US: रूस को अमेरिका का संदेश- यूक्रेनी अखंडता-संप्रभुता का उल्लंघन करना बंद करें, जी20 पर यह बोले वेदांत पटेल
वेदांत पटेल ने कहा कि रूस को हम संदेश देना चाहते हैं कि वह यूक्रेन को छोड़ दे। रूस यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करना बंद कर दे।
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अमेरिका का कहना है कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन महत्वपूर्ण विषय है। जी 20 में इसपर चर्चा करने के लिए हम उत्सुक हैं। अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने यूक्रेन और रूस विवाद पर भी बात की। उन्होंने कहा कि रूस को यूक्रेन की अखंडता का उल्लंघन नहीं करना चाहिए।
अमेरिका बोला- हर द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के लिए अनुरोध किया है। बता दें, राणा 2008 के 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले में शामिल था। क्या पीएम मोदी, राष्ट्रपति बाइडन और विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन जी 20 में आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा करेंगे, इस प्रश्न का जवाब देते हुए पटेल ने कहा कि आतंकवाद और जलवायु परिवर्तन निश्चित रूप से गंभीर और महत्वपूर्ण विषय हैं। हम जी 20 शिखर सम्मेलन में भारत के साथ-साथ किसी भी अन्य सदस्य के सात द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं। चाहे वह सुरक्षा सहयोग का विषय हो, जलवायु या ऊर्जा का मुद्दा हो या फिर रूस-यूक्रेन हमले का हम इन सब पर निश्चित रूप से चर्चा करेंगे।
रूस के नाम अमेरिका का संदेश
कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल पूछा गया कि क्या जी 20 शिखर सम्मेलन में रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए कोई समाधान मिलेगा। इसपर पटेल ने कहा कि हम हर उस देश का स्वागत करेंगे, जो संकट की इस घड़ी में यूक्रेन के समर्थन में हैं। रूस को हम संदेश देना चाहते हैं कि वह यूक्रेन को छोड़ दे। रूस यूक्रेन की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का उल्लंघन करना बंद कर दे।
रूस पर साधा था निशाना
एक दिन पहले, वेदांत पटेल ने यूक्रेनी बंदरगाह पर हुए रूसी हमले की निंदा की थी। पटेल ने कहा था कि यूक्रेन के ओडेसा, रेनी और इजमेल में बंदरगाह के बुनियादी ढांचे पर रूस ने हमला किया है। मॉस्को दुनियाभर में अनाज को जरूरतमंद देशों तक पहुंचने से रोक रहा है। यह अस्वीकार्य है। पुतिन को वैश्विक खाद्य सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है। क्रेमलिन के कारण यूक्रेनी किसानों और दुनियाभर के जरूरतमंदों देशों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रूसी हमले के कारण काफी अनाज नष्ट हो गया है।