{"_id":"641da9e6c1c575a0ad0fee5e","slug":"usa-is-uncomfortable-with-growing-interest-of-the-world-in-china-ukraine-peace-plan-know-whole-matter-2023-03-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Ukraine Crisis: चीन की यूक्रेन शांति योजना में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी से असहज है अमेरिका, जानें पूरा मामला","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Ukraine Crisis: चीन की यूक्रेन शांति योजना में दुनिया की बढ़ती दिलचस्पी से असहज है अमेरिका, जानें पूरा मामला
Fri, 24 Mar 2023 07:17 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, ब्रसेल्स
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, ब्रसेल्स
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 24 Mar 2023 07:17 PM IST
विज्ञापन
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
सार
आगे पढ़ने के लिए लॉगिन या रजिस्टर करें
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
फ्री ई-पेपर
सभी विशेष आलेख
सीमित विज्ञापन
सब्सक्राइब करें
शी जिनपिंग
- फोटो :
सोशल मीडिया
विस्तार
यूक्रेन युद्ध खत्म कराने के लिए चीन की तरफ से पेश की गई शांति योजना को लेकर अब यूरोप में सकारात्मक प्रतिक्रिया नजर आने लगी है। बताया जाता है कि इससे अमेरिका के जो बाइडन प्रशासन में असहजता पैदा हुई है। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज ने कहा है कि वे चीन की शांति योजना पर बातचीत करने के लिए अगले हफ्ते वे बीजिंग जाएंगे।
यूरोपियन यूनियन (ईयू) की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता के तहत स्पेन अगला अध्यक्ष बनने वाला है। इसलिए सांचेज की इस पहल को इसलिए और भी अधिक महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। सांचेज ने कहा है कि अगले हफ्ते वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से अपनी मुलाकात में इस बात पर जोर डालेंगे कि रूस के साथ किसी भी शांति समझौते की शर्तों पर फैसला करने का अधिकार यूक्रेन को होना चाहिए।
ब्रसेल्स में ईयू की बैठक के बाद संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सांचेज ने गुरुवार को कहा कि चीन दुनिया में “सबसे बड़ी भूमिका रखने वाले” देशों में है। उन्होंने कहा कि शी जिनपिंग के आमंत्रण पर बीजिंग जा रहे हैं। यह आमंत्रण स्पेन और चीन के बीच राजनयिक संबंध कायम होने की 50वीं सालगिरह के मौके पर उन्हें भेजा गया था। उन्होंने कहा कि वहां निश्चित रूप से यूक्रेन पर रूसी हमले से पैदा हुए विश्व संकट पर भी बातचीत होगी। हमारे लिए प्रत्यक्ष बातचीत से यह जानना जरूरी है कि यूक्रेन में शांति को लेकर शी जिनपिंग का क्या रुख है।
इस बीच अमेरिकी वेबसाइट ब्लूमबर्ग ने एक खबर छापी है कि शी जिनपिंग की रूस यात्रा के बाद अमेरिका खुद को असहज स्थिति में पा रहा है। मास्को में शी और रूस के राष्ट्रपति व्लादीमीर पुतिन के बीच यूक्रेन संबंधी चीन की शांति योजना पर भी बातचीत हुई, जबकि इस योजना को अमेरिका ने अस्वीकार्य माना है। अमेरिकी अधिकारियों ने सार्वजनिक तौर पर चीन की योजना पर संदेह जताया है। उनकी राय है कि ये योजना लागू होने पर रूस युद्धविराम लागू कर देगा, जबकि यूक्रेन की जिस जमीन पर उसने कब्जा जमाया है, वह उसके पास ही बनी रहेगी।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक जो बाइडेन प्रशासन के अधिकारियों ने निजी बातचीत में चीन की योजना को दुनिया भर में बढ़ रही दिलचस्पी पर असहजता जताई है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि युद्ध से उपजी समस्याओं से थकान महसूस कर रहे देश चीन की योजना को समर्थन देने की तरफ बढ़ सकते हैँ। प्रशासन के एक अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर ब्लूमबर्ग से बातचीत में कहा कि बाइडेन प्रशासन के रुख को देखते हुए चीन को यह प्रचार करने का मौका भी मिल सकता है कि अमेरिका की शांति कायम करने मे दिलचस्पी नहीं है।
अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज में फेलॉ बॉनी लिन ने भी कहा है कि चीन यह संदेश फैलाना शुरू कर सकता है कि अमेरिका की युद्धविराम में रुचि नहीं है। ऐसे कई तरीके हैं, जिनके जरिए चीन अमेरिका की नकारात्मक छवि पेश करने की कोशिश कर सकता है।
इस बीच चीन के टॉप डिप्लोमैट वांग यी ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति के कूटनीतिक सलहाकार इमैनुएल बॉन से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने यूरोप का अह्वान किया कि वह चीन की शांति योजना का समर्थन करने के लिए आगे आए और शांति कायम करने में अपनी भूमिका निभाए।