Joe Biden: अमेरिका में बढ़ती ही जा रही है सरकार के बढ़ते घाटे की चुभन
अमेरिका में अगला बजट नौ मार्च को पेश किया जाएगा। कांग्रेस से अपेक्षा है कि वह उसे 15 अप्रैल तक मंजूरी दे दे। लेकिन अब हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है, इसलिए संभव है कि वहां बजट प्रस्ताव को लटका दिया जाए...
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन बढ़ते राजकोषीय घाटे से निपटने की एक विशेष योजना बना रहे हैं। सरकार के लिए कर्ज सीमा बढ़ाने को लेकर कांग्रेस (संसद) में चल रहे विवाद के बीच बाइडन प्रशासन ने इस दिशा में पहल की है। अमेरिका सरकार पर कर्ज 31 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का हो चुका है। अपना कामकाज जारी रखने के लिए और ऋण लेना उसकी मजबूरी है। लेकिन रिपब्लिकन पार्टी ने कर्ज सीमा बढ़ाने के प्रस्ताव को रोक रखा है। उसकी मांग है कि पहले सरकार अपना घाटा कम करने के उपाय करे।
वेबसाइट एक्सियोस.कॉम की एक खास रिपोर्ट के मुताबिक घाटा कम करना अब एक सियासी मुद्दा बन गया है। रिपब्लिकन पार्टी जहां इसके लिए कल्याणकारी योजनाओं पर खर्च घटाने की मांग कर रही है, वहीं बाइडन प्रशासन अधिक टैक्स लगा कर घाटा करने की योजना पेश करने की तैयारी में जुटा है। एक्सियोस.कॉम के मुताबिक इस योजना को 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी खास मुद्दा बनाने पर विचार कर रही है।
बताया जाता है कि इस योजना के तहत अरबपतियों और बड़ी कंपनियों पर कई प्रकार के टैक्स लगाने का प्रस्ताव किया जाएगा। ये प्रस्ताव इस वर्ष पेश होने वाले बजट में शामिल किए जाएंगे। साथ ही बजट में यह दावा किया जाएगा कि बाइडन प्रशासन ने महंगाई घटाने के लिए जो इन्फ्लेशन रिडक्शन कानून पारित कराया था, उससे राजकोषीय घाटे में 238 बिलियन डॉलर की गिरावट आएगी। इसके अलावा बाइडन कुछ खर्चों में कटौती भी करने का प्रस्ताव रखेंगे। हाल के अपने स्टेट ऑफ द यूनियन भाषण में बाइडन ने कहा था कि वे घाटे को कम करने की योजना पर काम कर रहे हैं।
अमेरिका में अगला बजट नौ मार्च को पेश किया जाएगा। कांग्रेस से अपेक्षा है कि वह उसे 15 अप्रैल तक मंजूरी दे दे। लेकिन अब हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है, इसलिए संभव है कि वहां बजट प्रस्ताव को लटका दिया जाए। उस स्थिति में सरकारी कामकाज में बड़ी रुकावट आ सकती है।
उसके पहले ऋण सीमा का सवाल गरमाया हुआ है। जो बाइडन ने आरोप लगाया है कि खर्च घटाने के नाम पर रिपब्लिकन पार्टी मेडिकेयर और सामाजिक सुरक्षा की अन्य योजनाओं को खत्म करवाना चाहती है। पिछले वर्ष बाइडन प्रशासन ने 5.8 ट्रिलियन डॉलर खर्च का बजट पेश किया था। उसमें 1.2 ट्रिलियन डॉलर घाटे का प्रावधान था। पिछले साल के बजट में कहा गया था कि अगले दस साल में अमेरिका में जितने राजस्व की वसूली होगी, उससे 14.4 ट्रिलियन डॉलर अधिक खर्च होगा। जानकारों के मुताबिक अगर घाटा बढ़ने की यह रफ्तार रही, तो साल 2032 तक अमेरिका सरकार पर कर्ज बढ़ कर 44.8 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा। उसका अर्थ यह हुआ कि अमेरिका को हर साल सिर्फ ब्याज चुकाने पर 1.2 ट्रिलियन डॉलर खर्च करने होंगे।
इन आंकड़ों से अमेरिका में चिंता बढ़ी है। यह आम राय बनी है कि यह स्थिति टिकाऊ नहीं हो सकती। इसलिए अब खर्च घटाना प्राथमिकता में ऊपर आ गया है। लेकिन खर्च कैसे घटाया जाए, इसको लेकर दोनों पार्टियों में गहरे मतभेद उभर आए हैं।