फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US will vote for mid-term elections on Tuesday

United States: आज है सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के दुःस्वप्न के साकार होने की रात!

Tue, 08 Nov 2022 06:55 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Tue, 08 Nov 2022 06:55 PM IST
सार

US Midterm Elections 2022: सोमवार को तमाम मीडिया संस्थानों का अनुमान रहा कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में माहौल रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में झुकता चला गया। इससे उत्साहित पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे 15 नवंबर को एक बड़ी सूचना देश को देंगे...

विज्ञापन
US will vote for mid-term elections on Tuesday
US Midterm Elections 2022 - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

अमेरिका में सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए मंगलवार की रात को (भारतीय समय के अनुसार बुधवार दोपहर तक) उसके बुरे सपने सच हो कर सामने आ सकते हैं। मंगलवार को (भारतीय समय के अनुसार मंगलवार रात) अमेरिका में मिड टर्म चुनावों के लिए मतदान होगा। भारतीय समय के अनुसार बुधवार सुबह साढ़े पांच बजे के बाद मतगणना होगी और दोपहर तक नतीजे सामने आएंगे। आम अनुमान है कि राष्ट्रपति जो बाइडन की पार्टी को इन नतीजों से झटका लगेगा।

विज्ञापन

सोमवार को तमाम मीडिया संस्थानों का अनुमान रहा कि चुनाव प्रचार के आखिरी दिनों में माहौल रिपब्लिकन पार्टी के पक्ष में झुकता चला गया। इससे उत्साहित पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे 15 नवंबर को एक बड़ी सूचना देश को देंगे। समझा जाता है कि उस दिन वे 2024 के राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी का एलान करेंगे। सोमवार को मीडिया रिपोर्टों में बताया गया कि चुनाव प्रचार के आखिरी हफ्ते में रिपब्लिकन पार्टी के अंदर खास कर ट्रंप समर्थकों की स्थिति अपेक्षाकृत ज्यादा मजबूत हुई है।

विज्ञापन

टीवी चैनल सीएनएन ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि 40 साल की सबसे ज्यादा महंगाई ने डेमोक्रेटिक पार्टी के खिलाफ माहौल बना दिया। इस कारण ये अनुमान मजबूत हुआ कि कांग्रेस (संसद) के निचले सदन हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में ये पार्टी अपना बहुमत गंवा देगी। संभव है कि ऊपरी सदन सीनेट में भी रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत बन जाए। सीएनएन वेबसाइट पर एक विश्लेषण में कहा गया है- ‘अगर डेमोक्रेटिक पार्टी की बुरी हार हुई, तो सबसे ज्यादा अंगुलियां बाइडन पर उठेंगी। पार्टी के अंदर कहा जाएगा कि बाइडन लोगों को उचित संदेश देने में नाकाम रहे।’

विज्ञापन
विज्ञापन

रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने कहा है कि उन्होंने उन मुद्दों की बात की है, जिनसे मतदाता चिंतित हैं। यह दावा करते हुए पार्टी की नेशनल कमेटी के अध्यक्ष रोना मैक्डैनियल ने सीएनएन के एक कार्यक्रम में कहा- ‘डेमोक्रेटिक पार्टी महंगाई से इनकार करती रही, वह बढ़े अपराध से इनकार करती रही, उसे शिक्षा की चिंता नहीं है।’ इसी कार्यक्रम में डेमोक्रेटिक पार्टी की सलाहकार हिलेरी रॉसेन ने स्वीकार किया कि सत्ताधारी दल मतदाताओं के मूड को भांपने में नाकाम रहा।

डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से दो बार राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर दावा जता चुके सीनेटर बर्नी सैंडर्स हाल के हफ्तों में बार-बार राष्ट्रपति से अपील करते रहे कि वे महंगाई के मुद्दे पर ठोस कदम उठाएं। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बाइडन की रणनीति लोकतंत्र के लिए रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से आ रहे कथित खतरे को मुद्दा बनाने पर टिकी रही, जबकि मतदाता उनके ऐसे बयानों से प्रभावित नहीं हुए।

इस बात की पुष्टि विभिन्न जनमत सर्वेक्षणों से हुई है। औसतन 53 फीसदी मतदातओं ने महंगाई को अपने लिए सर्व प्रमुख मुद्दा माना है और राय जताई है कि बाइडन प्रशासन अर्थव्यवस्था को संभालने में नाकाम रहा है। सीएनएन की चर्चा में कुछ विशेषज्ञों ने कहा कि बाइडन प्रशासन का आर्थिक प्रबंधन वास्तव में उतना बुरा नहीं है, लेकिन मतदाता खुद पर बड़े आर्थिक बोझ से परेशान हैं। उनके पास राष्ट्रपति के तर्कों को सुनने का वक्त नहीं है। यही बात संभवतः चुनाव परिणामों में झलकेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed