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मिलेंगे दो प्रतिद्वंद्वी: एटमी हथियार नियंत्रण पर बात करेंगे अमेरिका-रूस

Wed, 21 Jul 2021 01:01 AM IST
Jeet Kumar न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, मॉस्को/वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, मॉस्को/वाशिंगटन। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 21 Jul 2021 01:01 AM IST
सार

अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं और रूस ने भी खतरनाक हथियार विकसित कर लिए हैं। दोनों देशों में इस संबंध में 8 अप्रैल 2010 को समझौता हुआ था और उस वक्त जो बाइडन अमेरिकी उपराष्ट्रपति व पुतिन रूसी प्रधानमंत्री थे।

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us russia will talk about control on nuclear weapons
Joe Biden with Vladimir Putin - फोटो : social media

विस्तार

अमेरिका और रूस के बीच लंबे समय से परमाणु हथियारों को लेकर बातचीत शुरू होने को लेकर कोशिशें हुई हैं लेकिन आपसी प्रतिद्वंद्विता और तनाव के चलते कोई प्रगति नहीं हुई है। अब 28 जुलाई को जिनेवा में दोनों देशों के बीच एटमी हथियार नियंत्रण को लेकर पहले दौर की वार्ता होगी जिसमें हथियारों की संख्या सीमित रखने को लेकर कार्यक्रम बनाया जाना है।

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रूसी अखबार कॉमेरसांत ने बताया है कि पहले दौर की वार्ता का मकसद भविष्य में हथियारों पर नियंत्रण के लिए और उनकी सीमित संख्या के लिए जमीनी कार्यक्रम बनाना है, ताकि चरणबद्ध तरीके से इनमें कमी लाई जा सके।
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हाल ही में जिनेवा में ही अमेरिका और रूस के राष्ट्रपतियों की द्विपक्षीय वार्ता भी हुई थी। इस वार्ता में दोनों देशों के बीच पिछले कई माह से जारी कड़वाहट को खत्म कर रिश्ते सुधारने और मजबूत करने पर जोर दिया गया। 28 जुलाई को होने वाली बैठक इसी का नतीजा है।
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उधर, अमेरिका के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं और रूस ने भी खतरनाक हथियार विकसित कर लिए हैं। दोनों देशों में इस संबंध में 8 अप्रैल 2010 को समझौता हुआ था और उस वक्त जो बाइडन अमेरिकी उपराष्ट्रपति व पुतिन रूसी प्रधानमंत्री थे। यह समझौता पराग्वे डील के नाम से जाना जाता है।


तय सीमा में एटमी हथियार रखने का अधिकार
अमेरिका और रूस के बीच हुए परमाणु हथियार समझौते में दोनों देशों को तय सीमा के अंदर ही एटमी हथियार रखने का अधिकार था। स्विटजरलैंड में पिछले माह हुई दोनों नेताओं की बैठक के दौरान इस डील की समय सीमा को पांच वर्ष के लिए आगे बढ़ाया गया था। अब ये डील फरवरी 2026 तक लागू रहेगी, जिस पर लगातार संवाद जारी रखना जरूरी है।

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