की वजह से यून्नान में उन चमगादड़ों ने वास किया, जो 100 से ज्यादा तरह के चमगादड़ जनित कोरोना वायरस को अपने शरीर में रखते हैं।