अमेरिका: जो बाइडन प्रशासन घोषित करेगा अपनी नई चीन नीति, क्या होगी उसमें नई बात?
विश्लेषकों की राय है कि नई नीति के एलान से सरकारी एजेंसियां, दूसरे देशों की सरकारें, और चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिका की चीन नीति को अधिक स्पष्टता से समझ पाएंगी। नई नीति में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अमेरिकी विदेश नीति के उद्देश्य क्या हैं...
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन कुछ ही दिन के अंदर अपनी नई चीन नीति घोषित करने वाले हैं। उनकी तरफ से इस नीति का एलान विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन करेंगे। बताया जाता है कि इसमें बाइडेन प्रशासन ‘उभरते चीन के खिलाफ 21वीं सदी में जीत हासिल करने’ की अपनी रणनीति का ब्योरा देगा।
लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि बाइडन की नई नीति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। मोटे तौर पर इसका ढांचा वही रहेगा, जो पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तय किया था। लेकिन इसमें चीन विरोधी रणनीति में सहयोगी देशों को शामिल करने पर अधिक जोर दिया जाएगा। साथ ही इस नीति पर अमल के तरीकों को अधिक विस्तृत ढंग से बताया जाएगा।
विश्लेषकों की राय है कि नई नीति के एलान से सरकारी एजेंसियां, दूसरे देशों की सरकारें, और चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी अमेरिका की चीन नीति को अधिक स्पष्टता से समझ पाएंगी। नई नीति में यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि अमेरिकी विदेश नीति के उद्देश्य क्या हैं।
अमेरिका-आसियान शिखर सम्मलेन से पहले एलान
वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस नीति का एलान अगले हफ्ते होने वाले अमेरिका-आसियान शिखर सम्मलेन से पहले कर दिया जाएगा। ये शिखर सम्मेलन वाशिंगटन में होगा। इस सम्मेलन के बाद जो बाइडन दक्षिण कोरिया और जापान की यात्रा पर जाएंगे। उसके बाद 24 मई को क्वाड्रैंगुलर सिक्योरिटी डॉयलॉग (क्वैड) के नेताओं की शिखर बैठक ऑस्ट्रेलिया में होगी। पोलिटिको की रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन प्रशासन की नई चीन नीति से इन तमाम बैठकों में बातचीत के एजेंडे को दिशा मिलेगी।
अमेरिकी थिंक टैंक जर्मन मार्शल फंड स्थित एशिया प्रोग्राम के निदेशक बोनी ग्लेजर ने कहा है- ‘मुझे नहीं लगता है कि नई नीति में आप कुछ ऐसी नई बात सुनेंगे, जो अब तक हमने ना सुनी हो। हमने इस प्रशासन को पिछले 15 महीनों से काम करते देखा है। इसके आधार पर हमें नहीं लगता कि एंटनी ब्लिंकेन कोई बहुत अलग बात सामने रखेंगे।’
चीन के रणनीतिक माहौल को बदलने की कोशिश
पर्यवेक्षकों के मुताबिक अब तक यह स्पष्ट हो चुका है कि बाइडन प्रशासन की विदेश नीति में चीन संबंधी चिंता केंद्रीय बिंदु है। पिछले फरवरी में प्रशासन ने अपनी इंडो-पैसिफिक स्ट्रैटेजी जारी की थी। उसमें भी बाइडन प्रशासन की चीन नीति को साफ किया गया था। उस दस्तावेज में कहा गया था कि अमेरिका का मकसद चीन के अंदरूनी ढांचे को बदलना नहीं है। लेकिन वह उस रणनीतिक माहौल को बदलना चाहता है, जिसमें चीन काम करता है। अमेरिका दुनिया में रणनीतिक माहौल को इस रूप में ढालना चाहता है, जो अमेरिका और उसके साथी देशों के अनुकूल हो।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय में चीन संबंधी मामलों के एक विशेषज्ञ ने कहा है कि नई चीन रणनीति का मकसद ट्रंप प्रशासन की नीति को बेहतर रूप देकर पेश करना है। साथ ही इसमें सहयोगी देशों की भूमिका का भी जिक्र होगा। उस विशेषज्ञ ने वेबसाइट पॉलिटिको को बताया कि ये नीति पिछले नवंबर से राष्ट्रपति की मेज पर है। तब से इसे अंतिम रूप दिया जा रहा था। बताया जाता है कि नई नीति का सार भी वही है, जिसे जो बाइडन ने जनवरी 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद घोषित किया था। तब उन्होंने कहा था- 21वीं सदी में विजयी होने के लिए चीन और अऩ्य देशों के साथ हमारी प्रतिस्पर्धा चल रही है।