होर्मुज के पास जहाज पर हमला: 24 भारतीय नाविक सवार, सहायता के लिए नेवी को भेजा आपात संदेश
ओमान तट पर एक जहाज पर कथित हमले के बाद 24 भारतीय नाविकों ने तुरंत मदद की गुहार लगाई है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब ईरान और इस्राइल के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव तेज हो गया है, जिससे क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है। पढ़िए रिपोर्ट-
विस्तार
इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद एक बार फिर से होर्मुज में तनाव बढ़ गया है। इसी बीच सोमवार को ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक जहाज पर कथित हमले की जानकारी सामने आई है। जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों ने संकट की स्थिति में तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
'फॉरवर्ड सीमैन्स यूनियन ऑफ इंडिया' ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि जहाज पर मौजूद भारतीय नाविकों ने अपनी लोकेशन (कोऑर्डिनेट्स) भेजकर आपात सहायता मांगी है। यूनियन के अनुसार, जहाज ओमान के तट से 15 नॉटिकल मील दूर मौजूद है। यूनियन ने दावा किया है कि जहाज पर कथित हमला हुआ है।
Indian Navy in Harmouz 24 Indian Seafarers seeking urgent assistance at 2057.07N 059 degree 0813 off coast Oman onboard @IndiannavyMedia @MEAIndia @DrSJaishankar @shipmin_india @ITFglobalunion pic.twitter.com/PljHOhTGVv
विज्ञापन विज्ञापन— FSUI (@FSUIINDIA) June 8, 2026
यूनियन ने एक वीडियो भी साझा किया है, जिसमें जहाज के अंदर से काला धुंआ निकलता दिख रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ओमान तट के करीब हुए इस हमले में जहाज के इंजन रूम को नुकसान हुआ है। हालांकि इस हमले की अभी तक ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ पाई है। सरकार की ओर से भी इस हमले की अभी तक पुष्टि नहीं की गई थी। जहाज पर किस तरह का हमला हुआ, फिलहाल हालत कैसी है और कोई घायल है या नहीं इस तरह की कोई सूचना नही है। भारतीय अधिकारियों की ओर से भी अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ये भी पढ़ें: West Asia: ईरान के बाद इस्राइल में भारतीयों के लिए भी एडवाइजरी जारी, विदेश मंत्रालय की अपील- तत्काल तनाव घटाएं
सीजफायर के दो महीने बाद शुरू हुई जंग
- लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इस्राइली हमलों के जवाब में ईरान ने रविवार रात इजरायल के कई इलाकों पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले किए।
- जवाबी कार्रवाई में इस्राइल ने ईरान के खुजेस्तान प्रांत के माहशहर स्थित कारून पेट्रोकेमिकल कंपनी पर हमला किया, जिससे संयंत्र का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।
- अप्रैल 2026 में हुए युद्धविराम (सीजफायर) के करीब दो महीने बाद दोनों देशों के बीच फिर से सैन्य टकराव शुरू हो गया है।
- ईरान ने इस्राइल के नेवातिम और तेल नोफ एयर बेस को निशाना बनाने का दावा किया, जबकि इस्राइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए।
- बढ़ते तनाव के बीच इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सुरक्षा कैबिनेट की अहम बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की सैन्य रणनीति और जवाबी कदमों पर चर्चा होने की संभावना है।
इस बीच, रूस में ईरान के राजदूत काजेम जालाली का बयान भी ध्यान देने लायक है। उन्होंने मास्को में कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद नहीं किया जाएगा, लेकिन यह नई शर्तों के तहत संचालित होगा, जिनमें ट्रांजिट शुल्क (आवागमन शुल्क) भी शामिल हो सकता है।
रूसी समाचार पत्र इजवेस्टिया को दिए इंटरव्यू में जालाली ने कहा, यह जलडमरूमध्य निश्चित रूप से खुला रहेगा, लेकिन इसकी नई शर्तें ईरान और ओमान के अधिकारी तय करेंगे। हम समझते हैं कि ईरान और ओमान इस स्ट्रेट से जुड़ी कुछ सेवाएं प्रदान करते हैं, और उन सेवाओं के लिए शुल्क लिया जाएगा।" हालांकि उन्होंने इस बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस जलमार्ग को किसी दबाव के साधन के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन क्षेत्रीय परिस्थितियां बदल चुकी हैं, इसलिए नई व्यवस्था जरूरी है।
इस बीच यूरोपीय यूनियन ने ईरान को नौवहन के लिए खतरा मानते हुए उस पर प्रतिबंध लगाने का एलान किया है। रॉयटर्स के अनुसार, ईयू की विदेश नीति प्रमुख काया कलास ने कहा कि ईरान का वर्तमान हमला मैरीटाइम ट्रैफिक के लिए खतरा है।
ओमान में भारतीय दूतावास ने क्या कहा?
ओमान में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि भारतीय नाविकों से जुड़े एक जहाज की घटना पर मिशन सक्रिय रूप से काम कर रहा है। दूतावास ने कहा कि वह ओमान के अधिकारियों के संपर्क में है, ताकि उनकी सुरक्षा और बचाव सुनिश्चित किया जा सके। दूतावास ने कहा, मिशन भारतीय नाविकों वाले एक जहाज से जुड़े मामले को गंभीरता से देख रहा है। हम उनके बचाव और सुरक्षा के लिए ओमान के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
इस बीच, बंदरगाह, नौवहन और जलमार्ग मंत्रालय के शिपिंग डिवीजन के निदेशक ओपेश कुमार शर्मा ने बताया कि करीब डेढ़ बजे एक जहाज एमटी मेरीवेक्स पर आग लगने की सूचना मिली है, जिसमें 24 भारतीय नाविक सवार थे। यह प्रारंभिक जानकारी है। उपलब्ध सूचना के अनुसार सभी भारतीय नाविक फिलहाल सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, विदेश में स्थित भारतीय मिशन, भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तालमेल किया जा रहा है।