फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US: Mobile and car production crisis worldwide due to lack of semiconductor

अमेरिका: सेमीकंडक्टर की कमी से दुनियाभर में मोबाइल, कार उत्पादन पर संकट

Thu, 20 May 2021 06:12 AM IST
Kuldeep Singh न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन Published by: Kuldeep Singh Updated Thu, 20 May 2021 06:12 AM IST
सार

  • चिप की कमी का स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टेलीकॉम उपकरण से लेकर गाड़ियों व घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामानों के उत्पादन पर असर दिखने लगा है। कारों समेत कई उत्पादों की कीमत बढ़ने लगी है

विज्ञापन
US: Mobile and car production crisis worldwide due to lack of semiconductor
सेमीकंडक्टर चिप - फोटो : pixabay

विस्तार

महामारी के कारण दुनियाभर में सेमीकंडक्टर चिप की आपूर्ति में आई कमी ने आर्थिक और भूराजनीतिक रस्साकशी बढ़ा दी है। एक और कंपनियां आपूर्तिकर्ताओं से भिड़ रही हैं, तो अमेरिका जैसे देश घर में ही इसका उत्पादन करने की धमकी दे रहे हैं।

विज्ञापन


दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं पर असर, कंपनियों को भी होने लगा नुकसान 
चिप की कमी का स्मार्टफोन, कंप्यूटर, टेलीकॉम उपकरण से लेकर गाड़ियों व घरेलू इलेक्ट्रॉनिक सामानों के उत्पादन पर असर दिखने लगा है। कारों समेत कई उत्पादों की कीमत बढ़ने लगी है। कार निर्माता फोर्ड मोटर ने चिप की कमी के कारण मुनाफे में दो अरब डॉलर का नुकसान का अनुमान जताया है।
विज्ञापन


सैमसंग, इंटेल और ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी ने साल भर चिप की कमी की चेतावनी दी है। सेमीकंडक्टर आधा अरब डॉलर का उद्योग है। आलम ये है कि अकेले ताइवान की फॉक्सकॉन टेक्नोलॉजी ग्रुप या ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी की ओर से आपूर्ति में थोड़ी सी देरी भी वैश्विक उत्पादन रोक सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


निवेश व खास कौशल की जरूरत
इस उद्योग में कम मुनाफे के कारण बड़े-बड़े उत्पादक इन चिपों को बचाने में बनाने में निवेश करने से कतराते रहे हैं। 5 या 7 नैनोमीटर चिप बनाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश लगता है। साथ ही विशेष फैक्ट्रियां और खास कौशल वाले लोगों की जरूरत होती है। महामारी में फैक्ट्रियां बंद रही और अब मांग वापस बढ़ने लगी तो आपूर्ति श्रंखला दबाव में आ गई। दुनिया कुछेक चिप निर्माताओं पर इस कदर निर्भर हैं कि एक फैक्ट्री बंद होने से बड़े बड़े उद्योग प्रभावित हो रहे हैं।

उठने लगी सरकारी फंडिंग की मांग
मौजूदा हालात से निपटने के लिए इंटेल, एवीडिया, क्वालकॉम, वेरिजोन और अन्य निर्माताओं के अधिकारी मिलकर संघीय फंडिंग की मांग कर रहे हैं। इस बीच अमेरिकी सरकार भी फोर्ड से लेकर गूगल जैसी कंपनियों से आपूर्ति श्रंखला दुरुस्त करने को लेकर बात कर रही है।

कई जगहों पर उत्पादन से मिलेगी राहत
जानकारों का कहना है कि मांग पूरी करने के लिए वैश्विक शिपिंग और इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी की मदद से कंपनियां चिपु के उत्पादन के चरणों को अलग-अलग जगह पूरा करा सकती है अगर इसके लिए निजी क्षेत्र तैयार नया हो तो सरकारों को आगे आना होगा।


राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा
हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा है। खुद अमेरिकी रक्षा विभाग को चिपों के आपूर्तिकर्ता स्थापित करने में काफी संघर्ष करना पड़ा है। कुछ चिपों के लिए विदेशी निर्माताओं पर पूरी तरह निर्भरता भूराजनीतिक रूप से भी देश को कमजोर करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed