{"_id":"6a39ce1e557b32a1a60c80a6","slug":"us-iran-deal-donald-trump-warns-iran-says-if-tehran-backs-out-of-agreement-i-will-do-what-i-have-to-do-2026-06-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"US Iran Deal: 'अगर ईरान समझौते से पीछे हटा तो मैं वहीं करूंगा, जो मुझे करना होगा', ट्रंप ने दी धमकी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
US Iran Deal: 'अगर ईरान समझौते से पीछे हटा तो मैं वहीं करूंगा, जो मुझे करना होगा', ट्रंप ने दी धमकी
Tue, 23 Jun 2026 05:37 AM IST
Devesh Tripathi
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 23 Jun 2026 05:37 AM IST
सार
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि वह हालिया समझौते की शर्तों का पालन नहीं करता, तो अमेरिका कड़ा रुख अपनाने से पीछे नहीं हटेगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने और क्षेत्रीय स्थिरता बहाल करने के उद्देश्य से बातचीत आगे बढ़ रही है।
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर तेहरान वॉशिंगटन के साथ हुए समझौते का पालन नहीं करता है, तो वह जो करना होगा, वह करेंगे। पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, "अगर ईरान अपने समझौते से पीछे हटता है या उसका व्यवहार ठीक नहीं रहता, तो मैं वही करूंगा जो मुझे करना होगा।"
विज्ञापन
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच पश्चिम एशिया में शांति कायम करने के लिए वार्ता का पहला दौर पूरा हुआ है। बीते हफ्ते ही ट्रंप और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने पिछले सप्ताह एक अंतरिम अमेरिका-ईरान समझौते पर हस्ताक्षर किए थे।
विज्ञापन
ईरानी संपत्तियों को मुक्त करने पर ट्रंप ने रखी क्या शर्त?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के जिन वित्तीय संसाधनों पर से प्रतिबंध हटाया जा रहा है, उनका इस्तेमाल केवल अमेरिका से खाद्य सामग्री खरीदने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "यह सारा पैसा खाद्य खरीद के रूप में वापस आएगा, जिसकी उन्हें बेहद जरूरत है। वहां 9.1 करोड़ लोग हैं और वे उन्हें भोजन नहीं करा पा रहे हैं। इसलिए जिन पैसों को हम मुक्त कर रहे हैं, उसका फायदा हमारे किसानों को मिलेगा।"
विज्ञापन
अमेरिका और ईरान के बीच यह समझौता पश्चिम एशिया में तीन महीने से ज्यादा समय तक छिड़े संघर्ष के बाद हुआ है। गौरतलब है कि अमेरिका और इस्राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष छिड़ गया था। इन हमलों के जवाब में ईरान की ओर से इस्राइल और उन खाड़ी देशों पर किए गए हमले किए गए थे, जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद थे।
पश्चिम एशिया में कम हुआ तनाव
पश्चिम एशिया संघर्ष का असर वैश्विक बाजारों पर भी पड़ा है और इससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। हालांकि, शांति समझौते पर दोनों देशों की ओर से मुहर लगने के बाद से कच्चे तेलों के दामों में गिरावट आई है। इसके बावजूद अभी भी दुनिया के कई देश ऊर्जा संकट से जूझ रहे हैं।