फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   usa does not want to reduce India defence capabilities

भारत की रक्षा क्षमताएं घटाना नहीं चाहता है अमेरिका

Fri, 10 Jan 2020 03:11 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 10 Jan 2020 03:11 AM IST
विज्ञापन
usa does not want to reduce India defence capabilities
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

ट्रंप प्रशासन ऐसा कोई फैसला नहीं करना चाहता है जो भारत जैसे उसके प्रमुख साझेदार की रक्षा क्षमताओं को कमजोर करता हो। एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने रूस के साथ सैन्य हथियार खरीदने वाले देशों को अमेरिकी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से संबंधित कानून काटसा को लेकर यह टिप्पणी की है। भारत को अमेरिकी संसद से 2017 के रक्षा बजट में प्रमुख रक्षा सहयोगी का दर्जा मिल चुका है।

विज्ञापन


बता दें कि भारत और रूस के बीच अक्तूबर 2018 में पांच अरब डॉलर के एस-400 रक्षा प्रणाली समझौते पर हस्ताक्षर हुए थे जिसकी पहली किश्त दी जा चुकी है। इसे लेकर अमेरिका से काट्सा कानून के तहत दबाव था, क्योंकि तुर्की पर अमेरिका पहले ही इस कानून के तहत कार्रवाई कर चुका है।
विज्ञापन


लेकिन ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अमेरिका जानता है कि भारत की चिंताएं जायज हैं। हम उनकी रक्षा क्षमताओं को कम करना नहीं चाहते हैं। अमेरिका ऐसा रास्ता निकालना चाहता है, जिससे रक्षा मामलों में भारत की रूस पर निर्भरता से कोई फर्क न पड़े और हम दोनों देश साथ काम जारी रखें।
विज्ञापन
विज्ञापन


अधिकारी ने कहा, काटसा कानून के तहत लगने वाले प्रतिबंध किस पर लग रहे हैं, इस पर भी विचार होता है। इस मामले में हमारे पास कई विकल्प मौजूद हैं। इसलिए हम भारत को इन प्रतिबंधों से बचाने के लिए रास्ता निकालना चाहते हैं।

हर मामले को अलग तरह से देखेंगे

भारत ने अक्तूबर 2018 में रूस के साथ एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने का सौदा किया था। उस वक्त अमेरिका द्वारा भारत पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी के बावजूद उसने अब तक ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की है। अधिकारी ने कहा कि भारत-रूस समझौते का यह मतलब नहीं कि हमने उसे कोई छिपी हुई छूट दी है, लेकिन प्रतिबंध लगाने से पहले हर मामले को अलग तरह से देखा जाएगा।

तुर्की पर हो चुकी कार्रवाई

अमेरिकी अधिकारी ने नाम का खुलासा न करने की शर्त पर कहा, ऽआप देख सकते हैं अमेरिका दुश्मनों से समझौता करने वालों पर कैसी कार्रवाई कर रहा है। हमने अपने नाटो पार्टनर तुर्की को भी एस-400 खरीदने के लिए कड़ा संदेश दिया है। अमेरिका ने हाल ही में रूस से रक्षा समझौता करने के लिए तुर्की को लॉकहीड मार्टिन के एफ-35 फाइटर जेट बेचने पर रोक लगाई थी।

बेहद शक्तिशाली है एस-400 सिस्टम

एस-400 मिसाइल सिस्टम 400 किमी के भीतर मिसाइलों व पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों को खत्म कर सकता है। यह सिस्टम एक तरह से मिसाइल शील्ड का काम करेगा, जो चीन व पाक की एटमी क्षमता वाली बैलेस्टिक मिसाइलों से भारत को सुरक्षा देगा।

यह सिस्टम अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को भी गिरा सकता है। यह 36 एटमी क्षमता वाली मिसाइलों को एक साथ नष्ट कर सकता है।

औद्योगिक सुरक्षा समझौता ऐतिहासिक: लाल

जेट विमान बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन के शीर्ष अधिकारी विवेक लाल ने कहा है कि भारत-अमेरिका के बीच औद्योगिक सुरक्षा समझौता (आईएसए) ऐतिहासिक है और भारत के निजी उद्योग के साथ तकनीकी हस्तांतरण की सुविधा देता है।

इससे आपसी हितों का समर्थन करने के मकसद से लाइसेंस के लिए आवेदन करने समेत व्यापार प्रक्रिया में भी आसानी होगी।

बता दें कि इस समझौते पर दिसंबर 2019 में टू प्लस टू वार्ता के दौरान हस्ताक्षर हुए थे। लाल ने कहा कि आईएसए समझौते से मेक इन इंडिया समेत औद्योगिक व रक्षा सहयोग में इजाफा होने के साथ रक्षा मामलों में डाटा हासिल करने का अतिरिक्त लाभ होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed