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अमेरिकी सांसदों ने विदेशी नर्सों और डॉक्टरों को ग्रीन कार्ड देने के लिए अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया विधेयक
Sat, 09 May 2020 09:52 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, वाशिंगटन
पीटीआई, वाशिंगटन
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 09 May 2020 09:52 AM IST
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कोरोना वायरस से पहले मोर्चे पर लड़ रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अमेरिकी सांसदों ने एक विधेयक कांग्रेस में पेश किया है। अमेरिकी सांसदों ने देश में स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करने के लिए हजारों विदेशी नर्सों और डॉक्टरों को ग्रीन कार्ड देने या स्थानीय कानूनी निवास का दर्जा देने वाला एक विधेयक कांग्रेस में पेश किया है।
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‘द हेल्थकेयर वर्कफोर्स रेसिलिएंस एक्ट’ से उन ग्रीन कार्ड्स को जारी किया जा सकेगा जिन्हें पिछले वर्षों में कांग्रेस ने मंजूरी दी थी, लेकिन उन्हें किसी को दिया नहीं गया। इस विधेयक से हजारों अतिरिक्त चिकित्सा पेशेवर अमेरिका में स्थाई रूप से काम कर सकेंगे।
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एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस विधेयक से कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान 25,000 नर्सों और 15,000 डॉक्टरों को ग्रीन कार्ड जारी किए जाएंगे तथा यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चिकित्सा पेशेवरों की कमी न हो। इस कदम से बड़ी संख्या में उन भारतीय नर्सों और डॉक्टरों को फायदा होने की संभावना है, जिनके पास या तो एच-1बी या जे2 वीजा हैं।
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प्रतिनिधि सभा में इस विधेयक को सांसद एबी फिनकेनॉर, ब्रैंड श्नीडर, टॉम कोले और डॉन बैकन ने पेश किया। सीनेट में डेविड परड्यू, डिक डर्बिन, टॉड यंग और क्रिस कून्स ने इस विधेयक को पेश किया।
कांग्रेस सदस्य फिनकेनॉर ने कहा कि हम जानते हैं कि यह वायरस जादुई ढंग से गायब नहीं हो जाएगा और डॉ. एंथनी फॉसी जैसे विशेषज्ञ संक्रमण के दूसरे दौर की चेतावनी दे रहे हैं। खासतौर से ग्रामीण इलाकों में हालात नाजुक हैं और वहां पहले से ही चिकित्सा पेशेवरों की कमी है।