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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप बोले- सही नियम से हो महाभियोग की जांच, तभी करेंगे सहयोग 

Thu, 10 Oct 2019 09:28 AM IST
Nilesh Kumar वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: Nilesh Kumar Updated Thu, 10 Oct 2019 09:28 AM IST
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US President DonaldTrump says will participate in impeachment enquiry only if rules are fair
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ऊपर लगाए गए महाभियोग की जांच में सहयोग करने की बात कही है, लेकिन उन्होंने निष्पक्षता और नियमसंगत जांच किए जाने की शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि वह डेमोक्रेट की अगुवाई में चल रहे महाभियोग की जांच की कार्यवाही चलाने में तभी सहयोग करेंगे, जब नियम निष्पक्ष होंगे। 

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यह पूछे जाने पर कि यदि सदन ने महाभियोग पर समर्थन किया तो वह क्या करेंगे, ट्रंप ने कहा कि वे संवैधानिक प्रक्रिया के तहत मुझे मेरे अधिकार देंगे और मैं जांच में सहयोग करने को तैयार हूं। इससे पहले व्हाइट हाउस ने मंगलवार को कहा था कि डेमोक्रेट्स राष्ट्रपति को हटाने के लिए प्रशासन के साथ असहयोगात्मक और असंवैधानिक प्रक्रिया अपना रहे हैं। ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप महाभियोग की जांच में सहयोग नहीं करेंगे। 
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व्हाइट हाउस ने सहयोग करने से किया था मना 

इससे पहले व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप इस मामले की जांच में सहयोग नहीं करेंगे। आरोप था कि विपक्ष का यह प्रयास असंवैधानिक है और लोकतांत्रिक व्यवस्था को पलटने का प्रयास किया जा रहा है। व्हाइट हाउस ने डेमोक्रेट सांसदों को इस आशय का पत्र भी भेजा था। 
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व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव स्टेफनी ग्रिशम ने मीडिया से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ महाभियोग की जांच पूरी तरह राजनीतिक है। डेमोक्रेट भी यह जानते हैं कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ भी गलत नहीं किया है। 

ग्रिशम ने कहा कि डेमोक्रेट सांसद सियासी कारणों से 2016 में हुए चुनाव के नतीजों को पलटना चाहते हैं, ताकि वह हर अमेरिकी को प्राप्त बुनियादी अधिकारों की उपेक्षा करते हुए महाभियोग की जांच कर सकें।

व्हाइट हाउस को थी आपत्ति 

ग्रिशम ने इसे पक्षपातपूर्ण कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह संविधान के लिए अपमानजनक है। यह कार्रवाई बंद कमरे में हो रही है और इसमें राष्ट्रपति को गवाह बुलाने की, गवाहों से जिरह की इजाजत नहीं दी गई और न ही उन्हें सबूत नहीं दिखाए गए। इसके अलावा कई बुनियादी अधिकारों से उन्हें वंचित रखा गया। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत ऐसा नहीं होना चाहिए। 

यूक्रेन के साथ जानकारियां साझा करने का आरोप

ट्रंप पर उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी जो बिडेन को नुकसान पहुंचाने के मकसद से यूक्रेन से जानकारियां साझा करने के आरोप हैं। हालांकि ट्रंप इससे इनकार करते रहे हैं जबकि चीन और यूक्रेन से उन्होंने सार्वजनिक रूप से बिडेन और उनके बेटे के खिलाफ जांच शुरू करने को लेकर मदद मांगी है। व्हाइट हाउस पर भी आरोप है कि उसने राष्ट्रपति से संबंधित आरोपों के दस्तावेजों को पलटा है। 

महाभियोग से जुड़ी डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन प्रमुख सांसदों ने पेंस को लिखे एक पत्र में लिखा, हाल ही में सार्वजनिक रिपोर्टों में यूक्रेन के राष्ट्रपति को ट्रंप का संदेश पहुंचाने या उसका समर्थन करने में आपकी संभावित भूमिका को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अत: प्रतिनिधि सभा की महाभियोग की जांच के लिए, अनुरोध कर रहे हैं कि आप 15 अक्तूबर तक निर्धारित दस्तावेज पेश करें।

महाभियोग की प्रक्रिया के तहत ट्रंप को पद से हटाने के किसी भी प्रयास के लिए 20 रिपब्लिकन सांसदों की जरूरत होगी, जो अपने ही राष्ट्रपति के खिलाफ जाए। अभी तक अमेरिकी राजनीतिक इतिहास में किसी भी राष्ट्रपति को महाभियोग के जरिए नहीं हटाया गया है। 

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