फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   walmart will have to pay tax of 83 billion in india

PhonePe: वॉलमार्ट को झटका, भारत में चुकाना होगा 83 अरब रुपये का टैक्स

Thu, 05 Jan 2023 04:36 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Thu, 05 Jan 2023 04:36 AM IST
सार

फोनपे का दिसंबर, 2020 में अंतिम बार मूल्यांकन किया गया था। उस समय कंपनी का मूल्यांकन करीब 5.5 अरब डॉलर था। अब अमेरिकी निवेश फर्म टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट सहित कई निवेशक भारत में नई कीमत पर फोनपे के शेयर खरीद चुके हैं।

विज्ञापन
walmart will have to pay tax of 83 billion in india
Walmart - फोटो : pixabay

विस्तार

फोनपे का मुख्यालय सिंगापुर से भारत लाने की वजह से वॉलमार्ट और डिजिटल भुगतान कंपनी के सभी शेयरधारकों को करीब एक अरब डॉलर (83 अरब रुपये) का टैक्स भरना होगा। सूत्रों के मुताबिक, फोनपे के भारत में स्थानांतरित होने और उसके मूल्यांकन में बढ़ोतरी की वजह से यह टैक्स देनदारी बन रही है। फोनपे में वॉलमार्ट की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी है, जो उसके पास मूल कंपनी फ्लिपकार्ट की खरीदारी के बाद आई। फोनपे हाल ही में फ्लिपकार्ट से अलग हुई है। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फोनपे प्री-मनी मूल्यांकन (वैल्यूएशन) के आधार पर जनरल अटलांटिक, कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और अन्य निवेशकों से 12 अरब डॉलर की पूंजी जुटा रही है। इस कारण भारी शुल्क लग रहा है।

विज्ञापन


कई निवेशक खरीद चुके हैं शेयर
विभिन्न रिपोर्ट के मुताबिक, फोनपे का दिसंबर, 2020 में अंतिम बार मूल्यांकन किया गया था। उस समय कंपनी का मूल्यांकन करीब 5.5 अरब डॉलर था। अब अमेरिकी निवेश फर्म टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट सहित कई निवेशक भारत में नई कीमत पर फोनपे के शेयर खरीद चुके हैं। इस कारण कंपनी पर यह देनदारी बन रही है। अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी वॉलमार्ट ने पिछले महीने कहा था कि वह फ्लिपकार्ट के साथ फोनपे की साझेदारी खत्म करेगी। साथ ही कहा था कि वह दोनों कंपनियों में बहुलांश हिस्सेदारी बरकरार रखेगी। 
विज्ञापन


नाजुक समय पर हलचल
फिनटेक कंपनी के भीतर यह हलचल ऐसे नाजुक समय में हो रही है, जब वित्तीय स्थिरता की वजह से दुनियाभर की स्टार्टअप कंपनियों को पूंजी जुटाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। आने वाले वक्त में फोनपे के भारत में सूचीबद्ध होने की भी उम्मीद है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


2019 में शुरू हुई थी फ्लिपकार्ट से अलगाव की प्रक्रिया
दरअसल, फ्लिपकार्ट ने 2016 में फोनपे को खरीदा था। हालांकि, अब दोनों कंपनियों के रास्ते अलग हो गए हैं। लेकिन, दोनों की मूल कंपनी अब भी वॉलमार्ट ही है। फोनपे और फ्लिपकार्ट के अलग होने की प्रक्रिया 2019 में शुरू हुई थी। अब फिनटेक कंपनी पूरी तरह भारतीय बन चुकी है। अब यह अधिक मूल्यांकन पर पूंजी जुटाने की कोशिश कर रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed