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ब्रिटेन: डॉक्टरों ने डिजाइन किया खास तरह का डिवाइस, पहली बार हुआ सफल इलाज

Tue, 16 Apr 2019 01:39 PM IST
Shilpa Thakur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Tue, 16 Apr 2019 01:39 PM IST
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Vetex thrombectomy catheter device for treatment of blood clotting
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : File Photo

ब्रिटेन में डॉक्टरों ने एक ऐसा डिवाइस डिजाइन किया है जो नसों से खून के थक्के को खींचने में सक्षम है। इस डिवाइस से पहली बार एक सफल इलाज भी हुआ है। इस डिवाइस का नाम 'वर्टेक्स थ्रोम्बेक्टोमी कैथेटर' है, जिससे लंदन में रहने वाली एक महिला को नया जीवन मिला है। 


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लंदन की 55 वर्षीय जैकी फील्ड अब दुनिया की पहली ऐसी महिला बन गई हैं, जिनका इलाज 'वर्टेक्स थ्रोम्बेक्टोमी कैथेटर' डिवाइस के जरिए किया गया है। फील्ड के पैरों के निचले हिस्से में ब्लड क्लॉट थे। अब इलाज के बाद उनके जीवन को कोई खतरा नहीं है।

इस डिवाइस को बनाने का श्रय ब्रिटेन की एनएचएस (नेशनल हेल्थ सर्विस) के डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को जाता है। फील्ड को डीवीटी (डीप वेन थ्रंबोसिस) की समस्या थी। इस बीमारी में व्यक्ति के निचले अंगों की नसों में खून का थक्का जम जाता है। साथ ही पैरों में सूजन आ जाती है।

इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति का चलना दुश्वार हो जाता है। लेकिन आधे से ज्यादा मामलों में डीवीटी का पता ही नहीं चल पाता है। इस समस्या की जानकारी तब मिलती है, जब दिल और फेफड़ों में ब्लड सर्कुलेशन बाधित होने लगता है।

इस बीमारी से ब्रिटेन में छह लाख से अधिक लोग पीड़ित हैं और इससे हर साल 25 हजार लोगों की मौत हो जाती है। फील्ड का कहना है कि उन्हें बीते साल नवंबर माह में रात के वक्त अचानक पैरों के पिछले हिस्से में दर्द शुरू हो गया था। जिसके कारण वह गिर गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया।

सेंट थॉमस हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने फील्ड का इलाज इस डिवाइस से किया। इस नई प्रक्रिया में केवल डेढ़ घंटे का वक्त लगता है। इस ऑपरेशन से कुछ ही समय बाद मरीज को घर भेजा जा सकता है।

फील्ड इस बात से बेहद खुश हैं कि वो इस तरह से ठीक होने वाली दुनिया की पहली महिला हैं। उन्हें खुशी है कि इस बीमारी का समय पर पता चल गया और समय पर उनका इलाज हो पाया। 

कैसे करते हैं इलाज?

कैथेटर को सबसे पहले प्रभावित नस में भेजा जाता है। फिर निश्चित जगह पर उसे स्थिर कर दिया जाता है। खून के थक्के के बिल्कुल बीच में स्टेंट पहुंचाने के बाद क्लॉट में जाकर यह फैल जाता है। फैला हुआ स्टेंट नस की दीवारों से क्लाट हटा देता है। 

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