फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US President Joe Biden has taken an aggressive stance on the issue of Ukraine, but he does not see any political benefit inside his country

अमेरिका: जो बाइडन से अब मायूस होने लगी है उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी भी

Mon, 14 Feb 2022 02:30 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 14 Feb 2022 02:30 PM IST
सार

विश्लेषकों का कहना है कि बाइडन की घटती लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण महंगाई है। अमेरिका में महंगाई की दर 40 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। लोगों की यही भावना हाल में जारी हुए लगभग सभी जनमत सर्वेक्षणों में जाहिर हुई है। सीएनएन के एक विश्लेषक ने जनमत के ताजा रुख का जायजा लेते हुए कहा है कि सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए खतरनाक स्थिति बन रही है...

विज्ञापन
US President Joe Biden has taken an aggressive stance on the issue of Ukraine, but he does not see any political benefit inside his country
अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

यूक्रेन के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने आक्रामक रुख अपना रखा है, लेकिन उससे अपने देश के अंदर उन्हें कोई सियासी लाभ होता नहीं दिख रहा है। अमेरिका के लोग बाइडन की तरफ से लगातार किए जा रहे इस वादे पर भी यकीन करने को तैयार नहीं दिख रहे हैं कि अमेरिका के अच्छे दिन आने वाले हैं। दो साल तक कोरोना महामारी झेलने के बाद अब अमेरिका के नागरिकों को खाद्य पदार्थों और प्राकृतिक गैस की महंगाई झेलनी पड़ रही है। स्कूलों में अभी भी आम ढंग से पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। इसलिए यूक्रेन की रक्षा से ज्यादा उनका ध्यान अपनी मुश्किलों पर टिका हुआ है।

विज्ञापन


टीवी चैनल सीएनएन और सर्वे एजेंसी एसएसआरएस के एक ताजा सर्वे से सामने आया है कि तकरीबन 60 फीसदी अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के काम से संतुष्ट नहीं हैं। इस सर्वे में शामिल किए गए मतदाताओं का बहुमत बाइडन प्रशासन का एक भी ऐसा काम नहीं बता पाया, जिससे वह संतुष्ट हो।

विज्ञापन

महंगाई के चलते घटी बाइडन की लोकप्रियता

विश्लेषकों का कहना है कि बाइडन की घटती लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण महंगाई है। अमेरिका में महंगाई की दर 40 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। लोगों की यही भावना हाल में जारी हुए लगभग सभी जनमत सर्वेक्षणों में जाहिर हुई है। सीएनएन के एक विश्लेषक ने जनमत के ताजा रुख का जायजा लेते हुए कहा है कि सत्ताधारी डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए खतरनाक स्थिति बन रही है। तमाम संकेत हैं कि अगले नवंबर में होने वाले संसदीय चुनाव में उसे बुरी हार का मुंह देखना पड़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन


देश में हिंसक अपराधों में बढ़ोतरी से भी बाइडन प्रशासन की मुश्किलें बढ़ी हैँ। इस बीच राजनीतिक चर्चाओं में लगातार देश में गृह युद्ध जैसी स्थिति की बात कही जा रही है। विश्लेषकों का कहना है कि रिपब्लिकन पार्टी लगातार नस्लभेदी मुद्दों को उठा रही है, जिससे देश में राजनीतिक ध्रुवीकरण तीखा हो गया है। जो बाइडन इस स्थिति का कोई समाधान ढूंढने में विफल रहे हैँ।

चीन पर रहे नाकाम

राजनीतिक विश्लेषक स्टीफन कॉलिसन ने कहा है कि विदेशी घटनाओं से भी देश में बेचैनी बढ़ रही है। अमेरिका के लोग शीत युद्ध खत्म होने के बाद एक-ध्रुवीय दुनिया देखने के आदती रहे हैं। लेकिन अब चीन से अमेरिका को चुनौती मिल रही रही है, जो आसानी से अमेरिकी नागरिकों के गले नहीं उतर रही है। इससे ये धारणा गहराई है कि जो बाइडन चीन पर लगाम कसने में नाकाम साबित हुए हैं।



पर्यवेक्षकों का कहना है कि बाइडन की मुसीबत उनकी पार्टी के कुछ नेताओं की वजह से भी पैदा हुई है। दो सीनेटरों जो मेंचिन और क्रिस्टीन सिनेमा ने बाइडन प्रशासन के मुख्य आर्थिक एजेंडे- बिल्ड बैक बेटर पैकेज को पारित नहीं होने दिया है। वोटिंग राइट्स बिल पारित करने के रास्ते में भी ये दोनों रुकावट बने हुए हैँ। उन्हें ना मना पाने की वजह से बाइडन की छवि एक लाचार राष्ट्रपति की बन गई है। इसका असर उनकी लोकप्रियता पर पड़ रहा है। अमेरिकी मीडिया में आम चर्चा है कि राष्ट्रपति की गिरती लोकप्रियता के कारण डेमोक्रेटिक पार्टी में मायूसी गहरा गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed