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USA: अरुणाचल प्रदेश पर अमेरिका ने चीन का दावा किया खारिज; पन्नूं मामले को बताया बेहद गंभीर
Thu, 21 Mar 2024 09:06 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 21 Mar 2024 09:06 AM IST
सार
भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा कि चीन के रक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया दावा पूरी तरह से बेतुका है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
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वेदांत पटेल, अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता।
- फोटो : ANI
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विस्तार
अमेरिका ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन के दावे को खारिज कर दिया है। अमेरिका ने कहा कि हम एकपक्षीय तरीके से सीमा में किसी भी तरह के बदलाव का सख्ती से विरोध करेंगे। दरअसल बीते दिनों पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश का दौरा किया था और वहां सेला टनल का उद्घाटन किया था। पीएम मोदी के दौरे के बाद चीन ने बयान जारी कर प्रधानमंत्री के दौरे पर विरोध जताया था।
अमेरिका ने चीन का दावा किया खारिज
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि अमेरिका अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा मानता है और हम एकपक्षीय कार्रवाई से एलएसी पर सैन्य या नागरिक तरीके से किसी भी तरह के बदलाव के खिलाफ हैं। पीएम मोदी के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर चीन के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि शीजांग (तिब्बत का चीनी नाम) चीन का अभिन्न हिस्सा है और चीन कभी भी अरुणाचल प्रदेश पर भारत के कथित कब्जे को कभी स्वीकार नहीं करेगा। चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का हिस्सा मानता है। हालांकि चीन के बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी सख्त शब्दों में चीन को जवाब दिया और अरुणाचल प्रदेश पर चीन को आईना दिखाया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा कि चीन के रक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया दावा पूरी तरह से बेतुका है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
पन्नूं मामले में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे
अमेरिका की सरकार ने कहा कि वे, गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश के मामले में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बीते साल भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की अमेरिका में हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था। आरोप है कि निखिल गुप्ता, भारत सरकार के एक अधिकारी के साथ मिलकर पन्नूं की हत्या की साजिश रच रहा था। भारत की सरकार भी इस मामले की जांच कर रही है। अमेरिका के विदेश विभाग के अधिकारी डोनाल्ड लू ने संसद की विदेश मामलों की समिति को बताया कि हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि जो इसके पीछे हैं, उन्हें जवाबदेय ठहराया जाए।
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डोनाल्ड लू ने कहा कि 'यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर मामला है। न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि भारतीय नागरिक, भारत सरकार के एक अधिकारी के कहने पर अमेरिका में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रच रहा था। हम इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं और भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ इस मामले पर संपर्क में हैं। भारत ने भी एक समिति गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।'
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अमेरिका ने चीन का दावा किया खारिज
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा कि अमेरिका अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा मानता है और हम एकपक्षीय कार्रवाई से एलएसी पर सैन्य या नागरिक तरीके से किसी भी तरह के बदलाव के खिलाफ हैं। पीएम मोदी के अरुणाचल प्रदेश दौरे पर चीन के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा था कि शीजांग (तिब्बत का चीनी नाम) चीन का अभिन्न हिस्सा है और चीन कभी भी अरुणाचल प्रदेश पर भारत के कथित कब्जे को कभी स्वीकार नहीं करेगा। चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत का हिस्सा मानता है। हालांकि चीन के बयान के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने भी सख्त शब्दों में चीन को जवाब दिया और अरुणाचल प्रदेश पर चीन को आईना दिखाया। भारतीय विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में कहा कि चीन के रक्षा मंत्रालय द्वारा किया गया दावा पूरी तरह से बेतुका है। अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।
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पन्नूं मामले में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे
अमेरिका की सरकार ने कहा कि वे, गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की हत्या की साजिश के मामले में भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। बीते साल भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता पर खालिस्तानी आतंकी गुरुपतवंत सिंह पन्नूं की अमेरिका में हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था। आरोप है कि निखिल गुप्ता, भारत सरकार के एक अधिकारी के साथ मिलकर पन्नूं की हत्या की साजिश रच रहा था। भारत की सरकार भी इस मामले की जांच कर रही है। अमेरिका के विदेश विभाग के अधिकारी डोनाल्ड लू ने संसद की विदेश मामलों की समिति को बताया कि हम भारत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, ताकि जो इसके पीछे हैं, उन्हें जवाबदेय ठहराया जाए।
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डोनाल्ड लू ने कहा कि 'यह दोनों देशों के बीच एक गंभीर मामला है। न्याय विभाग ने आरोप लगाया है कि भारतीय नागरिक, भारत सरकार के एक अधिकारी के कहने पर अमेरिका में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रच रहा था। हम इस मामले को पूरी गंभीरता से ले रहे हैं और भारत के शीर्ष नेतृत्व के साथ इस मामले पर संपर्क में हैं। भारत ने भी एक समिति गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी है।'