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Vostok Military Exercise: चीनी सेना से जुड़े सैन्य अभ्यास में शामिल हुए पुतिन, बढ़ सकती है अमेरिका की टेंशन
Tue, 06 Sep 2022 11:48 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 06 Sep 2022 11:48 AM IST
सार
वोस्तोक 2022 सैन्य अभ्यास में 50 हजार से अधिक सैनिक हिस्सा ले रहे हैं और 5000 से अधिक हथियार, 140 विमान और 60 युद्धपोत शामिल होंगे।
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पुतिन और जिनपिंग
- फोटो : ANI
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विस्तार
चीनी सेना से जुड़े सैन्य अभ्यास को देखने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज वोस्तोक 2022 सैन्य अभ्यास में शामिल हुए। चीन के साथ पुतिन की नजदीकी ने अमेरिका की टेंशन बढ़ा दी है। इस सैन्य अभ्यास के जरिए रूस अमेरिका समेत यूरोपीय देशों को यह दिखाना चाहता है कि वह दुनिया में अलग-थलग नहीं पड़ा है। वहीं अमेरिका ने भी माना है कि रूस और चीन गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं और वर्तमान अमेरिकी प्रशासन के लिए उनके मन में कोई सम्मान नहीं है।
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युद्धाभ्यास में 50 हजार से अधिक सैनिक हिस्सा ले रहे
एक से सात सितंबर तक चलने वाले इस अभ्यास की मेजबानी रूस कर रहा है जिसमें चीन, भारत जैसे कई देश हिस्सा ले रहे हैं। इस अभ्यास में 50 हजार से अधिक सैनिक हिस्सा ले रहे हैं। यह अभ्यास सात अलग-अलग फायरिंग रेंज पर होगा और इसमें 5000 से अधिक हथियार, 140 विमान और 60 युद्धपोत शामिल किए गए हैं। इस सैन्य अभ्यास में चीन, भारत, लाओस, मंगोलिया, निकारागुआ, सीरिया और पूर्व सोवियत देश हिस्सा ले रहे हैं।
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सैन्य अभ्यास से अमेरिका चिंतित
वहीं, रूस ने जब से भारत के साथ सैन्य अभ्यास ‘वोस्तोक 2022’ की घोषणा की है, अमेरिका बिलबिलाया हुआ है। इसमें भी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस युद्धाभ्यास में भारत और चीन के साथ कई अन्य देशों के 50 हजार सैनिक भाग ले रहे हैं। अब इस युद्धाभ्यास को लेकर व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया सामने आई है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जीन पियरे कहा है कि यूक्रेन के साथ अकारण एवं बर्बर युद्ध छेड़ने वाले रूस के साथ किसी भी अन्य देश का सैन्य अभ्यास करना उसके लिए चिंताजनक है।
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जब उनसे पूछा गया कि इस मसले पर भारत पर दबाव क्यों नहीं डाला गया? तो उन्होंने कहा, सैन्य अभ्यास में भाग लेने वाले प्रत्येक देश को खुद निर्णय लेना है और मैं यह फैसला उन पर छोड़ती हूं। वहीं इस सैन्य अभ्यास में भाग लेने वाले देशों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा, मेरे पास इस बारे में बताने लायक कुछ नहीं है।
भारतीय सेना की टुकड़ी हुई शामिल
भारतीय सेना ने अपने बयान में बताया कि 7/8 गोरखा राइफल्स के सैनिकों की एक भारतीय सेना की टुकड़ी अभ्यास स्थान पर पहुंची थी। अगले सात दिनों में ये सैनिक संयुक्त क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास, युद्ध चर्चा और गोलाबारी अभ्यास करने के लिए संयुक्त युद्धाभ्यास करेंगे। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि भारतीय सेना की टुकड़ी व्यावहारिक पहलुओं को साझा करने और मान्य अभ्यासों, प्रक्रियाओं और नई तकनीक के अभ्यास को चर्चा और सामरिक अभ्यासों के माध्यम से सीखने के लिए तत्पर है।