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US: भारत की ताकत देख फिर बौखलाए ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो, बोले- भारत को महंगा पड़ेगा रूस-चीन का साथ

Mon, 08 Sep 2025 11:12 PM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 08 Sep 2025 11:12 PM IST
सार

व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर भारत अमेरिका के साथ व्यापारिक समझौतों में सहयोग नहीं करता तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा। उन्होंने भारत को एक बार फिर महाराजा ऑफ टैरिफ बताया और रूस से तेल खरीदने पर भी कई सवाल उठाए। नवारो ने चेतावनी दी कि रूस और चीन के साथ खड़े होने से भारत को नुकसान होगा।
 

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US Trump advisor Peter Navarro again upset after seeing India power says Russia-China support cost India
व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो - फोटो : एएनआई

विस्तार

अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव एक बार फिर सुर्खियों में है। वहीं, एससीओ की बैठक में भारत का बढ़ता कद और उसकी ताकत को देखकर ट्रंप के सलाहकार बौखला गए हैं। वो लगातार भारत विरोधी बयान देते बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर भारत अमेरिका के साथ व्यापार समझौतों में सहयोग नहीं करता तो इसका नतीजा अच्छा नहीं होगा। नवारो ने दावा किया कि भारत दुनिया में अमेरिका पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाने वाला बड़ा देश है।
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नवारो ने एक टीवी इंटरव्यू में भारत को महाराजा ऑफ टैरिफ बताया। उनका आरोप है कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर अत्यधिक शुल्क लगाता है और इस पर चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि कई बार भारत अमेरिकी अधिकारियों की बातों से नाराज़ होता है, लेकिन हकीकत यह है कि वह व्यापारिक संतुलन में बाधा डाल रहा है।
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रूस से तेल खरीद पर सवाल
नवारो ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद भारत के रूस से तेल खरीदने के फैसले को भी कटघरे में खड़ा किया। उनका कहना था कि भारत पहले कभी बड़े पैमाने पर रूस से तेल नहीं खरीदता था। लेकिन युद्ध के बाद भारत ने इसे 'मुनाफाखोरी' का जरिया बना लिया है। उन्होंने कहा कि इससे अमेरिकी टैक्सपेयर्स पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
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सहयोगी देशों के उदाहरण दिए
नवारो ने कहा कि अमेरिका ने यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, फिलीपींस और इंडोनेशिया के साथ बेहतरीन व्यापारिक समझौते किए हैं। इन देशों ने महसूस किया कि वे लंबे समय से अमेरिका का फायदा उठा रहे थे। अब वे अमेरिकी बाजारों की अहमियत को समझ रहे हैं। नवारो के मुताबिक, भारत को भी यही रवैया अपनाना चाहिए।

रूस और चीन से नजदीकी पर चेतावनी
नवारो ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर भारत रूस और चीन के साथ खड़ा रहा, तो यह उसके लिए सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शांति का रास्ता आंशिक रूप से नई दिल्ली से होकर गुजरता है। इसलिए भारत को रूसी तेल खरीदना बंद करना होगा।


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चीन पर सख्त रुख
नवारो ने चीन पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चीन रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार है और इस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने चीन पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया है और यह अमेरिकी जनता की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम है। नवारो ने कहा कि यह सब ट्रंप की कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है और दुनिया को इस पर भरोसा करना चाहिए।

पीटर नवारो के बयान से साफ है कि अमेरिका भारत पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। रूस से ऊर्जा खरीद और टैरिफ विवाद इस तनाव के बड़े कारण बन गए हैं। सवाल यह है कि भारत अमेरिकी दबाव के आगे झुकेगा या अपनी स्वतंत्र नीति पर कायम रहेगा।


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