फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   US elections 2020: Indian-American voters impact on us election, Why Democrats and Republican luring community, Know all about

डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन का क्यों बढ़ रहा भारत प्रेम? जानें अमेरिकी चुनावों में भारतीय समुदाय का प्रभाव

Sat, 22 Aug 2020 09:34 AM IST
अनवर अंसारी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 22 Aug 2020 09:34 AM IST
विज्ञापन
US elections 2020: Indian-American voters impact on us election, Why Democrats and Republican luring community, Know all about
जो बिडेन और डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : Social Media

अमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और जो बिडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी की तैयारी पूरे जोर—शोर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के करीब आते ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के वोट किस तरफ जाएंगे और ये किस तरह राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करेंगे। 


loader

अमेरिका में इस साल नवंबर में राष्ट्रपति पद के चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और जो बिडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी की तैयारी पूरे जोर—शोर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के करीब आते ही इस बात की चर्चा शुरू हो गई है कि अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के वोट किस तरफ जाएंगे और ये किस तरह राष्ट्रपति चुनावों को प्रभावित करेंगे। 
रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपनी कुर्सी बचाने के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन से मुकाबला करते नजर आएंगे। वहीं, जो बिडेन ने भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार चुनकर भारतीय समुदाय के बीच इस चुनावों की जिज्ञासा को और बढ़ा दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि अमेरिकी राजनीतिक में भारतीय समुदाय कितना अहम है? किस ढंग से वह चुनावों पर असर डाल सकते हैं?

राष्ट्रपति चुनावों में अब 100 से कम दिन रह गए हैं, इसलिए राष्ट्रपति पद के दोनों ही उम्मीदवार भारतीय मूल के लोगों को रिझाने में लग चुके हैं। ट्रंप और बिडेन को इस छोटे लेकिन प्रभावी समुदाय का पता है। इसलिए दोनों ही नेता इन्हें अपने पाले में करने के लिए भरपूर प्रयास कर रहे हैं। 

इस बात का सबूत डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बिडेन द्वारा भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना है। बिडेन को पता है कि हाल ही में, भारतीय मूल के लोगों का वोट रिपब्लिकन की तरफ खिसक रहा है, इसलिए उन्हें ऐसा होने से रोकना होगा। 

यह भी पढ़ें: कमला हैरिस के चयन के बाद बिडेन ने 24 घंटे में जुटाए 2.6 करोड़ अमेरिकी डॉलर
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की लोकप्रियता भारतीय समुदाय में बढ़ रही है। ट्रंप भी इस बात को बखूबी जानते हैं, इसलिए पिछले साल सितंबर में आयोजित 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को ट्रंप ने भुनाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस कार्यक्रम में कहना, 'अबकी बार ट्रंप सरकार' इस बात का सबूत है। 

वहीं, इस साल फरवरी में 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति का आना और लोगों को संबोधित करना, अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय को संदेश है कि रिपब्लिकन पार्टी उनके साथ खड़ी है। हालांकि, हाल ही में एच-1बी वीजा को लेकर भारतीय अमेरिकी नागरिकों का एक समूह ट्रंप से खासा निराश है। 

भारतीय समुदाय तीसरा सबसे बड़ा समुदाय

अमेरिका में रहने वाले भारतीय-अमेरिकी नागरिकों की तादाद 44 लाख के करीब है, जिनमें से 25 लाख के करीब वोट देने के लिए योग्य हैं। एशियाई मूल के लोगों में भारतीय समुदाय तीसरा सबसे बड़ा वोट बैंक है। हालांकि, भारतीय मूल के लोगों की अमेरिका की आबादी में हिस्सेदारी केवल 2 फीसदी ही है, लेकिन अमेरिकी राजनीति में उनका खासा प्रभाव है। 

भारतीय अमेरिकी वोटरों को मूल रूप से डेमोक्रेटिक पार्टी के वोटर्स के रूप में देखा जाता है। लेकिन अब इस ट्रेंड में बदलाव दर्ज किए जा रहे हैं, जहां ज्यादा से ज्यादा भारतीय अमेरिकी नागिरकों का झुकाव रिपब्लिकन पार्टी की तरफ बढ़ रहा है। 

यह भी पढ़ें: ‘अमेरिका में खिला कमल’ हैरिस समर्थकों ने शुरू किया अभियान, बिडेन ने तारीफ कर कहा- मिलकर ट्रंप को देंगे मात 

आंकड़े हैं गवाह 

नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनावों में 40 लाख की आबादी वाले भारतीय समुदाय में 25 लाख संभावित वोटर्स हैं। अरिजोना, फ्लोरिडा, जॉर्जिया, मिशीगन, नॉर्थ कैरोलिना, पेन्सिलवेनिया, टेक्सस और विस्किंसन में ही अकेले 13 लाख वोटर्स हैं। 

डेमोक्रेटिक नेशनल समिति के चेयरमैन टॉम पैरेज ने कहा, भारतीय-अमेरिकी नागरिकों का वोट खासा प्रभावी होगा और ये चुनावों में अंतर लाएगा। उन्होंने कहा, इस समुदाय का वोट उन राज्यों में खासा मायने रखेगा, जहां दोनों ही पार्टियों को मामूली अंतर से जीत मिली थी। 

मिशीगन, विस्किंसन और पेन्सिलवेनिया जैसे राज्यों में यह और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। 2016 के चुनावों में ट्रंप को इन राज्यों में मामूली अंतर से जीत मिली, जिसकी बदौलत उन्हें डेमोक्रेट्स की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन पर जीत हासिल हुई।

कहां कितने वोटर

एशियन अमेरिकन एंड पैसिफिक आइलैंडर (एएपीआई) विक्ट्री फंड के विश्लेषण से पता चलता है कि मिशीगन में 1,25,000 , पेन्सिलवेनिया में 1,56,000 और विस्किंसन में 37,000 भारतीय मूल के वोटर्स हैं। ये इतने प्रभावी हैं कि नेतृत्व में बदलाव की क्षमता रखते हैं। 

पेरेज ने कहा कि भारतीय अमेरिका नागरिकों का वोट फ्लोरिडा (1,93,000 वोटर्स), जॉर्जिया (1,50,000), नॉर्थ कैरोलिना (1,11,000), टेक्सस (4,75,000) और एरिजोना (66,000) में भी खासा प्रभाव डाल सकता है। 

इन आंकड़ों के चलते ही हाल के दिनों में ट्रंप और बिडेन दोनों ही का भारत प्रेम देखा जा रहा है। दोनों ही नेता जानते हैं कि, भारतीय समुदाय का वोट हासिल करके राष्ट्रपति की कुर्सी पर पकड़ मजबूत की जा सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed