सीमा विवाद शुरू करने में महारथी है चीन, भारत ने बखूबी जवाब दिया: पोम्पियो
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अमेरिका इस समय चीन पर कोई भी निशाना लगाने से चूक नहीं रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप देर-सबेर चीन विरोधी कोई बयान जरूर देते हैं तो इस मामले में अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी लगातार चीन पर हमला बोल रहे हैं। कोरोना वायरस को लेकर चीन पर कई आरोप लगाने वाले पोम्पियो ने अब चीन के सीमा विवादों को लेकर आक्रामक अंदाज में उसे घेरा है।
कोरोना वायरस
पोम्पियो ने कहा, 'सभी अघोषित कम्युनिस्ट शासकों की तरह बीजिंग भी किसी दुश्मन से ज्यादा अपने लोगों की आजाद सोच से डरता है। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के साथ विश्वसनीयता की बड़ी समस्या है। वे दुनिया को इस वायरस के बारे में असलियत बताने में असफल रहे जिसकी वजह से सैकड़ों हजारों लोगों की मौत हुई।'
अब भूटान के साथ सीमा विवाद
विभिन्न देशों के साथ सीमा विवादों को लेकर पोम्पियो ने कहा, चीन ने हाल ही में भूटान के साथ एक सीमा विवाद दायर किया था। हिमालय की पर्वत श्रेणियों से लेकर वियतनाम के जलक्षेत्र के सेनककु द्वीपों और उससे आगे तक का यह विवाद है। बीजिंग के पास क्षेत्रीय सीमा विवादों को भड़काने का एक पैटर्न है। दुनिया को चीन को इस तरह की बदमाशी करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।
There aren't many neighbours that can satisfactorily say that they know where their sovereignty ends & the Chinese Communist Party will respect that. That is certainly true now for people of Bhutan. The world must come together to respond to this: Mike Pompeo, US Secy of State https://t.co/7qT5Oucbku pic.twitter.com/bhuOyEMhZH
— ANI (@ANI) July 8, 2020
जयशंकर से की बात
वहीं, भारत और चीन के बीच तल रहे सीमा विवाद को लेकर पोम्पियो ने कहा, मैंने इस संबंध में विदेश मंत्री एस जयशंकर से कई बार बात की है। चीन ने इस मामले में अविश्वसनीय रूप से आक्रामक कार्रवाई की और भारतीयों ने उस पर बेहतरीन जवाब दिया। बता दें कि इस समय भारत-चीन सीमा पर वार्ताओं के कई दौर के बाद दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने का सिलसिला शुरू हो चुका है।
टिक टॉक पर हो रहा मूल्यांकन
वहीं, चीनी मोबाइल एप टिक टॉक को लेकर पोम्पियो ने कहा कि मैं इसे एक व्यापक संदर्भ में रखना चाहता हूं। हम यह सुनिश्चित करने के लिए निरंतर मूल्यांकन में लगे हुए हैं कि हम अमेरिकी नागरिकों की गोपनीयता और उनकी जानकारी की रक्षा करें। बता दें कि भारत सरकार ने हाल ही में टिक टॉक समेत 59 चीनी मोबाइल एप्स पर डाटा सुरक्षा को लेकर प्रतिबंध लगाया था।