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अमेरिका : एनएसए जेक सुलिवन ने कहा- चीन कोविड-19 पर अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्व से इंकार करता है तो प्रतिक्रिया पर विचार करेंगे

Mon, 21 Jun 2021 12:49 AM IST
देव कश्यप पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन Published by: देव कश्यप Updated Mon, 21 Jun 2021 12:49 AM IST
सार

  • अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कोविड-19 की उत्पत्ति को लेकर कहा कि अगर चीन अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाने से इंकार कर रहा है तो अमेरिका प्रतिक्रिया पर विचार करेगा।

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US National Security Advisor Jake Sullivan says US will consider its response if China refuses to live up to its international obligations on COVID19
अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने रविवार को कहा कि अगर यह पता चलता है कि बीजिंग कोविड-19 की उत्पत्ति और प्रसार के संबंध में अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाने से इंकार कर रहा है तो उस सूरत में अमेरिका अपने मित्रों एवं सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श करके चीन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया पर विचार करेगा।

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सुलिवन ने सीएनएन के साथ साक्षात्कार में कहा, 'इस बिंदु पर हम कोई चेतावनी या धमकी नहीं देने जा रहे। हम अंतराष्ट्रीय समुदाय को लगातार सहयोग जारी रखने जा रहे हैं। अगर यह पता चलता है कि चीन अपने अंतरराष्ट्रीय दायित्वों को निभाने से इंकार करता है, तो हमें इस बिंदु पर अपनी प्रतिक्रिया को लेकर विचार करना पड़ेगा और ऐसा करने से पहले हम अपने सहयोगियों और साझेदारों से चर्चा करेंगे।'
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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि कोविड-19 की उत्पत्ति की तह तक जाने के लिए जो बाइडन प्रशासन के पास दो रास्ते हैं। एक रास्ता तो खुफिया समुदाय मूल्यांकन का है, जिसका राष्ट्रपति जो बाइडन ने आदेश दिया था और जिसको लेकर अगस्त में रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उन्होंने कहा कि दूसरा रास्ता अंतरराष्ट्रीय जांच है जिसकी अगुवाई विश्व स्वास्थ्य संगठन करे।
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सुलिवन ने कहा कि बाइडन प्रशासन इस मसले पर तस्वीर साफ करने के लिए अपनी क्षमताओं और अपने संसाधनों का उपयोग करने की प्रक्रिया में है।

बता दें कि यह संशय और सवाल अब भी बना हुआ है कि क्या वायरस स्वाभाविक रूप से उत्पन्न हुआ या वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से लीक हुआ? इसी को लेकर कुछ दिन पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रमुख डॉ. टेड्रोस घेब्रेयसस ने चीन से कोविड-19 की उत्पत्ति संबंधित चल रही जांच में सहयोग करने का आह्वान किया था, ताकि वायरस के लक्षण का और पता लगाया जा सके।

द वॉल स्ट्रीट जर्नल (डब्ल्यूएसजे) की रिपोर्ट के अनुसार, 12 जून (शनिवार) को वीडियो कांफ्रेंस के जरिये ग्रुप ऑफ सेवन (जी-7) शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद डॉ. टेड्रोस ने ये टिप्पणी की थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि जब वायरस की उत्पत्ति की जांच का अगला चरण चल रहा होगा तो बेहतर सहयोग और पारदर्शिता होगी। 

डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक ने कहा, ‘जैसा कि आप जानते हैं कि हमें चीनी पक्ष से सहयोग की आवश्यकता होगी। हमें इस वायरस की उत्पत्ति को समझने या जानने या खोजने के लिए पारदर्शिता की आवश्यकता है। रिपोर्ट जारी होने के बाद आंकड़े साझा करने में कठिनाइयां थीं, खासकर कच्चे आंकड़े साझा करने में।’ टेड्रोस ने आगे यह भी कहा कि कोरोना वायरस की जांच के अगले कदम की तैयारी चल रही है और जी7 नेताओं ने वायरस की उत्पत्ति के मुद्दे पर चर्चा की। 

हाल ही में, वायरस की उत्पत्ति की जांच करने के लिए अध्ययन तेज हो गए हैं। राष्ट्रपति बाइडन ने महामारी की उत्पत्ति की नई अमेरिकी बुद्धिजीवी जांच का भी आदेश दिया है। दुनिया भर में तबाही मचाने वाले नोवेल कोरोना वायरस की उत्पत्ति डेढ़ साल बाद भी एक रहस्य बनी हुई है, संक्रमण का पहला मामला चीनी शहर वुहान में सामने आया था। अब, वैज्ञानिक और दुनिया के नेता यह पता लगाने के लिए आगे की जांच का आह्वान कर रहे हैं कि क्या वायरस स्वाभाविक रूप से उत्पन्न हुआ या वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी से लीक हुआ।

तैयारी में कमी है सामूहिक लोकतंत्र में सबसे बड़ी नाकामी : डॉ. प्लम्प
अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. एंड्रयू प्लम्प ने कहा है कि महामारी के खिलाफ तैयारियों में कमी हमारी सामूहिक तंत्र की ‘सबसे बड़ी नाकामी’ रही है। डॉ. प्लम्प दुनिया की शीर्ष 20 सबसे बड़ी दवा कंपनियों में शामिल एक कंपनी की शोध शाखा का नेतृत्व करते हैं। उन्होंने कहा, कोविड-19 हाल की वक्त में सबसे गंभीर स्वास्थ्य संकट है। उन्होंने कहा, मैं किसी पर भी उंगली नहीं उठाना चाहता। यह एक तरह से हमारी व्यवस्था की नाकामी है।


आप दलील दे सकते हैं कि कोविड-19 के खिलाफ हमारी कार्रवाई हमारी व्यवस्था की सबसे बड़ी सफलता है, लेकिन वहीं यह संभवत: हमारी सबसे बड़ी सामूहिक नाकामी भी है। पिछले साल स्थापित कोविड आर एंड डी गठबंधन के सह-संस्थापक ने डॉ. प्लम्प ने कहा कि महामारी को भी उतना महत्व देने की आवश्यकता है जिनती की सरकारें रक्षा को अहमियत देती हैं।

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