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पश्चिम एशिया संकट: F-15 लड़ाकू विमान गिराने के लिए ईरान ने चीनी मिसाइल का किया था इस्तेमाल, रिपोर्ट में दावा
Sun, 31 May 2026 06:13 AM IST
राकेश कुमार
एजेंसी, वॉशिंगटन।
एजेंसी, वॉशिंगटन।
Published by: राकेश कुमार
Updated Sun, 31 May 2026 06:13 AM IST
सार
अमेरिकी खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि पिछले महीने ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल विमान पर चीन निर्मित कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से हमला हुआ था। दशकों में पहली बार किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान के दुश्मन की गोलीबारी का शिकार होने की इस घटना की जांच जारी है, जबकि चीन ने इन दावों को खारिज कर दिया है।
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एफ-15 विमान (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : ए़डोब (एआई जेनरेटड)
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विस्तार
पिछले महीने दक्षिण-पश्चिमी ईरान के ऊपर मार गिराए गए अमेरिकी एफ-15ई स्ट्राइक ईगल को चीन निर्मित मिसाइल से निशाना बनाया गया था। एनबीसी न्यूज ने सूत्रों के हवालों से बताया कि ये मिसाइलें कंधे से दागी जाती हैं। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने जिस मिसाइल से एफ-15 को गिराया, वह हाल ही में मिली थी या ईरान के पुराने जखीरे से थी।
अमेरिकी अधिकारी अप्रैल में हुई इस घटना की अभी भी जांच कर रहे हैं। दशकों में पहली बार किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को दुश्मन की गोलीबारी से मार गिराया गया। उस समय, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि विमान पर कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से हमला किया गया। इन हथियारों को आमतौर पर मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम या मैनपैड्स के नाम से जाना जाता है। ये करीब सात फीट लंबे होते हैं और इनका वजन लगभग 40 पाउंड होता है। इनका इस्तेमाल अक्सर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। ईरान के चीन में बने सैन्य उपकरणों के इस्तेमाल की खबरों ने अमेरिका-चीन संबंधों में एक नया आयाम जोड़ दिया है। ठीक ऐसे समय में, जब अमेरिका और ईरान के अधिकारी इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
विमान में सवार दोनों क्रू को सुरक्षित बचा लिया गया था
एफ-15 में सवार दो क्रू सदस्यों ने ईरान के ऊपर खुद को सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। पेंटागन के अनुसार, पायलट को सात घंटे के अंदर बचा लिया गया, जबकि वेपन सिस्टम ऑफिसर को दो दिन बाद जाग्रोस पहाड़ों की तलहटी में छिपे रहने के बाद खोजकर बचाया गया।
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चीन ने किया था इनकार
एफ-15 घटना से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा था कि चीन सैन्य उत्पादों के निर्यात के मामले में हमेशा सावधानी और जिम्मेदारी से काम करता है तथा निर्यात नियंत्रण पर चीन के कानूनों और नियमों तथा उचित अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार कड़ा नियंत्रण रखता है।
स्टील्थ विमानों का पता लगाने वाला रडार भी दिए जाने का शक
एक सूत्र और मामले से अवगत एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, संघर्ष के शुरुआती दिनों में चीन ने ईरान को एक लंबी दूरी का अर्ली-वॉर्निंग रडार दिया हो सकता है, जो ऐसे स्टेल्थ विमानों का पता लगाने में सक्षम है जिन्हें पकड़ में न आने के लिए ही डिजाइन किया गया है।
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अमेरिकी अधिकारी अप्रैल में हुई इस घटना की अभी भी जांच कर रहे हैं। दशकों में पहली बार किसी अमेरिकी लड़ाकू विमान को दुश्मन की गोलीबारी से मार गिराया गया। उस समय, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि विमान पर कंधे से दागी जाने वाली मिसाइल से हमला किया गया। इन हथियारों को आमतौर पर मैन-पोर्टेबल एयर डिफेंस सिस्टम या मैनपैड्स के नाम से जाना जाता है। ये करीब सात फीट लंबे होते हैं और इनका वजन लगभग 40 पाउंड होता है। इनका इस्तेमाल अक्सर कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमानों को निशाना बनाने के लिए किया जाता है। ईरान के चीन में बने सैन्य उपकरणों के इस्तेमाल की खबरों ने अमेरिका-चीन संबंधों में एक नया आयाम जोड़ दिया है। ठीक ऐसे समय में, जब अमेरिका और ईरान के अधिकारी इस संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में प्रयास कर रहे हैं।
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विमान में सवार दोनों क्रू को सुरक्षित बचा लिया गया था
एफ-15 में सवार दो क्रू सदस्यों ने ईरान के ऊपर खुद को सुरक्षित रूप से इजेक्ट कर लिया था। पेंटागन के अनुसार, पायलट को सात घंटे के अंदर बचा लिया गया, जबकि वेपन सिस्टम ऑफिसर को दो दिन बाद जाग्रोस पहाड़ों की तलहटी में छिपे रहने के बाद खोजकर बचाया गया।
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चीन ने किया था इनकार
एफ-15 घटना से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए चीनी दूतावास के एक प्रवक्ता ने कहा था कि चीन सैन्य उत्पादों के निर्यात के मामले में हमेशा सावधानी और जिम्मेदारी से काम करता है तथा निर्यात नियंत्रण पर चीन के कानूनों और नियमों तथा उचित अंतरराष्ट्रीय दायित्वों के अनुसार कड़ा नियंत्रण रखता है।
स्टील्थ विमानों का पता लगाने वाला रडार भी दिए जाने का शक
एक सूत्र और मामले से अवगत एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, संघर्ष के शुरुआती दिनों में चीन ने ईरान को एक लंबी दूरी का अर्ली-वॉर्निंग रडार दिया हो सकता है, जो ऐसे स्टेल्थ विमानों का पता लगाने में सक्षम है जिन्हें पकड़ में न आने के लिए ही डिजाइन किया गया है।