{"_id":"62594e4f6dcaff5e837264a9","slug":"us-human-rights-report-bangladesh-will-give-a-strong-response-to-criticism-minister-said-that-this-report-is-a-lie","type":"story","status":"publish","title_hn":"अमेरिका की मानव अधिकार रिपोर्ट: आलोचना का कड़ा जवाब देगा बांग्लादेश, मंत्री बोले- यह रिपोर्ट एक झूठ","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
अमेरिका की मानव अधिकार रिपोर्ट: आलोचना का कड़ा जवाब देगा बांग्लादेश, मंत्री बोले- यह रिपोर्ट एक झूठ
Fri, 15 Apr 2022 04:21 PM IST
अभिषेक दीक्षित
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, ढाका
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, ढाका
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Fri, 15 Apr 2022 04:21 PM IST
सार
विश्लेषकों के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया को भी ध्यान में रख रही है। भारत के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कुछ रोज पहले टिप्पणी की थी कि अमेरिका भारत में मानव अधिकारों के उल्लंघन पर नजर रख रहा है। इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अगर अमेरिका ऐसा कर रहा है, तो भारत की निगाहें भी अमेरिका में मानव अधिकारों की स्थिति पर हैं।
विज्ञापन
शेख हसीना
- फोटो : Agency (File Photo)
विस्तार
अमेरिका की ताजा मानव अधिकार रिपोर्ट को लेकर बांग्लादेश ने आक्रामक रुख अपना लिया है। पिछले साल जब अमेरिका ने बांग्लादेश के एक अर्ध सैनिक बल पर मानव अधिकारों के उल्लंघन के आरोप में प्रतिबंध लगाए थे, तब बांग्लादेश सफाई देने की मुद्रा में दिखा था। लेकिन इस बार उसके तेवर अलग हैं। अमेरिका ने विभिन्न देशों में मानव अधिकारों की स्थिति पर अपनी ताजा रिपोर्ट 12 अप्रैल को जारी की। उसमें बांग्लादेश के अंदर मानव अधिकारों के घोर उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं।
विज्ञापन
इस पर शेख हसीना वाजेद सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। सरकार की तरफ से कहा गया है कि अमेरिका सरकार ने सरकार विरोधी दुष्प्रचार मशीनरी से तमाम तरह की गलत सूचनाएं इकट्ठी की हैं। बांग्लादेश के विदेश राज्य मंत्री मोहम्मद शहरियार आलम ने एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बांग्लादेश पर जो आरोप लगाए गए हैं, सरकार की तरफ से उसका विस्तृत जवाब अगले रविवार को जारी किया जाएगा। आलम ने कहा कि अमेरिकी रिपोर्ट एक झूठ है। यह हकीकत से बहुत दूर है।
विज्ञापन
विश्लेषकों के मुताबिक, बांग्लादेश सरकार पड़ोसी देशों की प्रतिक्रिया को भी ध्यान में रख रही है। भारत के बारे में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कुछ रोज पहले टिप्पणी की थी कि अमेरिका भारत में मानव अधिकारों के उल्लंघन पर नजर रख रहा है। इसके जवाब में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि अगर अमेरिका ऐसा कर रहा है, तो भारत की निगाहें भी अमेरिका में मानव अधिकारों की स्थिति पर हैं।
विज्ञापन
उधर चीन ने तो और भी ज्यादा आक्रामक रुख अपनाते हुए बुधवार को अमेरिका में मानव अधिकारों के हो रहे उल्लंघनों पर एक रिपोर्ट जारी कर दी। चीन के सरकार समर्थक अखबार ग्लोबल टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में विश्लेषकों के हवाले से कहा कि अमेरिका गलत सूचनाओं के आधार पर दूसरे देशों की मानव अधिकार स्थिति पर रिपोर्ट तैयार करता है, जिसके पीछे मकसद अपनी कूटनीतिक दादागीरी कायम रखना है।
चीन की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका बंदूकों की खुली बिक्री को नियंत्रित करने में नाकाम रहा है। चीनी प्रवक्ता ने ध्यान दिलाया कि जिस रोज अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने मानव अधिकार संबंधी रिपोर्ट जारी की, उसी रोज न्यूयॉर्क में गोलीबारी की भयानक घटना हुई। इसके अलावा चीनी रिपोर्ट में अमेरिका आव्रजकों के साथ भेदभाव और इराक, अफगानिस्तान, सीरिया आदि देशों में अमेरिकी सैनिकों के युद्ध अपराधों का जिक्र किया गया है। साथ ही कहा गया है कि अमेरिका ने कोरोना महामारी को भयानक ढंग से संभाला, जिसकी वजह से वहां नौ लाख 85 हजार से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि मानव अधिकारों के कार्ड खेलना अमेरिका की पुरानी और निरर्थक चाल है। इसके जरिए उन देशों को निशाना बनाया जाता है, जो अमेरिका की नीतियों से सहमत नहीं होते। सच्चाई यह है कि अमेरिकी रिपोर्ट का मानव अधिकारों से कोई लेना-देना नहीं होता है। विश्लेषकों का कहना है कि मानव अधिकार के मुद्दे पर अमेरिकी नैरेटिव पर अलग-अलग देशों में उठ रहे प्रश्नों पर बांग्लादेश के अधिकारियों ने गौर किया है। उनकी विस्तृत प्रतिक्रिया में इस नई स्थिति की झलक देखने को मिल सकती है।